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New B.Tech course in Aerospace Engineering launched at IIT Jodhpur; build a career in drone and space technology

IIT जोधपुर में शुरू हुआ एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में  नया BTech कोर्स, ड्रोन और स्पेस टेक्नोलॉजी में बनाएं करियर

New B.Tech course in Aerospace Engineering launched at IIT Jodhpur; build a career in drone and space technology

देश में एविएशन, ड्रोन और अंतरिक्ष क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। ऐसे समय में इन क्षेत्रों में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले छात्रों के लिए एक बड़ी पहल सामने आई है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) जोधपुर ने बीटेक इन एयरोस्पेस इंजीनियरिंग (B.Tech in Aerospace Engineering) नाम से नया स्नातक कार्यक्रम शुरू किया है। इस कोर्स का उद्देश्य ऐसे इंजीनियर तैयार करना है, जो भविष्य की विमानन, रक्षा और अंतरिक्ष तकनीकों पर काम करने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल हासिल कर सकें।

यह नया कार्यक्रम ऐसे समय शुरू किया गया है जब भारत में ड्रोन तकनीक, सैटेलाइट सिस्टम, रक्षा निर्माण और स्पेस सेक्टर में लगातार निवेश बढ़ रहा है। सरकार की नीतियों और निजी कंपनियों की बढ़ती भागीदारी के कारण एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के क्षेत्र में प्रशिक्षित पेशेवरों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है।

आधुनिक तकनीकों पर आधारित होगा पूरा पाठ्यक्रम

IIT जोधपुर ने इस कोर्स का पाठ्यक्रम उद्योग और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया है। छात्रों को एयरक्राफ्ट डिजाइन, एयरोडायनामिक्स, प्रोपल्शन सिस्टम, अनमैन्ड एरियल व्हीकल (UAV), ड्रोन टेक्नोलॉजी, स्पेस इंजीनियरिंग, सैटेलाइट सिस्टम और स्पेसक्राफ्ट से जुड़े विषयों की पढ़ाई कराई जाएगी।

इसके अलावा कोर्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML), ऑटोनॉमस सिस्टम और डिजिटल इंजीनियरिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को भी शामिल किया गया है। इससे छात्रों को पारंपरिक एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के साथ-साथ स्मार्ट और डेटा आधारित तकनीकों की भी समझ विकसित होगी।

JEE के जरिए मिलेगा प्रवेश

इस बीटेक प्रोग्राम में प्रवेश JEE (Joint Entrance Examination) के माध्यम से किया जाएगा। पात्र उम्मीदवारों को निर्धारित प्रवेश प्रक्रिया और काउंसलिंग के जरिए सीटें आवंटित की जाएंगी।

पढ़ाई के दौरान छात्रों को केवल कक्षा तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि रिसर्च, डिजाइन, प्रोटोटाइप तैयार करने, टेस्टिंग और प्रयोगशाला आधारित प्रोजेक्ट्स पर भी काम करने का अवसर मिलेगा। इससे उन्हें उद्योग की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा।

रिसर्च और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर रहेगा विशेष जोर

संस्थान का कहना है कि इस कार्यक्रम में छात्रों को फ्लाइंग सिस्टम, गाइडेंस एंड कंट्रोल सिस्टम, ड्रोन डिजाइन, एयरोडायनामिक्स और प्रोपल्शन जैसी तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और रिसर्च प्रोजेक्ट्स में भाग लेने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी तकनीकी क्षमता और नवाचार की सोच को बढ़ावा मिलेगा।

कोर्स के बाद किन क्षेत्रों में मिलेंगे रोजगार के अवसर?

एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्रों के लिए करियर के कई विकल्प उपलब्ध होंगे। वे एयरोस्पेस कंपनियों, विमानन उद्योग, रक्षा संगठनों, अनुसंधान संस्थानों और स्पेस टेक्नोलॉजी से जुड़ी कंपनियों में काम कर सकते हैं।

इसके अलावा ड्रोन डेवलपमेंट, सैटेलाइट सिस्टम, स्पेस स्टार्टअप्स, एडवांस इंजीनियरिंग रिसर्च, ऑटोनॉमस सिस्टम और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं। भारत के स्पेस सेक्टर में निजी कंपनियों की बढ़ती भागीदारी और ड्रोन उद्योग के विस्तार के कारण आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में योग्य इंजीनियरों की मांग और बढ़ने की संभावना है।

छात्रों के लिए क्यों है यह कोर्स खास?

अगर कोई छात्र विमान, ड्रोन, अंतरिक्ष तकनीक या नई इंजीनियरिंग तकनीकों में रुचि रखता है, तो IIT जोधपुर का यह नया बीटेक कार्यक्रम उसके लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। आधुनिक पाठ्यक्रम, रिसर्च आधारित पढ़ाई, प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और तेजी से बढ़ते एयरोस्पेस सेक्टर की जरूरतों को देखते हुए यह कोर्स छात्रों को भविष्य के रोजगार बाजार के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

 

 

Asmita Sarkar

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