
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) के सहयोग से नई कक्षा 9 गणित और विज्ञान की पाठ्यपुस्तकों पर एक ओरिएंटेशन कार्यशाला का आयोजन किया। यह कार्यक्रम नई दिल्ली के द्वारका स्थित CBSE इंटीग्रेटेड ऑफिस कॉम्प्लेक्स में आयोजित किया गया।
इस कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को संशोधित NCERT पाठ्यपुस्तकों से परिचित कराना और उन्हें कक्षा में इन नई पुस्तकों के प्रभावी उपयोग के लिए आवश्यक प्रशिक्षण देना था।
110 शिक्षकों ने लिया हिस्सा
कार्यशाला में CBSE से संबद्ध स्कूलों के कुल 110 शिक्षकों ने भाग लिया। इनमें 58 गणित और 52 विज्ञान के शिक्षक शामिल थे। इसके अलावा केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) और नवोदय विद्यालय समिति (NVS) के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
कार्यशाला के सत्रों का संचालन NCERT के विशेषज्ञों की टीम ने किया, जिसमें प्रो. अनुप राजपूत, प्रो. के. विजयन और प्रो. आर.आर. कोईरेंग शामिल थे।
नई शिक्षण पद्धतियों पर रहा जोर
कार्यशाला में संशोधित पाठ्यक्रम के कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई। इसमें कम्पीटेंसी आधारित शिक्षण (Competency-Based Learning) पर विशेष जोर दिया गया, ताकि छात्र केवल रटने के बजाय अवधारणाओं को समझकर उनका व्यावहारिक उपयोग कर सकें।
इसके साथ ही शिक्षकों को अनुभवात्मक शिक्षण (Experiential Learning) के तरीकों से भी अवगत कराया गया, जिससे कक्षा में पढ़ाई को वास्तविक जीवन की परिस्थितियों से जोड़ा जा सके। छात्रों की विश्लेषणात्मक और समस्या समाधान क्षमता विकसित करने के लिए नई रणनीतियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
NEP 2020 और NCF-SE 2023 के अनुरूप मूल्यांकन
कार्यशाला के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और राष्ट्रीय स्कूली शिक्षा पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF-SE 2023) के अनुरूप समग्र मूल्यांकन (Holistic Assessment) की नई पद्धतियों पर भी जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने बताया कि नई पुस्तकों और पाठ्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में रचनात्मक सोच, व्यावहारिक ज्ञान और कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना है।
मास्टर ट्रेनर के रूप में निभाएंगे भूमिका
CBSE के अनुसार, इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया गया है। ये शिक्षक अपने-अपने स्कूलों और क्षेत्रों में अन्य शिक्षकों को नई NCERT पुस्तकों और संशोधित पाठ्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षण और मार्गदर्शन देंगे।
बोर्ड का मानना है कि इस तरह के क्षमता निर्माण (Capacity Building) कार्यक्रमों से संबद्ध स्कूलों में नए पाठ्यक्रम को सफलतापूर्वक लागू करने में मदद मिलेगी।
शिक्षा सुधारों को मजबूत बनाने की पहल
CBSE ने कहा कि NEP 2020 के तहत लागू किए जा रहे शिक्षा सुधारों के अनुरूप इस प्रकार की कार्यशालाएं शिक्षकों को नई शिक्षण पद्धतियों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इससे स्कूलों में संशोधित पाठ्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में सहायता मिलेगी।




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