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IIT Transfer Case: Plea to transfer IIT on medical grounds reaches Supreme Court; AIIMS to conduct student's health check-up

IIT Transfer Case: मेडिकल आधार पर IIT बदलने की मांग पहुंची सुप्रीम कोर्ट, AIIMS करेगा छात्र की स्वास्थ्य जांच

IIT Transfer Case: Plea to transfer IIT on medical grounds reaches Supreme Court; AIIMS to conduct student's health check-up

IIT Transfer on Medical Grounds: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IIT) में दाखिले के बाद मेडिकल कारणों से संस्थान बदलने की अनुमति मिल सकती है या नहीं, इस महत्वपूर्ण सवाल पर अब सुप्रीम कोर्ट विचार करेगा। इस संबंध में दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने छात्र की स्वास्थ्य स्थिति की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने का फैसला लिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली के निदेशक को विशेषज्ञ डॉक्टरों का मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया है। साथ ही, आईआईटी रुड़की को फिलहाल बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर (B.Arch) कार्यक्रम में एक सीट खाली रखने के लिए कहा गया है, ताकि मामले में अंतिम निर्णय आने तक सीट सुरक्षित रहे।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला आईआईटी खड़गपुर में बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर की पढ़ाई कर रहे अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के एक छात्र से जुड़ा है। छात्र ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मेडिकल आधार पर आईआईटी रुड़की में स्थानांतरण (ट्रांसफर) की अनुमति मांगी है।

याचिका में छात्र ने कहा है कि वह मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) से जुड़ी समस्या का सामना कर रहा है और उसे नियमित थेरेपी की आवश्यकता है। उसके अनुसार, खड़गपुर में आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं और इलाज की निरंतर व्यवस्था उसके लिए आसान नहीं है। यदि उसे आईआईटी रुड़की में पढ़ाई की अनुमति मिलती है, तो वह एम्स ऋषिकेश और चंडीगढ़ में अपना उपचार अधिक सुविधाजनक तरीके से जारी रख सकेगा।

AIIMS के मेडिकल बोर्ड से होगी जांच

मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस बी. वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने AIIMS, नई दिल्ली के निदेशक को छात्र की स्वास्थ्य स्थिति का मूल्यांकन करने के लिए मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया।

अदालत ने छात्र को 20 जुलाई को मेडिकल जांच के लिए AIIMS में उपस्थित होने को कहा है। मेडिकल बोर्ड अपनी जांच पूरी करने के बाद रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपेगा। अदालत इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे का फैसला करेगी।

IIT रुड़की को सीट सुरक्षित रखने का निर्देश

सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि IIT में प्रवेश की अंतिम तिथि 17 जुलाई थी। इसे देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एहतियात के तौर पर आईआईटी रुड़की को निर्देश दिया कि बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर पाठ्यक्रम की एक सीट फिलहाल खाली रखी जाए।

हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि इस सीट पर अंतिम निर्णय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ही लिया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई को निर्धारित की गई है।

क्या मेडिकल आधार पर IIT ट्रांसफर संभव है?

फिलहाल IIT में मेडिकल आधार पर संस्थान परिवर्तन का कोई सामान्य और नियमित प्रावधान नहीं है। ऐसे मामलों में प्रत्येक याचिका की परिस्थितियों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर अदालत या संबंधित संस्थान निर्णय लेते हैं।

इस मामले में भी सुप्रीम कोर्ट यह देखेगा कि छात्र की मेडिकल स्थिति कितनी गंभीर है और क्या मौजूदा नियमों के तहत विशेष परिस्थितियों में संस्थान बदलने की अनुमति दी जा सकती है। अदालत यह भी स्पष्ट कर सकती है कि भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे छात्रों के लिए इस तरह के मामलों में किस प्रकार का दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए।

भविष्य के मामलों पर पड़ सकता है असर

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला केवल एक छात्र तक सीमित नहीं है। यदि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में कोई महत्वपूर्ण कानूनी व्याख्या या दिशा-निर्देश जारी करता है, तो भविष्य में मेडिकल आधार पर IIT या अन्य केंद्रीय उच्च शिक्षण संस्थानों में ट्रांसफर से जुड़े मामलों के लिए यह एक महत्वपूर्ण संदर्भ बन सकता है।

हालांकि, अंतिम फैसला AIIMS के मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट और अदालत की आगे की सुनवाई के बाद ही सामने आएगा।

 

 

 

Asmita Sarkar

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