
मध्य प्रदेश मंत्रिपरिषद ने सड़क अवसंरचना, सार्वजनिक स्वास्थ्य, किसान कल्याण और महिला सशक्तिकरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इन फैसलों की कुल अनुमानित लागत लगभग 48,000 करोड़ रुपये बताई गई है। सरकार का कहना है कि इन निर्णयों से राज्य में विकास कार्यों को गति मिलेगी और किसानों, महिलाओं तथा आम नागरिकों को सीधे लाभ पहुंचेगा।
‘किसान वर्ष’ के तहत राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान को जमीन
राज्य सरकार द्वारा घोषित ‘किसान वर्ष’ के विशेष अभियान के तहत कैबिनेट ने सीहोर जिले की इछावर तहसील के भाऊखेड़ी गांव में 20 हेक्टेयर भूमि राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान को स्थायी पट्टे पर देने की मंजूरी दी है।
सरकारी जानकारी के अनुसार, इस भूमि पर कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) की स्थापना की जाएगी। इसका उद्देश्य सोयाबीन अनुसंधान को मजबूत करना और राज्य के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों तथा शोध आधारित जानकारी का लाभ उपलब्ध कराना है।
भोपाल-विदिशा फोरलेन सड़क परियोजना को मंजूरी
राज्य में सड़क संपर्क बेहतर बनाने के लिए कैबिनेट ने 1,757.55 करोड़ रुपये की लागत से भोपाल-विदिशा मार्ग (स्टेट हाईवे-28) को दो लेन से चार लेन में अपग्रेड करने की मंजूरी दी है। यह परियोजना 44.830 किलोमीटर लंबी सड़क पर विकसित की जाएगी और इसमें पक्के शोल्डर भी बनाए जाएंगे।
हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के तहत बनने वाली यह सड़क भोपाल और विदिशा जिलों के बीच आवागमन को आसान बनाएगी। यह मार्ग विश्व धरोहर स्थल सांची स्तूप और कर्क रेखा जैसे महत्वपूर्ण स्थानों से होकर गुजरता है। सरकार को उम्मीद है कि इससे क्षेत्र में औद्योगिक निवेश और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
भोपाल बायपास पर टोल वसूली की अवधि बढ़ी
कैबिनेट ने भोपाल बायपास को छह लेन में विकसित करने के कार्य के मद्देनजर टोल संग्रह की अवधि 31 दिसंबर 2031 तक बढ़ाने का फैसला किया है। आवश्यकता पड़ने पर इसे आगे पांच वर्ष तक बढ़ाने का प्रावधान भी रखा गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए बड़ी राशि स्वीकृत
स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए मंत्रिपरिषद ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के लिए 28,083.47 करोड़ रुपये और आयुष्मान भारत योजना के लिए 12,123.81 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।
सरकार का मानना है कि इन योजनाओं के माध्यम से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा तथा जरूरतमंद लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।
कृषि शिक्षा और वन विभाग की योजनाओं को भी मिला समर्थन
कृषि शिक्षा के क्षेत्र में जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के अगले पांच वर्षों तक संचालन के लिए 795.59 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
इसके अलावा वन विभाग की संयुक्त वन प्रबंधन समितियों (JFM Committees) के माध्यम से स्थानीय मजदूरों और ग्रामीणों को लाभांश वितरण योजना को वर्ष 2030-31 तक जारी रखने के लिए 918 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इस योजना का उद्देश्य वन संरक्षण के साथ स्थानीय समुदायों की आय बढ़ाना है।
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा
महिलाओं के सम्मान और प्रोत्साहन के लिए कैबिनेट ने रानी दुर्गावती राज्य स्तरीय पुरस्कार और रानी अवंती बाई राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार की पुरस्कार राशि बढ़ाकर 2-2 लाख रुपये करने का फैसला किया है।
सरकार का कहना है कि इससे समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा।
देवास पटाखा फैक्ट्री हादसे की जांच को मिला अतिरिक्त समय
मंत्रिपरिषद ने देवास पटाखा फैक्ट्री दुर्घटना की जांच कर रहे आयोग का कार्यकाल तीन महीने के लिए बढ़ाने की मंजूरी भी दी है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की वार्षिक रिपोर्टों को विधानसभा में पेश करने की अनुमति भी दी गई।
इन फैसलों को राज्य के बुनियादी ढांचे, कृषि, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




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