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Jharkhand Students Agree to Talks with Government Over JPSC-JSSC Exam Irregularity Allegations

JPSC-JSSC परीक्षा विवाद पर सरकार और छात्रों के बीच बातचीत का रास्ता साफ, चार सदस्यीय समिति करेगी संवाद

Jharkhand Students Agree to Talks with Government Over JPSC-JSSC Exam Irregularity Allegations

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब एक अहम मोड़ पर पहुंच गया है। राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए अभ्यर्थी पिछले कई दिनों से रांची में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं और JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) तथा JSSC (झारखंड कर्मचारी चयन आयोग) की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस बीच झारखंड सरकार ने आंदोलनरत छात्रों से बातचीत के लिए चार सदस्यीय मंत्रिस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया है।

राज्य सरकार के इस कदम को गतिरोध समाप्त करने और छात्रों की चिंताओं को सुनने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिक मांग है।

सरकार ने बातचीत के लिए बढ़ाया हाथ

झारखंड सरकार में मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन छात्रों की मांगों को गंभीरता से देख रहे हैं और संवाद के जरिए समाधान निकालना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से छात्रों तक यह संदेश पहुंचा दिया गया है कि बातचीत के लिए दरवाजे खुले हैं।

दीपिका पांडे के अनुसार, छात्रों को अपना प्रतिनिधिमंडल तय करना है, जिसके बाद सरकार द्वारा गठित समिति उनके साथ औपचारिक बातचीत करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य छात्रों की बात सुनना और उनकी चिंताओं का समाधान तलाशना है।

प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे अधिकारी

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से संपर्क स्थापित करने के लिए प्रशासनिक अधिकारी भी सक्रिय हुए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर छात्रों को मुख्यमंत्री की ओर से बातचीत का निमंत्रण दिया।

सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) कुमार रजत और अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (ADM) धनंजय कुमार ने छात्रों से मुलाकात की और उन्हें बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए आमंत्रित किया गया है। प्रस्ताव के अनुसार, छात्रों के प्रतिनिधियों और सरकार के चार सदस्यीय पैनल के बीच बैठक होगी।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पहले भी स्पष्ट किया था कि उनकी सरकार छात्रों की मांगों को सुनने और उचित समाधान निकालने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामलों में जांच एजेंसियां सक्रिय हैं और कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले की जांच गंभीरता से चल रही है और संबंधित एजेंसियां विभिन्न स्तरों पर छापेमारी और जांच कर रही हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि जांच के आधार पर उचित निष्कर्ष तक पहुंचा जाएगा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

जरूरत पड़ी तो केंद्र से भी करेंगे बात

हेमंत सोरेन ने यह भी संकेत दिया कि यदि आवश्यक हुआ तो वह इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से भी चर्चा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री से इस विषय पर बात नहीं की है, लेकिन जरूरत पड़ने पर संवाद किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार सभी नागरिकों और छात्रों की बात सुनने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं और छात्रों की ओर से रखे जाने वाले सुझावों और मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।

वीडियो रिकॉर्डिंग की शर्त पर तैयार हुए छात्र

करीब दो सप्ताह से चल रहे आंदोलन के बीच अब छात्रों ने सरकार के साथ बातचीत के लिए सहमति दे दी है। हालांकि उन्होंने एक महत्वपूर्ण शर्त रखी है। छात्रों का कहना है कि सरकार के साथ होने वाली पूरी बैठक की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जानी चाहिए ताकि वार्ता प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनी रहे और भविष्य में किसी तरह के विवाद की स्थिति न उत्पन्न हो।

शुरुआत में छात्रों ने मुख्यमंत्री आवास पर बातचीत के प्रस्ताव पर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि सरकार को आंदोलन स्थल पर आकर छात्रों से बातचीत करनी चाहिए। बाद में प्रतिनिधियों ने आपसी चर्चा के बाद वार्ता प्रस्ताव पर विचार किया और अब संवाद के लिए तैयार हो गए हैं।

भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग

छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों का कहना है कि उनका आंदोलन केवल एक परीक्षा या एक भर्ती प्रक्रिया तक सीमित नहीं है। वे राज्य में भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता, समयबद्ध नियुक्तियों और कथित अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार और छात्रों के बीच होने वाली यह बातचीत आने वाले दिनों में झारखंड की भर्ती प्रक्रियाओं और परीक्षा व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण दिशा तय कर सकती है। यदि संवाद सकारात्मक रहता है, तो लंबे समय से चल रहे आंदोलन का समाधान निकलने की संभावना बढ़ सकती है।

 

Asmita Sarkar

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