
NEET UG 2026 Paper Leak Row: नीट-यूजी 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी है। इसी बीच आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के प्रदर्शन और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक के आमरण अनशन का समर्थन करते हुए उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
जंतर-मंतर से केंद्र सरकार पर साधा निशाना
जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि युवाओं की आवाज को नजरअंदाज करना केंद्र सरकार के लिए भारी पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से अपील की कि छात्रों की मांगों और सोनम वांगचुक द्वारा उठाए जा रहे मुद्दों को गंभीरता से सुना जाए। केजरीवाल ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि यदि युवाओं की चिंताओं को लगातार अनदेखा किया गया, तो आने वाले चुनावों में इसके राजनीतिक परिणाम भी देखने को मिल सकते हैं।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, सोनम वांगचुक का नाम आगे बढ़ाया
अपने संबोधन के दौरान केजरीवाल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बहाल करने के लिए जवाबदेही तय की जाए। इसी दौरान उन्होंने एक राजनीतिक प्रस्ताव भी रखा और कहा कि शिक्षा सुधार के क्षेत्र में लंबे समय से काम कर रहे सोनम वांगचुक को केंद्रीय शिक्षा मंत्री बनाने पर विचार किया जाना चाहिए।
19वें दिन भी जारी रहा सोनम वांगचुक का अनशन
लद्दाख के इंजीनियर, शिक्षा सुधारक और पर्यावरणविद सोनम वांगचुक कथित NEET UG 2026 अनियमितताओं और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। गुरुवार को उनके अनशन का 19वां दिन पूरा हुआ। उनकी प्रमुख मांगों में परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना और इस मामले में जवाबदेही तय करना शामिल है।
बिगड़ती सेहत पर दिल्ली हाईकोर्ट की चिंता
सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ ने कहा कि प्रत्येक नागरिक का जीवन महत्वपूर्ण है और सरकार का दायित्व है कि वह आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराए।
अदालत ने निर्देश दिया कि जंतर-मंतर पर अनशन के दौरान सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की रोजाना क्लीनिकल मॉनिटरिंग की जाए। यदि डॉक्टरों की राय में किसी भी समय इलाज या अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत महसूस होती है, तो बिना देरी के आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
केंद्र सरकार ने कोर्ट को दिया भरोसा
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सरकारी डॉक्टरों और चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम पहले से ही प्रतिदिन सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त मेडिकल टीम भी तैनात की जा सकती है। सरकार के इस आश्वासन के बाद अदालत ने जनहित याचिका का निपटारा कर दिया।
NEET UG 2026 विवाद क्यों बना बड़ा मुद्दा?
NEET UG 2026 परीक्षा के बाद पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के आरोप सामने आने के बाद कई छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। इसी मुद्दे को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन भी इसी व्यापक असंतोष का हिस्सा माना जा रहा है।




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