
MCD EduLife 2.0: दिल्ली नगर निगम (MCD) ने सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए EduLife 2.0 पोर्टल लॉन्च किया है। इस पोर्टल के माध्यम से अब अभिभावक अपने बच्चों की पढ़ाई, शैक्षणिक प्रगति, उपस्थिति, मिड-डे मील वितरण और स्कूल की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे।
सिविक सेंटर में आयोजित एक कार्यक्रम में दिल्ली की महापौर प्रवेश वाही ने EduLife 2.0 पोर्टल का उद्घाटन किया। इस अवसर पर शिक्षा विभाग की उपलब्धियों को दर्शाने वाली ‘Achievement Chronicle’ पुस्तक का भी विमोचन किया गया।
अभिभावकों को मिलेगा बच्चों की पढ़ाई से सीधा जुड़ाव
महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि EduLife 2.0 स्कूलों को पूरी तरह तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि इस पोर्टल के जरिए पहली बार अभिभावक शिक्षण और सीखने की पूरी प्रक्रिया से सीधे जुड़ सकेंगे। इससे बच्चों की पढ़ाई पर नियमित निगरानी रखना आसान होगा और स्कूल तथा अभिभावकों के बीच बेहतर संवाद स्थापित होगा।
शिक्षकों के लिए भी होगा उपयोगी
कार्यक्रम में नेता सदन जय भगवान यादव ने कहा कि आधुनिक तकनीक को शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने का लाभ शिक्षकों और छात्रों दोनों को मिलेगा। उनके अनुसार, नए पोर्टल की मदद से शिक्षकों के लिए विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का मूल्यांकन करना अधिक आसान और व्यवस्थित हो जाएगा।
मेधावी छात्रों को मिलेंगे नए अवसर
शिक्षा समिति के अध्यक्ष योगेश वर्मा ने बताया कि EduLife 2.0 पोर्टल पर विद्यालयों के मेधावी छात्रों की सूची भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे खेल अकादमियों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य संगठनों को प्रतिभाशाली छात्रों की पहचान करने और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने में सुविधा होगी।
उन्होंने कहा कि यह पहल छात्रों की प्रतिभा को सही मंच दिलाने के साथ-साथ उन्हें बेहतर शैक्षणिक और खेल अवसरों से जोड़ने में भी मदद करेगी।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
पोर्टल लॉन्च कार्यक्रम में उप महापौर डॉ. मोनिका पंत, स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा, शिक्षा समिति के उपाध्यक्ष अमित खरखड़ी, निगमायुक्त संजीव खिरवार, अतिरिक्त आयुक्त संजीव कुमार मित्तल तथा शिक्षा निदेशक निखिल तिवारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
EduLife 2.0 को एमसीडी की डिजिटल शिक्षा पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। यह पोर्टल न केवल स्कूल प्रशासन और अभिभावकों के बीच पारदर्शिता बढ़ाएगा, बल्कि छात्रों की पढ़ाई और समग्र विकास की निगरानी को भी अधिक प्रभावी बनाएगा।




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