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Allied Health Courses After 12th: Best Courses, Eligibility, Career Options and Jobs in India

Allied Health Courses After 12th: 12वीं के बाद हेल्थकेयर में करियर के लिए ये कोर्स हैं बेहतर विकल्प

Allied Health Courses After 12th: Best Courses, Eligibility, Career Options and Jobs in India

Allied Health Courses After 12th: 12वीं के बाद हेल्थकेयर सेक्टर में करियर बनाने की बात आती है तो ज्यादातर छात्रों के दिमाग में MBBS और डॉक्टर बनने का विकल्प आता है। खासकर बड़े शहरों के छात्रों के लिए दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद जैसे शहरों में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल प्रमुख विकल्प रहे हैं। हालांकि, अब हेल्थकेयर सेक्टर का विस्तार बड़े शहरों से आगे बढ़कर टियर-2 और टियर-3 शहरों तक हो रहा है। इसके साथ ही प्रशिक्षित Allied Healthcare Professionals यानी सहायक स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विशेषज्ञों की मांग भी बढ़ रही है।

यह उन छात्रों के लिए एक अहम विकल्प हो सकता है, जिन्होंने 12वीं में Physics, Chemistry और Biology (PCB) पढ़ी है, लेकिन MBBS नहीं करना चाहते। मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी, रेडियोलॉजी और इमेजिंग टेक्नोलॉजी, फिजियोथेरेपी, ऑप्टोमेट्री, डायलिसिस थेरेपी, ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी, एनेस्थीसिया टेक्नोलॉजी और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भी हेल्थकेयर सेक्टर में करियर बनाया जा सकता है।

मेट्रो शहरों से बाहर क्यों बढ़ रही है Allied Healthcare Professionals की मांग?

भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था केवल डॉक्टर और नर्सों पर निर्भर नहीं है। किसी मरीज की जांच, स्कैन, लैब टेस्ट, सर्जरी और इलाज के बाद रिकवरी की प्रक्रिया में कई तरह के प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सरकार ने भी इस क्षेत्र में बढ़ती जरूरत को देखते हुए Allied Healthcare Professionals की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया है। मार्च 2026 में भारत सरकार ने अगले पांच वर्षों में करीब 1 लाख अतिरिक्त Allied Healthcare Professionals को तैयार करने और भर्ती करने का लक्ष्य बताया था। हेल्थकेयर में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल, जनसंख्या में बदलाव और गैर-संचारी बीमारियों के बढ़ते मामलों के कारण इन विशेषज्ञों की जरूरत बढ़ रही है।

डायग्नोस्टिक्स, मेडिकल इमेजिंग, फिजियोथेरेपी, इमरजेंसी केयर और एनेस्थीसिया टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में खास तौर पर रोजगार की संभावनाएं बढ़ रही हैं। यह मांग अब केवल महानगरों के बड़े अस्पतालों तक सीमित नहीं है। छोटे शहरों में अस्पताल, डायग्नोस्टिक सेंटर और विशेष इलाज की सुविधाएं बढ़ने के साथ प्रशिक्षित प्रोफेशनल्स के लिए अवसर भी बढ़ रहे हैं।

12वीं के बाद कौन-कौन से Allied Healthcare Courses कर सकते हैं?

12वीं में साइंस स्ट्रीम और खासकर PCB पढ़ने वाले छात्रों के लिए कई Allied Healthcare Courses उपलब्ध हैं। अलग-अलग विश्वविद्यालय और संस्थान अपने नियमों के अनुसार कोर्स और पात्रता तय करते हैं। इनमें BSc Medical Laboratory Science, BSc Medical Radiology and Imaging Technology, BSc Physiotherapy, BSc Optometry, BSc Anaesthesia Technology, BSc Operation Theatre Technology, Dialysis Therapy और Emergency Medical Technology जैसे कोर्स शामिल हैं।

इन कोर्स की अवधि, पात्रता, इंटर्नशिप, एडमिशन प्रक्रिया और पाठ्यक्रम संस्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए किसी भी कोर्स में आवेदन करने से पहले संबंधित विश्वविद्यालय या कॉलेज की लेटेस्ट एडमिशन ब्रोशर और पात्रता शर्तों को जरूर देखना चाहिए।

टियर-2 और टियर-3 शहर क्यों बन रहे हैं बेहतर विकल्प?

हेल्थकेयर में करियर बनाने के लिए हमेशा किसी बड़े शहर से शुरुआत करना जरूरी नहीं है। अस्पतालों, डायग्नोस्टिक सेंटर और विशेष स्वास्थ्य सेवाओं के छोटे शहरों तक पहुंचने से वहां भी प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की जरूरत बढ़ रही है।

छोटे शहरों में पढ़ाई करने का एक फायदा यह भी हो सकता है कि छात्रों का रहने और अन्य खर्च बड़े महानगरों की तुलना में कम हो। साथ ही, स्थानीय स्तर पर काम करने वाले छात्रों को अपने क्षेत्र की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को करीब से समझने का अवसर मिल सकता है।

हेल्थकेयर सुविधाओं के विस्तार के साथ इन प्रोफेशनल्स के लिए काम के क्षेत्र भी बढ़ रहे हैं। Medical Imaging Technologists अस्पतालों, डायग्नोस्टिक सेंटर और इमेजिंग कंपनियों में काम कर सकते हैं। वहीं Medical Laboratory Professionals अस्पतालों, डायग्नोस्टिक लैब, ब्लड बैंक, फार्मास्युटिकल कंपनियों और पब्लिक हेल्थ संस्थानों में करियर बना सकते हैं।

अपनी रुचि के हिसाब से चुनें Allied Healthcare Course

हर छात्र के लिए एक ही Allied Healthcare Course सबसे अच्छा नहीं हो सकता। सही कोर्स का चुनाव छात्र की रुचि, क्षमता और भविष्य के करियर लक्ष्य के आधार पर किया जाना चाहिए।

अगर किसी छात्र को टेक्नोलॉजी और मेडिकल मशीनों में रुचि है तो रेडियोलॉजी और इमेजिंग से जुड़े कोर्स बेहतर विकल्प हो सकते हैं। लैब में काम करने और जांच प्रक्रिया में रुचि रखने वाले छात्र Medical Laboratory Science पर विचार कर सकते हैं।

वहीं मरीजों के साथ सीधे काम करने और उन्हें चोट या बीमारी के बाद सामान्य गतिविधियों में लौटने में मदद करने में रुचि रखने वाले छात्रों के लिए Physiotherapy एक विकल्प हो सकता है। जिन छात्रों की रुचि सर्जरी और ऑपरेशन थिएटर के माहौल में है, वे Operation Theatre Technology और Anaesthesia Technology जैसे कोर्स देख सकते हैं।

हालांकि, केवल कोर्स के नाम के आधार पर कॉलेज का चुनाव नहीं करना चाहिए। कॉलेज की गुणवत्ता, क्लिनिकल एक्सपोजर, लैब सुविधाएं, इंटर्नशिप, फैकल्टी, अस्पतालों के साथ टाई-अप और कोर्स की मान्यता को भी जरूर जांचना चाहिए।

Allied Healthcare Sector में करियर के बढ़ते अवसर

भारत में हेल्थकेयर सेक्टर के विस्तार का मतलब केवल नए अस्पताल बनाना नहीं है। किसी अस्पताल को सही तरीके से चलाने के लिए प्रशिक्षित लैब स्टाफ, इमेजिंग टेक्नोलॉजिस्ट, ऑपरेशन थिएटर टेक्नीशियन, इमरजेंसी केयर स्टाफ और रिहैबिलिटेशन प्रोफेशनल्स की भी जरूरत होती है।

यही वजह है कि टियर-2 और टियर-3 शहरों के छात्रों के लिए Allied Health Education पर ध्यान देना महत्वपूर्ण हो सकता है। यह केवल हेल्थकेयर सेक्टर में नौकरी पाने का रास्ता नहीं है, बल्कि देश की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, प्रभावी और तकनीक आधारित बनाने वाली बड़ी टीम का हिस्सा बनने का अवसर भी है।

12वीं के बाद हेल्थकेयर में करियर बनाने का विकल्प अब केवल MBBS या कोई मेडिकल करियर नहीं तक सीमित नहीं है। Allied Healthcare के कई क्षेत्र छात्रों को अलग-अलग तरह के करियर विकल्प देते हैं। आने वाले वर्षों में भारत के छोटे और मध्यम शहरों से भी बड़ी संख्या में ऐसे हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स सामने आ सकते हैं, जो देश की बदलती स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

 

Asmita Sarkar

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