
UGC NET June 2026: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने UGC-NET जून 2026 के English, Commerce और Sociology विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला किया है। जून में आयोजित परीक्षा के प्रश्नपत्रों की जांच के बाद एक समिति ने इनमें कई गंभीर खामियां पाईं। इनमें तथ्यात्मक और टाइपिंग संबंधी गलतियां, भाषा और अनुवाद की दिक्कतें और पहले पूछे जा चुके सवालों का बड़ी संख्या में दोहराया जाना शामिल है। NTA ने माना कि इन खामियों को केवल कुछ सवाल हटाकर ठीक करना उचित नहीं होगा, इसलिए तीनों विषयों की परीक्षा फिर से कराने का फैसला लिया गया।
NTA के इस फैसले के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार और परीक्षा एजेंसी पर सवाल उठाए हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और NTA पर निशाना साधते हुए परीक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग की है। वहीं कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सवाल उठाया कि परीक्षा के करीब दो महीने बाद इन खामियों का पता क्यों चला और इससे प्रभावित होने वाले छात्रों के नुकसान की भरपाई कौन करेगा।
9 और 10 सितंबर को होगी UGC-NET की दोबारा परीक्षा
NTA के घोषित कार्यक्रम के मुताबिक प्रभावित तीन विषयों की परीक्षा सितंबर में फिर से आयोजित की जाएगी। 9 सितंबर 2026 को English और Commerce, जबकि 10 सितंबर 2026 को Sociology की परीक्षा होगी। English की परीक्षा सुबह की शिफ्ट में और Commerce की परीक्षा दोपहर की शिफ्ट में होगी। Sociology का पेपर 10 सितंबर को सुबह आयोजित किया जाएगा।
यह दोबारा परीक्षा केवल इन्हीं तीन विषयों के लिए होगी। बाकी विषयों में आयोजित UGC-NET परीक्षा इस फैसले से प्रभावित नहीं होगी। प्रभावित उम्मीदवारों से दोबारा परीक्षा के लिए अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा।
प्रश्नपत्रों में मिली थीं कई गंभीर गलतियां
NTA की ओर से गठित समिति ने English, Commerce और Sociology के प्रश्नपत्रों की समीक्षा की। जांच में कई तरह की खामियां सामने आईं। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ जगह विद्वानों के नाम गलत लिखे गए, किताबों के शीर्षकों में गलतियां थीं और प्रश्नों की भाषा तथा अनुवाद में भी दिक्कतें पाई गईं।
इसके अलावा प्रश्नपत्रों में ऐसे सवाल भी बड़ी संख्या में पाए गए जो पिछली परीक्षाओं में पूछे जा चुके थे। इन सभी कारणों को देखते हुए समिति ने माना कि इन तीनों प्रश्नपत्रों के साथ निष्पक्ष और त्रुटिरहित परीक्षा सुनिश्चित करना संभव नहीं है।
यही वजह है कि NTA ने केवल गलत सवालों को हटाकर परिणाम जारी करने के बजाय पूरी परीक्षा दोबारा कराने का रास्ता चुना है।
राहुल गांधी ने NTA पर उठाए सवाल
NTA के फैसले के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि English, Commerce और Sociology की परीक्षाएं जून में हुई थीं और करीब दो महीने बाद इन्हें रद्द कर दोबारा कराने का फैसला लिया गया।
राहुल गांधी ने कहा कि हजारों उम्मीदवारों ने परीक्षा की तैयारी में लंबे समय तक मेहनत की, आवेदन शुल्क दिया और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए यात्रा की। अब उन्हें सितंबर में दोबारा परीक्षा देनी होगी। उन्होंने इसे छात्रों के लिए परेशानी बताते हुए NTA की जवाबदेही तय करने की मांग की।
राहुल गांधी ने यह सवाल भी उठाया कि NTA की नेतृत्व व्यवस्था को जिम्मेदार क्यों नहीं ठहराया जा रहा है। उन्होंने परीक्षा से पहले पेपर लीक होने की आशंका को लेकर भी सवाल पूछा है। हालांकि, पेपर लीक होने की बात की NTA की समिति की ओर से पुष्टि नहीं की गई है। मौजूदा कार्रवाई प्रश्नपत्रों में मिली गलतियों और सवालों के दोहराव के आधार पर की गई है। यह अंतर उम्मीदवारों के लिए समझना जरूरी है।
जयराम रमेश ने पूछा- गलती पकड़ने में दो महीने क्यों लगे?
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि अगर प्रश्नपत्रों में इतनी गंभीर गलतियां थीं तो इन्हें परीक्षा के तुरंत बाद क्यों नहीं पहचाना गया।
उनका कहना है कि दोबारा परीक्षा के कारण उन उम्मीदवारों की आगे की पढ़ाई और शैक्षणिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, जो UGC-NET के परिणाम के आधार पर विश्वविद्यालयों में प्रवेश या अकादमिक अवसरों की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि परीक्षा एजेंसी की गलती का नुकसान उम्मीदवारों को क्यों उठाना पड़ रहा है।
छात्रों के लिए क्या बदलेगा?
English, Commerce और Sociology के जिन उम्मीदवारों ने जून 2026 में परीक्षा दी थी, उन्हें अब सितंबर में निर्धारित तारीख पर दोबारा परीक्षा देनी होगी। उम्मीदवारों को नई परीक्षा से संबंधित एडमिट कार्ड, परीक्षा केंद्र और शिफ्ट की जानकारी NTA की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होने वाली सूचना के अनुसार देखनी होगी।
उम्मीदवारों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि इस मामले में सोशल मीडिया पर चल रही पेपर लीक या परीक्षा रद्द होने की अलग-अलग वजहों की खबरों को अंतिम तथ्य न मानें। फिलहाल NTA की कार्रवाई का आधार विशेषज्ञ समिति द्वारा प्रश्नपत्रों में पाई गई तथ्यात्मक, भाषाई, अनुवाद संबंधी गलतियां और प्रश्नों का दोहराव है।
UGC-NET रिजल्ट पर भी पड़ेगा असर
इन तीन विषयों की परीक्षा दोबारा होने के कारण इनके उम्मीदवारों के परिणाम की प्रक्रिया भी नई परीक्षा के बाद आगे बढ़ेगी। वहीं बाकी विषयों के उम्मीदवारों के लिए प्रक्रिया अलग रहेगी। NTA ने तीन विषयों को छोड़कर अन्य विषयों की प्रक्रिया को इस फैसले से प्रभावित नहीं बताया है।
UGC-NET जून 2026 से जुड़े किसी भी नए अपडेट, एडमिट कार्ड या परीक्षा कार्यक्रम के लिए उम्मीदवारों को NTA की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी नोटिस को ही अंतिम मानना चाहिए। NTA Official Website
UGC NET June 2026 की यह स्थिति एक बार फिर परीक्षा संचालन में सटीक प्रश्नपत्र तैयार करने और समय पर गलतियों की पहचान करने की जरूरत को सामने लाती है। फिलहाल प्रभावित उम्मीदवारों के लिए सबसे जरूरी है कि वे दोबारा होने वाली परीक्षा की तैयारी पर ध्यान दें और NTA के आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखें।




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