
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के पहले दिन शिक्षा मंत्रालय ने UGC NET को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में मंत्रालय ने बताया कि UGC NET परीक्षा देने वाले केवल करीब 6 प्रतिशत उम्मीदवार ही असिस्टेंट प्रोफेसर बनने की पात्रता (Eligibility) हासिल कर पाते हैं। मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी कि देशभर में हर वर्ष 11,750 जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) उपलब्ध कराई जाती हैं, जिनके माध्यम से शोधार्थियों को आर्थिक सहायता मिलती है।
यह जानकारी ऐसे समय आई है जब देशभर के लाखों अभ्यर्थी UGC NET जून 2026 परीक्षा के परिणाम और आगे की चयन प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।
शशि थरूर के सवाल पर सरकार का जवाब
यह जानकारी कांग्रेस सांसद शशि थरूर द्वारा लोकसभा में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में दी गई। शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) वर्ष में दो बार यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन-नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (UGC NET) आयोजित करती है।
यह परीक्षा विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद के लिए पात्रता, जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) तथा पीएचडी में प्रवेश के लिए पात्रता निर्धारित करने का प्रमुख माध्यम है।
पीएचडी शोधार्थियों को मिलती हैं कई तरह की फेलोशिप
शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि पीएचडी कर रहे छात्रों को आर्थिक सहायता देने के लिए केंद्र सरकार और विभिन्न संस्थानों की ओर से कई विशेष फेलोशिप योजनाएं संचालित की जाती हैं।
इन योजनाओं का लाभ अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), दिव्यांग (PwD) और एकल बालिका (Single Girl Child) जैसी श्रेणियों के पात्र शोधार्थियों को दिया जाता है।
इसके अलावा पीएचडी छात्र विभिन्न विश्वविद्यालयों में सरकारी और अन्य एजेंसियों द्वारा वित्तपोषित शोध परियोजनाओं (Research Projects) से जुड़कर भी रिसर्च के दौरान वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
UGC Non-NET Fellowship भी देती है सहायता
मंत्रालय ने बताया कि कई विश्वविद्यालय ऐसे भी हैं जहां छात्रों को बिना नियमित फेलोशिप के पीएचडी में प्रवेश दिया जाता है। ऐसे मामलों में UGC Non-NET Fellowship के माध्यम से पात्र शोधार्थियों को स्टाइपेंड उपलब्ध कराया जाता है।
यह योजना विशेष रूप से उन विश्वविद्यालयों और छात्रों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है, जहां रिसर्च के लिए अन्य वित्तीय सहायता सीमित होती है। दूर-दराज के क्षेत्रों और पूर्वोत्तर राज्यों के शोधार्थियों को भी इस व्यवस्था से लाभ मिलता है।
UGC NET जून 2026 की आंसर-की का इंतजार
NTA ने UGC NET जून 2026 सत्र की परीक्षा 22 जून से 30 जून तथा 5 जुलाई 2026 के बीच विभिन्न विषयों के लिए आयोजित की थी। परीक्षा में शामिल लाखों उम्मीदवार फिलहाल प्रोविजनल आंसर-की जारी होने का इंतजार कर रहे हैं। आंसर-की जारी होने के बाद अभ्यर्थियों को निर्धारित समय के भीतर आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर मिलेगा, जिसके बाद अंतिम उत्तर कुंजी और परिणाम घोषित किए जाएंगे।
छात्रों के लिए क्या मायने रखता है यह आंकड़ा?
शिक्षा मंत्रालय द्वारा साझा किए गए आंकड़े बताते हैं कि UGC NET एक अत्यधिक प्रतिस्पर्धी परीक्षा है, जहां असिस्टेंट प्रोफेसर बनने की पात्रता सीमित संख्या में उम्मीदवारों को मिलती है। ऐसे में अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ JRF, रिसर्च फेलोशिप और अन्य वित्तीय सहायता योजनाओं की जानकारी रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।




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