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Tea Board India Launches India’s First NCVET-Approved Certified Tea Tasting Course for Aspiring Professionals

चाय के शौक को बनाएं प्रोफेशन, Tea Board India ने शुरू किया देश का पहला NCVET-अप्रूव्ड टी टेस्टिंग कोर्स

Tea Board India Launches India’s First NCVET-Approved Certified Tea Tasting Course for Aspiring Professionals

अगर आपको चाय के अलग-अलग स्वाद, खुशबू और गुणवत्ता को समझने में रुचि है, तो अब यह शौक आपके लिए एक पेशेवर करियर का रास्ता भी बन सकता है। भारत के चाय उद्योग को प्रशिक्षित और कुशल पेशेवर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से टी बोर्ड ऑफ इंडिया ने देश का पहला NCVET-अनुमोदित (National Council for Vocational Education and Training) सर्टिफाइड टी टेस्टिंग कोर्स शुरू किया है।

यह पहल ऐसे समय में शुरू की गई है जब भारत और वैश्विक बाजार में प्रीमियम चाय, स्पेशलिटी टी और गुणवत्ता मूल्यांकन से जुड़े विशेषज्ञों की मांग लगातार बढ़ रही है। नए कोर्स के जरिए युवाओं और उद्योग से जुड़े पेशेवरों को टी टेस्टिंग, क्वालिटी असेसमेंट, ब्लेंडिंग और चाय के पेशेवर मूल्यांकन की ट्रेनिंग दी जाएगी।

दार्जिलिंग टी रिसर्च सेंटर से हुई शुरुआत

टी बोर्ड ऑफ इंडिया ने 3 अगस्त 2026 को पश्चिम बंगाल के कर्सियांग स्थित दार्जिलिंग टी रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर में इन स्किल आधारित कोर्सों की शुरुआत की। यह देश का पहला ऐसा टी टेस्टिंग प्रोग्राम है जिसे NCVET की मंजूरी प्राप्त है और जिसे औपचारिक व्यावसायिक शिक्षा प्रणाली का हिस्सा बनाया गया है।

इस पहल का उद्देश्य चाय उद्योग में गुणवत्ता विशेषज्ञों की नई पीढ़ी तैयार करना है, जो घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार की जरूरतों को बेहतर तरीके से समझ सकें।

क्या होती है टी टेस्टिंग?

टी टेस्टिंग केवल चाय पीकर उसका स्वाद बताने तक सीमित नहीं है। यह एक विशेष सेंसरी स्किल है, जिसके जरिए चाय की गुणवत्ता, सुगंध, रंग, स्वाद, ताजगी, मजबूती और आफ्टरटेस्ट का पेशेवर मूल्यांकन किया जाता है।

टी बोर्ड के अनुसार, एक प्रशिक्षित टी टेस्टर मानक परीक्षण प्रक्रियाओं के माध्यम से चाय की ग्रेडिंग, ब्लेंडिंग और बाजार के लिए उपयुक्त उत्पाद के चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यही कारण है कि चाय उद्योग में टी टेस्टर्स की मांग लगातार बढ़ रही है।

कोर्स में क्या पढ़ाया जाएगा?

इस कार्यक्रम के तहत दो अलग-अलग प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। पहला 60 घंटे का सर्टिफिकेट कोर्स है, जिसे “Essentials of Tea Sommelier” नाम दिया गया है। दूसरा 210 घंटे का विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम है।

पहले बैच की शुरुआत 60 घंटे वाले कोर्स से की गई है। इसमें चाय की मूलभूत समझ, प्रोफेशनल टेस्टिंग तकनीक, ब्लेंडिंग के तरीके, गुणवत्ता पहचान और उद्योग के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया है।

कोर्स का पाठ्यक्रम एग्रीकल्चर स्किल काउंसिल ऑफ इंडिया के सहयोग से तैयार किया गया है। इसमें वाणिज्य विभाग, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय तथा चाय उद्योग के विशेषज्ञों की भागीदारी रही है।

NEP 2020 और स्किल फ्रेमवर्क के अनुरूप तैयार सिलेबस

इस कोर्स का सिलेबस राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा (NSQF) को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। NCVET की स्वीकृति मिलने के बाद यह कार्यक्रम देश की औपचारिक व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण प्रणाली का हिस्सा बन गया है।

इसमें कौशल मानक, मूल्यांकन प्रक्रिया और प्रमाणन प्रणाली को भी शामिल किया गया है, जिससे प्रशिक्षित उम्मीदवारों को उद्योग में मान्यता प्राप्त योग्यता मिल सके।

टी इंडस्ट्री में बढ़ रहे हैं करियर के अवसर

भारत दुनिया के प्रमुख चाय उत्पादक और निर्यातक देशों में शामिल है। बदलती उपभोक्ता पसंद और प्रीमियम चाय बाजार के विस्तार के साथ प्रशिक्षित टी टेस्टर्स की मांग तेजी से बढ़ रही है।

सर्टिफाइड उम्मीदवार टी क्वालिटी असेसमेंट, चाय ग्रेडिंग, ब्लेंडिंग, सेंसरी इवैल्यूएशन, टी टेस्टिंग सेशन मैनेजमेंट और गुणवत्ता सुधार जैसे क्षेत्रों में करियर बना सकते हैं। इसके अलावा उन्हें चाय निर्यात कंपनियों, बड़े चाय ब्रांड्स, स्पेशलिटी टी कंपनियों, लक्जरी होटल्स, रिसॉर्ट्स, टी लाउंज और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में भी रोजगार के अवसर मिल सकते हैं।

उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि प्रमाणित प्रशिक्षण के साथ उम्मीदवारों के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर वेतन और पेशेवर विकास की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

कौन कर सकता है आवेदन?

टी बोर्ड ऑफ इंडिया और NCVET द्वारा निर्धारित पात्रता के अनुसार इस कोर्स के लिए वे उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने 12वीं कक्षा या समकक्ष योग्यता प्राप्त की हो।

इसके अलावा टी टेस्टिंग से जुड़े अनुभव रखने वाले उम्मीदवार भी आवेदन के पात्र हैं। पात्रता में NSQF लेवल 3.5 या लेवल 3 प्रमाणन के साथ संबंधित कार्य अनुभव को भी शामिल किया गया है।

यह कोर्स उन युवाओं के लिए उपयोगी है जो चाय उद्योग में करियर बनाना चाहते हैं, साथ ही उन पेशेवरों के लिए भी जो पहले से इस क्षेत्र में कार्यरत हैं और अपनी विशेषज्ञता को और मजबूत करना चाहते हैं।

इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आवेदन प्रक्रिया और कोर्स से जुड़ी विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

भारत के चाय उद्योग में यह पहल कौशल आधारित शिक्षा और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे युवाओं को पारंपरिक उद्योगों में भी विशेषज्ञता आधारित करियर बनाने का मौका मिलेगा।

 

 

 

Asmita Sarkar

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