
17 अगस्त 2026 को टेक्नो इंडिया यूनिवर्सिटी में STEM प्रतिभा के रूप में पहचान बनाने वाले सोबोर्नो इसाक बारी और टेक्नो इंडिया ग्रुप एवं टेक्नो इंडिया यूनिवर्सिटी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और चीफ इनोवेशन ऑफिसर मेघदूत रॉयचौधरी के बीच आमने-सामने विशेष संवाद आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मेघदूत रॉयचौधरी ग्लोबल स्पीकर के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम का आयोजन दोपहर 3:30 बजे TIU सेमिनार हॉल (ग्राउंड फ्लोर) में किया गया। इसका विषय ‘Science, Ambition, Innovation’ था। कार्यक्रम का उद्देश्य युवा छात्रों को सामान्य सोच से आगे बढ़कर नए विचारों और संभावनाओं पर विचार करने के लिए प्रेरित करना था।
इस संवाद में विज्ञान, शिक्षा और इनोवेशन को लेकर दो अलग-अलग दृष्टिकोण सामने आए। सोबोर्नो इसाक बारी ने एक युवा विद्यार्थी और विज्ञान एवं गणित के उत्साही के रूप में अपने विचार साझा किए। उन्होंने कम उम्र में विज्ञान और गणित के क्षेत्र में अपनी उपलब्धियों के साथ एक युवा ग्लोबल स्पीकर के तौर पर भी पहचान बनाई है।
उनके साथ टेक्नो इंडिया ग्रुप और टेक्नो इंडिया यूनिवर्सिटी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एवं चीफ इनोवेशन ऑफिसर मेघदूत रॉयचौधरी ने संवाद किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जिज्ञासा, महत्वाकांक्षा और नए तरीके से सोचने की क्षमता भविष्य को आकार देने में अहम भूमिका निभाती है।
युवा छात्रों को नई सोच अपनाने का संदेश
सत्र में पारंपरिक विचारों और स्थापित मान्यताओं पर सवाल उठाने तथा अपनी रुचियों को आगे बढ़ाने के महत्व पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि युवा छात्र अपनी रुचि और जिज्ञासा के आधार पर विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
कार्यक्रम में ऐसे शैक्षणिक माहौल की जरूरत पर भी चर्चा हुई, जहां छात्रों को अपने विषय या तय सीमाओं से आगे सोचने का अवसर मिले। विज्ञान और इनोवेशन के जरिए भविष्य में सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान खोजने की संभावनाओं पर भी विचार साझा किए गए।
यह कार्यक्रम यूनिवर्सिटी के छात्रों और अन्य सदस्यों के लिए STEM शिक्षा, इनोवेशन, महत्वाकांक्षा और तकनीक के भविष्य के बीच संबंध को समझने का अवसर बना। टेक्नो इंडिया यूनिवर्सिटी की ओर से आयोजित इस ऑफलाइन संवाद का उद्देश्य छात्रों को विज्ञान, तकनीक और इनोवेशन के क्षेत्र में काम कर रहे लोगों से सीधे बातचीत का अवसर देना था।
17 अगस्त को आयोजित इस कार्यक्रम में पूरी यूनिवर्सिटी कम्युनिटी ने हिस्सा लिया। चर्चा के केंद्र में युवा सोच और उनकी क्षमता रही। कार्यक्रम ने इस विचार को मजबूत किया कि जिज्ञासा, खुले मन से नई संभावनाओं को समझने की इच्छा और अलग तरीके से सोचने की क्षमता विज्ञान एवं तकनीक के भविष्य में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है।




Add comment