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Safety lapses found in 774 out of 1,677 Delhi schools inspected; highest number of deficiencies in private schools

दिल्ली के 1,677 स्कूलों की जांच में 774 में मिली सुरक्षा खामियां, सबसे ज्यादा कमी निजी स्कूलों में

Safety lapses found in 774 out of 1,677 Delhi schools inspected; highest number of deficiencies in private schools

Delhi School Safety Audit 2026: राजधानी दिल्ली में स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चलाए गए बड़े निरीक्षण अभियान में कई चिंताजनक तथ्य सामने आए हैं। चाइल्ड प्रोटेक्शन मंथ के तहत अब तक 1,677 स्कूलों की जांच की गई, जिनमें 774 स्कूल निर्धारित सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरे। निरीक्षण में सबसे अधिक कमियां निजी (प्राइवेट) स्कूलों में दर्ज की गई हैं। जिन स्कूलों में खामियां मिली हैं, उन्हें तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए हैं और सुधार पूरा होने के बाद दोबारा निरीक्षण किया जाएगा।

यह अभियान बच्चों के लिए सुरक्षित और जवाबदेह स्कूल वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।

13 से 24 जुलाई तक चला विशेष निरीक्षण अभियान

अधिकारियों के अनुसार, यह निरीक्षण अभियान 13 जुलाई से 24 जुलाई 2026 के बीच चलाया गया। जांच राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR), दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (DCPCR) और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के दिशा-निर्देशों के आधार पर तैयार की गई स्टूडेंट सेफ्टी चेकलिस्ट के अनुसार की गई।

निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा से जुड़े सभी आवश्यक मानकों का पालन हो रहा है या नहीं।

किन स्कूलों में मिली सबसे ज्यादा खामियां?

अब तक जिन 1,677 स्कूलों का निरीक्षण किया गया, उनमें—

  • 790 सरकारी स्कूल
  • 812 निजी (प्राइवेट) स्कूल
  • 75 सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल

शामिल थे।

जांच के दौरान—

  • 270 सरकारी स्कूलों
  • 463 निजी स्कूलों
  • 41 सहायता प्राप्त स्कूलों

में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी कमियां पाई गईं।

अधिकारियों का कहना है कि जांच किए गए कुल स्कूलों की तुलना में सबसे अधिक सुरक्षा संबंधी कमियां निजी स्कूलों में सामने आई हैं।

एलजी और मुख्यमंत्री के निर्देश पर शुरू हुआ अभियान

यह विशेष अभियान 6 जुलाई 2026 को हुई समीक्षा बैठक के बाद शुरू किया गया था। बैठक में दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि राजधानी के सभी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मानकों की समयबद्ध जांच की जाए।

इसके बाद विभिन्न विभागों के सहयोग से व्यापक निरीक्षण अभियान शुरू किया गया।

सुधार के बाद होगा दोबारा निरीक्षण

जिन स्कूलों में सुरक्षा संबंधी कमियां मिली हैं, उन्हें आवश्यक सुधार करने के निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि सुधार कार्य पूरा होने के बाद संबंधित स्कूलों का दोबारा निरीक्षण किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी कमियां दूर कर दी गई हैं।

प्रशासन का कहना है कि यह अभियान केवल औपचारिक जांच तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सुधार की वास्तविक स्थिति की भी पुष्टि की जाएगी।

किन-किन विभागों की टीमें कर रही हैं जांच?

निरीक्षण टीमों में कई विभागों और हितधारकों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। इनमें—

  • अभिभावकों के प्रतिनिधि
  • शिक्षा निदेशालय
  • महिला एवं बाल विकास विभाग
  • दिल्ली पुलिस
  • संबंधित स्कूलों के प्रधानाचार्य और प्रशासनिक अधिकारी

शामिल हैं। ये टीमें निर्धारित सुरक्षा मानकों के आधार पर स्कूलों का मूल्यांकन कर रही हैं और जहां भी कमी मिल रही है, वहां तत्काल सुधार की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

सभी 5,633 स्कूलों की होगी जांच

अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक दिल्ली के सभी 5,633 स्कूलों का निरीक्षण पूरा नहीं हो जाता।

इस पहल का उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा को स्कूल प्रशासन की नियमित व्यवस्था का हिस्सा बनाना, सभी शिक्षण संस्थानों में जवाबदेही बढ़ाना और ऐसी व्यवस्था विकसित करना है, जिससे छात्रों के लिए सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित सुरक्षा ऑडिट, समय पर सुधार और सभी संबंधित विभागों की भागीदारी से स्कूलों में बाल सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकता है।

 

 

 

Asmita Sarkar

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