Edinbox Hindi
Science practical classes made mandatory for grades 9 to 12 in Bihar's government schools; new labs to be set up

बिहार के सरकारी स्कूलों में 9वीं से 12वीं तक विज्ञान की प्रायोगिक कक्षाएं अनिवार्य, स्कूलों में बनेंगी नई लैब

Science practical classes made mandatory for grades 9 to 12 in Bihar's government schools; new labs to be set up

बिहार के सरकारी स्कूलों में विज्ञान शिक्षा को अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य शिक्षा विभाग ने 9वीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए विज्ञान विषय की प्रायोगिक कक्षाओं को अनिवार्य करने का फैसला लिया है। इसका उद्देश्य छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय प्रयोगों के माध्यम से विषय की बेहतर समझ देना है।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद विद्यार्थियों को विज्ञान की थ्योरी कक्षाओं के साथ-साथ नियमित रूप से प्रयोगशाला आधारित शिक्षण भी दिया जाएगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे छात्रों की वैज्ञानिक सोच विकसित होगी और बोर्ड परीक्षाओं के साथ-साथ उच्च शिक्षा में भी उन्हें लाभ मिलेगा।

अधिकांश स्कूलों में नहीं हैं विज्ञान प्रयोगशालाएं

बिहार में माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के सरकारी स्कूलों की संख्या 12,047 है। हालांकि इनमें से केवल 3,132 स्कूलों में ही विज्ञान प्रयोगशालाएं उपलब्ध हैं। इसका मतलब है कि राज्य के 70 प्रतिशत से अधिक सरकारी स्कूल अभी भी प्रयोगशाला सुविधाओं से वंचित हैं।

यही कारण है कि शिक्षा विभाग ने प्रयोगात्मक शिक्षा को अनिवार्य बनाने के साथ-साथ स्कूलों में लैब सुविधाओं के विस्तार की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। विभाग का लक्ष्य है कि आने वाले समय में अधिक से अधिक स्कूलों को आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाओं से जोड़ा जाए।

नई लैब स्थापित करने की तैयारी शुरू

शिक्षा विभाग ने स्कूलों को आवश्यक संसाधनों और उपकरणों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी विषयों के लिए अलग-अलग मानकों के अनुसार प्रयोगशालाएं विकसित की जाएंगी।

स्कूलों में बीकर, माइक्रोस्कोप, टेस्ट ट्यूब, स्पेक्ट्रोमीटर, वर्नियर कैलिपर्स, रासायनिक पदार्थ, स्लाइड और अन्य आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। इन संसाधनों की मदद से विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के अनुरूप प्रयोग करने का अवसर मिलेगा।

लैब नहीं होने पर पड़ोसी स्कूलों की मदद

जिन स्कूलों में फिलहाल प्रयोगशाला उपलब्ध नहीं है, वहां पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए विशेष व्यवस्था की गई है। शिक्षा विभाग ने निर्देश दिया है कि नई प्रयोगशालाएं तैयार होने तक ऐसे स्कूल अपने आसपास के लैबयुक्त स्कूलों के सहयोग से प्रायोगिक कक्षाओं का संचालन करें।

इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी छात्र की प्रैक्टिकल शिक्षा बाधित न हो और सभी विद्यार्थियों को समान अवसर मिल सके।

SCERT और DIET के विशेषज्ञ करेंगे सहयोग

प्रयोगशालाओं की स्थापना और संचालन में गुणवत्ता बनाए रखने के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) के विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी।

ये विशेषज्ञ स्कूलों को प्रयोगशालाओं की स्थापना, उपकरणों की खरीद, प्रयोगों के संचालन और शिक्षकों के मार्गदर्शन में सहयोग प्रदान करेंगे। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रयोगशालाएं निर्धारित मानकों के अनुसार विकसित हों और उनका प्रभावी उपयोग हो सके।

स्कूल प्रबंधन समितियों को भी मिली जिम्मेदारी

शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रबंधन समितियों की भूमिका भी तय की है। उन्हें प्रयोगशालाओं के रखरखाव, उपकरणों की सुरक्षा और नियमित निगरानी में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रयोग आधारित शिक्षा छात्रों में जिज्ञासा, विश्लेषण क्षमता और समस्या समाधान कौशल विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में बिहार सरकार का यह कदम विज्ञान शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विज्ञान शिक्षा में बदलाव की नई शुरुआत

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 भी अनुभव आधारित और कौशल केंद्रित शिक्षा पर जोर देती है। बिहार में विज्ञान की प्रायोगिक कक्षाओं को अनिवार्य बनाने का फैसला इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

यदि स्कूलों में प्रयोगशालाओं का विकास तय योजना के अनुसार होता है, तो आने वाले वर्षों में लाखों विद्यार्थियों को बेहतर विज्ञान शिक्षा का लाभ मिल सकेगा। इससे न केवल बोर्ड परीक्षाओं में प्रदर्शन सुधरेगा, बल्कि इंजीनियरिंग, मेडिकल और विज्ञान आधारित अन्य करियर क्षेत्रों के लिए भी छात्रों की तैयारी मजबूत होगी।

 

 

 

Asmita Sarkar

Add comment

Recent posts

Most popular

Most discussed