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How to become a scientist in the CBI? Discover the complete career roadmap, eligibility criteria, and full details about the AIFSET exam

CBI में वैज्ञानिक कैसे बनें? जानिए पूरा करियर रोडमैप, योग्यता और AIFSET परीक्षा की पूरी जानकारी

How to become a scientist in the CBI? Discover the complete career roadmap, eligibility criteria, and full details about the AIFSET exam

जब भी सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) का नाम आता है, तो लोगों के मन में सबसे पहले बड़े आपराधिक मामलों की जांच करने वाले अधिकारियों की तस्वीर उभरती है। लेकिन इन जांचों के पीछे एक और महत्वपूर्ण टीम होती है, जो वैज्ञानिक तरीकों से सबूतों का विश्लेषण कर मामलों को सुलझाने में अहम भूमिका निभाती है। ये हैं फॉरेंसिक वैज्ञानिक (Forensic Scientists), जो डीएनए, फिंगरप्रिंट, डिजिटल डिवाइस, दस्तावेज और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों की जांच करते हैं।

अगर आपकी रुचि विज्ञान में है और आप वैज्ञानिक तकनीकों के जरिए अपराधों की जांच में योगदान देना चाहते हैं, तो आपके मन में यह सवाल आ सकता है कि क्या CBI में वैज्ञानिक बना जा सकता है? इसका जवाब है—हां, लेकिन इसकी प्रक्रिया आम धारणा से अलग है।

क्या CBI में सीधे ‘Scientist’ की भर्ती होती है?

कई छात्र मानते हैं कि CBI समय-समय पर ‘CBI Scientist’ के पद पर सीधी भर्ती करती है, लेकिन वास्तविकता यह है कि CBI में इस नाम से कोई नियमित भर्ती नहीं होती। जांच एजेंसी वैज्ञानिक जांच के लिए मुख्य रूप से सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री (CFSL) और अन्य सरकारी फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं की सेवाएं लेती है।

इन प्रयोगशालाओं में कार्यरत फॉरेंसिक वैज्ञानिक अपराध स्थल से जुटाए गए साक्ष्यों का विश्लेषण करते हैं, वैज्ञानिक रिपोर्ट तैयार करते हैं और जरूरत पड़ने पर अदालत में विशेषज्ञ गवाह (Expert Witness) के रूप में भी अपनी राय प्रस्तुत करते हैं। कई जटिल मामलों में उनकी रिपोर्ट जांच की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

12वीं के बाद कौन-सा कोर्स करें?

फॉरेंसिक साइंस में करियर बनाने के लिए सबसे पहले 12वीं विज्ञान वर्ग (फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी या मैथ्स) से उत्तीर्ण होना जरूरी है। इसके बाद बीएससी फॉरेंसिक साइंस इस क्षेत्र में प्रवेश का सबसे सीधा और लोकप्रिय विकल्प माना जाता है।

इसके अलावा केमिस्ट्री, बायोटेक्नोलॉजी, बायोलॉजी, फिजिक्स या कंप्यूटर साइंस जैसे विषयों में स्नातक करने के बाद फॉरेंसिक साइंस में स्नातकोत्तर (MSc) या विशेषज्ञता हासिल करके भी इस क्षेत्र में करियर बनाया जा सकता है।

पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों को प्रयोगशाला में काम करने का अनुभव, वैज्ञानिक विश्लेषण, रिपोर्ट लेखन, तार्किक सोच और बारीकी से निरीक्षण करने की क्षमता भी विकसित करनी चाहिए। यही कौशल उन्हें पेशेवर फॉरेंसिक वैज्ञानिक बनने में मदद करते हैं।

AIFSET क्या है और यह कैसे मदद करता है?

ऑल इंडिया फॉरेंसिक साइंस एंट्रेंस टेस्ट (AIFSET) एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है, जिसके माध्यम से भाग लेने वाले विश्वविद्यालयों में फॉरेंसिक साइंस के स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश का अवसर मिलता है।

यह समझना जरूरी है कि AIFSET, CBI की भर्ती परीक्षा नहीं है। इसका उद्देश्य छात्रों को फॉरेंसिक साइंस की उच्च शिक्षा तक पहुंच प्रदान करना है, ताकि वे भविष्य में फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं, अनुसंधान संस्थानों और जांच एजेंसियों से जुड़े वैज्ञानिक कार्यों के लिए आवश्यक शैक्षणिक और व्यावहारिक कौशल विकसित कर सकें।

फॉरेंसिक वैज्ञानिक क्या काम करते हैं?

फॉरेंसिक साइंस की पढ़ाई पूरी करने के बाद उम्मीदवार सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री (CFSL), स्टेट फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री (FSL), सरकारी अनुसंधान संस्थानों और अन्य वैज्ञानिक संगठनों में काम कर सकते हैं।

यहीं से कार्यरत वैज्ञानिक CBI, नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA), राज्य पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों को अपराधों से जुड़े वैज्ञानिक साक्ष्यों की जांच में सहायता प्रदान करते हैं।

अनुभव बढ़ने के साथ विशेषज्ञ डीएनए विश्लेषण, साइबर फॉरेंसिक, टॉक्सिकोलॉजी, बैलिस्टिक्स, डिजिटल फॉरेंसिक और दस्तावेज परीक्षण जैसे विशेष क्षेत्रों में भी विशेषज्ञता हासिल कर सकते हैं।

क्या फॉरेंसिक साइंस एक अच्छा करियर है?

यदि आपकी रुचि विज्ञान, अनुसंधान और प्रयोगशाला आधारित कार्यों में है, तो फॉरेंसिक साइंस एक मजबूत और तेजी से उभरता हुआ करियर विकल्प है। भारत में साइबर अपराध, डिजिटल फ्रॉड, वित्तीय धोखाधड़ी और संगठित अपराध के मामलों में वृद्धि के साथ वैज्ञानिक जांच की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। इसी कारण प्रशिक्षित फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है।

हालांकि इस क्षेत्र में विशेषज्ञ बनने के लिए उच्च शिक्षा, प्रयोगशाला प्रशिक्षण और व्यावहारिक अनुभव की जरूरत होती है, लेकिन यह करियर समाज और न्याय व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देने का अवसर भी प्रदान करता है।

छात्रों के लिए जरूरी सलाह

यदि आपका सपना CBI जैसी जांच एजेंसियों के मामलों में वैज्ञानिक के रूप में योगदान देने का है, तो सबसे पहले मजबूत शैक्षणिक आधार तैयार करें। यह समझना भी जरूरी है कि CBI में सीधे ‘Scientist’ के पद पर नियमित भर्ती नहीं होती। सही रास्ता फॉरेंसिक साइंस की मान्यता प्राप्त डिग्री प्राप्त करना, प्रयोगशाला में अनुभव हासिल करना और वैज्ञानिक संस्थानों में करियर बनाना है।

ऐसे छात्रों के लिए AIFSET एक महत्वपूर्ण शुरुआत साबित हो सकता है, क्योंकि यह फॉरेंसिक साइंस के विशेष पाठ्यक्रमों में प्रवेश का अवसर प्रदान करता है। सही शिक्षा, तकनीकी कौशल और निरंतर मेहनत के साथ आप ऐसा करियर बना सकते हैं, जिसमें हर वैज्ञानिक साक्ष्य न्याय तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

 

Asmita Sarkar

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