
IIT Kanpur Cyber Security Course: डिजिटल सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर फ्रॉड, डेटा चोरी, पहचान की चोरी और सोशल मीडिया से जुड़े खतरे भी तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में छात्रों को सिर्फ इंटरनेट चलाना ही नहीं, बल्कि ऑनलाइन दुनिया में सुरक्षित रहना भी सिखाना जरूरी हो गया है। इसी दिशा में IIT कानपुर से जुड़े C3iHub की साइबर सुरक्षा शिक्षा पहल खास महत्व रखती है।
C3iHub IIT कानपुर में स्थापित साइबर सुरक्षा और साइबर-फिजिकल सिस्टम से जुड़ा टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब है। यह भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के National Mission on Interdisciplinary Cyber-Physical Systems के तहत स्थापित किया गया था। C3iHub पहले भी छात्रों और अन्य प्रतिभागियों के लिए ऑनलाइन साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम चला चुका है।
हालांकि, उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के आधार पर 3 लाख छात्रों, 570 से ज्यादा कॉलेजों और DBRAU के साथ हिंदी में शुरू किए गए इसी नए कार्यक्रम के सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है। इसलिए इन आंकड़ों को आधिकारिक घोषणा के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।
हिंदी में साइबर सिक्योरिटी की पढ़ाई क्यों महत्वपूर्ण?
साइबर सुरक्षा से जुड़े कई विषय तकनीकी और अंग्रेजी भाषा वाले होते हैं। ग्रामीण और छोटे शहरों के विद्यार्थियों के लिए ऐसे विषयों को समझना कई बार चुनौतीपूर्ण हो सकता है। हिंदी में प्रशिक्षण उपलब्ध होने से साइबर सुरक्षा की बुनियादी जानकारी ज्यादा छात्रों तक पहुंच सकती है।
C3iHub पहले भी हिंदी भाषा में ऑनलाइन साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम चला चुका है। उसके एक आधिकारिक कार्यक्रम में कंप्यूटर की बुनियादी जानकारी वाले प्रतिभागियों के लिए नेटवर्क सिक्योरिटी, क्रिप्टोग्राफी, एप्लीकेशन सिक्योरिटी और ऑपरेटिंग सिस्टम सिक्योरिटी जैसे विषय शामिल थे। यह कार्यक्रम ऑनलाइन था और इसमें व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया था।
इससे यह स्पष्ट है कि C3iHub के लिए हिंदी में साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण कोई नया विचार नहीं है, बल्कि संस्थान पहले भी इस दिशा में कार्यक्रम संचालित कर चुका है।
छात्रों को साइबर क्राइम और ऑनलाइन सुरक्षा की जानकारी
साइबर सुरक्षा की पढ़ाई केवल हैकिंग या कंप्यूटर सिस्टम की सुरक्षा तक सीमित नहीं है। छात्रों के लिए साइबर हाइजीन, मजबूत पासवर्ड, सुरक्षित इंटरनेट इस्तेमाल, फिशिंग से बचाव, सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने के जोखिम और डेटा की सुरक्षा जैसे विषय भी बेहद जरूरी हैं।
C3iHub के मौजूदा प्रशिक्षण कार्यक्रमों में साइबर क्राइम, नेटवर्क सिक्योरिटी, मोबाइल सिक्योरिटी और साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन जैसे क्षेत्र शामिल हैं। संस्थान की शिक्षा पहल का उद्देश्य छात्रों और पेशेवरों में साइबर सुरक्षा की समझ और कौशल विकसित करना है।
छात्रों को महिलाओं और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा, पहचान की चोरी और निजी डेटा की सुरक्षा जैसे विषयों की जानकारी देना भी आज के डिजिटल माहौल में उपयोगी हो सकता है।
Dark Web और Cyber Terrorism जैसे विषय भी महत्वपूर्ण
साइबर अपराध का दायरा अब सामान्य ऑनलाइन फ्रॉड से काफी आगे बढ़ चुका है। Dark Web, साइबर आतंकवाद, डेटा चोरी और संगठित साइबर अपराध जैसी गतिविधियां भी सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती हैं।
C3iHub की साइबर सुरक्षा गतिविधियों में साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन और क्रिप्टो फॉरेंसिक्स जैसे क्षेत्र भी शामिल हैं। संस्थान का कहना है कि वह साइबर अपराध की जांच और डिजिटल सुरक्षा के लिए तकनीकी समाधान विकसित करने पर काम करता है।
छात्रों के लिए इन विषयों की बुनियादी जानकारी का मकसद गैर-कानूनी गतिविधियों को सीखना नहीं, बल्कि उनके जोखिम को समझना और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार विकसित करना होना चाहिए।
Cyber Security Counselling Cell से मिल सकती है मदद
प्रस्तावित पहल में छात्रों के लिए साइबर सिक्योरिटी काउंसलिंग सेल की बात कही गई है। इसका उद्देश्य साइबर अपराध या ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़ी समस्या का सामना करने वाले विद्यार्थियों को सही जानकारी और मार्गदर्शन देना बताया गया है।
ऐसी व्यवस्था इसलिए महत्वपूर्ण हो सकती है क्योंकि साइबर फ्रॉड का शिकार होने के बाद कई छात्र यह नहीं समझ पाते कि उन्हें तुरंत क्या करना चाहिए। समय पर सही सलाह मिलने से नुकसान को सीमित करने और संबंधित अधिकारियों तक शिकायत पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, इस काउंसलिंग सेल की कार्यप्रणाली, हेल्पलाइन और सेवा शुरू होने की आधिकारिक जानकारी उपलब्ध होने पर ही छात्रों को अंतिम प्रक्रिया के बारे में भरोसा करना चाहिए।
IIT Kanpur का C3iHub पहले से चला रहा है कई प्रशिक्षण कार्यक्रम
C3iHub की वेबसाइट के अनुसार, संस्थान कई तरह के साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करता है। इनमें सरकारी विभागों, पेशेवरों, विश्वविद्यालयों और छात्रों के लिए अलग-अलग स्तर के कार्यक्रम शामिल हैं।
C3iHub का एक Vocational Course in Cybersecurity भी उपलब्ध है, जिसे विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए तैयार किया गया है। इसमें सिस्टम और नेटवर्क सिक्योरिटी, मैलवेयर एनालिसिस, क्रिप्टोग्राफी, IoT और एम्बेडेड सिक्योरिटी जैसे विषय शामिल हैं। यह कार्यक्रम ऑनलाइन है और इसमें व्यावहारिक प्रशिक्षण पर भी जोर दिया गया है।
संस्थान के मुताबिक, उसके प्रशिक्षण कार्यक्रमों का मकसद देश में साइबर सुरक्षा से जुड़े कुशल लोगों की संख्या बढ़ाना और युवाओं को वास्तविक साइबर खतरों से निपटने के लिए तैयार करना है।
छात्रों के लिए क्यों जरूरी है साइबर सुरक्षा की समझ?
आज छात्र ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल पेमेंट, सोशल मीडिया, गेमिंग और अलग-अलग ऐप का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में साइबर सुरक्षा की बुनियादी जानकारी अब सिर्फ कंप्यूटर साइंस के विद्यार्थियों के लिए जरूरी नहीं है।
हर छात्र को यह पता होना चाहिए कि किसी अनजान लिंक पर क्लिक करने से क्या खतरा हो सकता है, OTP या पासवर्ड साझा क्यों नहीं करना चाहिए, सोशल मीडिया पर निजी जानकारी कितनी साझा करनी है और संदिग्ध ईमेल या मैसेज की पहचान कैसे करनी है।
हिंदी जैसे स्थानीय भाषाओं में साइबर सुरक्षा की पढ़ाई इन जानकारियों को ज्यादा बड़े वर्ग तक पहुंचाने में मदद कर सकती है।
डिजिटल भारत के लिए साइबर जागरूकता भी जरूरी
भारत में डिजिटल सेवाओं का विस्तार तेजी से हुआ है। ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट, ई-कॉमर्स और सोशल मीडिया ने रोजमर्रा के काम आसान किए हैं, लेकिन इनके साथ डिजिटल जोखिम भी बढ़े हैं।
ऐसे में स्कूल और कॉलेज स्तर पर साइबर सुरक्षा की बुनियादी जानकारी देना आने वाले समय में उतना ही जरूरी हो सकता है जितना कंप्यूटर और इंटरनेट का इस्तेमाल सिखाना।
IIT कानपुर का C3iHub पहले से साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण, रिसर्च और तकनीकी समाधान के क्षेत्र में काम कर रहा है। अगर हिंदी में बड़े स्तर पर साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण की ऐसी पहल प्रभावी तरीके से लागू होती है, तो इससे छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को भी इस महत्वपूर्ण क्षेत्र से जुड़ने का मौका मिल सकता है।




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