
बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर दुनिया भर में बढ़ती चिंता के बीच फ्रांस सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर सख्त कदम उठाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। फ्रांस की एक संसदीय समिति ने 20 जुलाई (स्थानीय समय) को एक महत्वपूर्ण विधेयक को मंजूरी दी है, जिसके तहत 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है। यदि यह कानून पारित हो जाता है, तो राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की योजना के अनुसार इसे सितंबर 2026 में नए शैक्षणिक सत्र से लागू किया जा सकता है।
यह कदम बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, ऑनलाइन सुरक्षा और डिजिटल लत (Digital Addiction) जैसी बढ़ती चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए उठाया जा रहा है। फ्रांस इस मामले में ऑस्ट्रेलिया के बाद दुनिया के उन देशों में शामिल हो सकता है, जिन्होंने नाबालिगों के सोशल मीडिया उपयोग पर सख्त कानून बनाने की दिशा में ठोस पहल की है।
किन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पड़ेगा असर?
प्रस्तावित कानून लागू होने के बाद 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए कई लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक पहुंच सीमित की जा सकती है। इनमें फेसबुक, इंस्टाग्राम, स्नैपचैट, टिकटॉक और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म शामिल हैं। इन कंपनियों को उपयोगकर्ताओं की उम्र की पुष्टि करने के लिए प्रभावी एज वेरिफिकेशन (Age Verification) प्रणाली लागू करनी होगी।
फ्रांस के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री उन सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म की आधिकारिक सूची जारी करेंगे, जिन पर यह नियम लागू होगा। आयु सत्यापन की तकनीक को फ्रांस के डेटा और गोपनीयता नियामक की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा।
ऑस्ट्रेलिया के मॉडल पर बढ़ रहा फ्रांस
फ्रांस का यह कदम ऑस्ट्रेलिया के हालिया कानून से प्रेरित माना जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया ने दिसंबर 2025 में 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया उपयोग पर प्रतिबंध लगाने वाला दुनिया का पहला व्यापक कानून पारित किया था। उस कानून में भी प्रमुख सोशल मीडिया कंपनियों को बच्चों की उम्र की पुष्टि करने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
अब फ्रांस भी इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है और यूरोप में डिजिटल सुरक्षा के नए मानक स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।
क्या पूरे यूरोपीय संघ में लागू हो सकता है ऐसा नियम?
राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों लंबे समय से इस तरह के प्रतिबंध के पक्षधर रहे हैं। उन्होंने यूरोपीय संघ (EU) के सदस्य देशों से भी बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए साझा नीति बनाने की अपील की है।
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भी बच्चों की सोशल मीडिया तक पहुंच सीमित करने के विचार का समर्थन किया है। हालांकि, पूरे 27 सदस्य देशों में एक समान नियम लागू करने के लिए यूरोपीय संसद और सदस्य देशों के बीच अलग विधायी प्रक्रिया अपनानी होगी। फिलहाल फ्रांस का यह प्रस्ताव राष्ट्रीय स्तर का कानून है, लेकिन भविष्य में यूरोपीय स्तर पर भी ऐसे नियमों पर चर्चा तेज हो सकती है।
स्कूलों में स्मार्टफोन पर भी बढ़ेगी सख्ती
प्रस्तावित विधेयक में केवल सोशल मीडिया ही नहीं, बल्कि स्कूलों में स्मार्टफोन के उपयोग को लेकर भी सख्त प्रावधान शामिल किए गए हैं। योजना के अनुसार हाई स्कूलों में स्मार्टफोन के इस्तेमाल पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए जाएंगे, ताकि छात्र पढ़ाई के दौरान डिजिटल व्यवधान से बच सकें और उनका ध्यान शिक्षा पर केंद्रित रहे।
अब आगे क्या होगा?
संसदीय समिति से मंजूरी मिलने के बाद इस विधेयक पर फ्रांस की नेशनल असेंबली (निचले सदन) में चर्चा होगी। इसके बाद इसे सीनेट में पेश किया जाएगा। दोनों सदनों से मंजूरी मिलने और राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद यह कानून लागू हो सकेगा।
यदि प्रस्तावित समयसीमा के अनुसार प्रक्रिया पूरी होती है, तो सितंबर 2026 से फ्रांस में 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया उपयोग के नियम पूरी तरह बदल सकते हैं।




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