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IIT Kharagpur Launches Texas AI Learning Centre in Houston to Boost Global Academic and Industry Collaboration

IIT Kharagpur Houston Centre: अमेरिका में शुरू हुआ AI Learning Centre, पैन-IIT प्लेटफॉर्म बनाने की तैयारी

IIT Kharagpur Launches Texas AI Learning Centre in Houston to Boost Global Academic and Industry Collaboration

IIT Kharagpur Houston Centre: IIT खड़गपुर ने अमेरिका में अपनी वैश्विक मौजूदगी बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। संस्थान ने ह्यूस्टन के ऐतिहासिक टैगोर सेंटर में Texas AI Learning Centre की शुरुआत की है। इसका उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), स्किल डेवलपमेंट, रिसर्च और इंडस्ट्री की जरूरतों से जुड़े प्रशिक्षण को बढ़ावा देना है। यह पहल IIT खड़गपुर के 75वें स्थापना वर्ष के दौरान शुरू की गई है।

IIT खड़गपुर के अनुसार, ह्यूस्टन सेंटर को आगे चलकर अंतरराष्ट्रीय अकादमिक सहयोग, AI और हेल्थकेयर इनोवेशन, ऊर्जा क्षेत्र में विज्ञान एवं तकनीक और नेतृत्व विकास के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। IIT Kharagpur Foundation USA के मुताबिक, ह्यूस्टन स्थित टैगोर सेंटर को संस्थान के आउटरीच सेंटर के लिए आधार बनाया गया है।

भारत-अमेरिका टेक्नोलॉजी सहयोग को मिलेगा बढ़ावा

सेंटर के उद्घाटन में ह्यूस्टन में भारत के कॉन्सल जनरल डीसी मंजूनाथ, टैगोर सेंटर फाउंडेशन के सह-संस्थापक और IIT Kharagpur Foundation के अध्यक्ष डॉ. Asoke Deysarkar तथा IIT खड़गपुर के निदेशक प्रो. सुमन चक्रवर्ती शामिल हुए।

कार्यक्रम में भारत और अमेरिका के बीच तकनीकी और शैक्षणिक सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया गया। सेंटर की योजना IIT खड़गपुर की वैश्विक पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ अमेरिका में मौजूद भारतीय समुदाय, संस्थान के पूर्व छात्रों और उद्योग जगत के साथ सहयोग को आगे बढ़ाने की है।

IIT Kharagpur Foundation की रिपोर्ट के अनुसार, ह्यूस्टन में बनने वाला आउटरीच सेंटर AI, हेल्थकेयर और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में रिसर्च एवं डेवलपमेंट, अकादमिक सहयोग और नेतृत्व विकास के लिए एक हब के रूप में काम करने की दिशा में तैयार किया जा रहा है।

आगे चलकर पैन-IIT प्लेटफॉर्म बनाने की योजना

IIT खड़गपुर के निदेशक प्रो. सुमन चक्रवर्ती ने सेंटर को भविष्य में केवल IIT खड़गपुर तक सीमित रखने के बजाय व्यापक Pan-IIT platform के रूप में विकसित करने की संभावना जताई है। इसका मकसद अलग-अलग IIT के पूर्व छात्रों और दुनिया के अन्य पेशेवरों को एक साथ लाना है।

ऐसे प्लेटफॉर्म पर प्रोफेशनल डेवलपमेंट और स्किल आधारित पाठ्यक्रम चलाने के साथ उद्योग के सामने मौजूद जटिल समस्याओं पर काम करने की योजना है। इससे IIT के पूर्व छात्रों और अमेरिकी उद्योग के बीच सहयोग के नए अवसर भी बन सकते हैं।

IIT खड़गपुर ने अपने 75वें स्थापना दिवस पर भी ह्यूस्टन और दुबई में रणनीतिक आउटरीच सेंटर विकसित करने की योजना का उल्लेख किया था। संस्थान के अनुसार इन केंद्रों के जरिए अंतरराष्ट्रीय अकादमिक सहयोग और वैश्विक स्तर पर संस्थान की पहुंच बढ़ाने पर काम किया जाएगा।

दो दिवसीय AI सर्टिफिकेट बूटकैंप से शुरुआत

ह्यूस्टन सेंटर की गतिविधियों की शुरुआत दो दिवसीय AI सर्टिफिकेट बूटकैंप से हुई। कार्यक्रम का समन्वय Texas A&M University के प्रोफेसर डॉ. Debjyoti Banerjee ने किया।

बूटकैंप को खास तौर पर इंजीनियरों और वैज्ञानिकों के लिए तैयार किया गया था। इसमें प्रतिभागियों को AI के व्यावहारिक इस्तेमाल से जुड़े विषयों पर काम करने का अवसर मिला। रिपोर्ट के अनुसार कार्यक्रम में तकनीकी लेखन, इंजीनियरिंग कैलकुलेशन, रिसर्च, डिजाइन और निर्णय लेने जैसे कामों में AI के इस्तेमाल पर जोर दिया गया। खास बात यह है कि कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहले से प्रोग्रामिंग या डेटा साइंस की विशेषज्ञता जरूरी नहीं रखी गई थी।

IIT खड़गपुर की वैश्विक पहुंच बढ़ाने की कोशिश

IIT खड़गपुर अपनी 75वीं वर्षगांठ के मौके पर शिक्षा, रिसर्च, इनोवेशन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को अगले चरण में ले जाने की तैयारी कर रहा है। संस्थान ने ह्यूस्टन के अलावा दुबई में भी रणनीतिक आउटरीच सेंटर विकसित करने की योजना रखी है।

ह्यूस्टन सेंटर इसी व्यापक योजना का हिस्सा है। इसका महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि ह्यूस्टन अमेरिका के बड़े टेक्नोलॉजी, ऊर्जा, हेल्थकेयर और रिसर्च केंद्रों में से एक है। IIT खड़गपुर के लिए यहां मौजूद भारतीय मूल के प्रोफेशनल्स, पूर्व छात्रों और उद्योग जगत के साथ जुड़ना अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नए अवसर पैदा कर सकता है।

IIT Kharagpur Foundation के अनुसार, टैगोर सेंटर की संपत्ति को आउटरीच सेंटर की नींव के रूप में उपलब्ध कराया गया है। इसका इस्तेमाल वैश्विक अकादमिक सहयोग, पूर्व छात्रों की भागीदारी और भारत-अमेरिका साझेदारी को मजबूत करने के लिए किया जाना है।

छात्रों और प्रोफेशनल्स के लिए क्या होगा फायदा?

इस सेंटर की गतिविधियां केवल IIT के छात्रों तक सीमित रखने की योजना नहीं है। भविष्य में यहां प्रोफेशनल डेवलपमेंट कोर्स, स्किल ट्रेनिंग, रिसर्च सहयोग और उद्योग से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं।

AI जैसे तेजी से बदलते क्षेत्र में काम कर रहे इंजीनियरों, वैज्ञानिकों और दूसरे प्रोफेशनल्स के लिए ऐसे छोटे अवधि के प्रशिक्षण कार्यक्रम नई तकनीक को अपने काम में इस्तेमाल करने का अवसर दे सकते हैं।

IIT खड़गपुर की यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब संस्थान अपने अगले 75 वर्षों के लिए AI, डीप टेक, रिसर्च और इंडस्ट्री सहयोग को प्रमुख क्षेत्रों में शामिल कर रहा है। इससे ह्यूस्टन सेंटर को सिर्फ एक विदेशी संपर्क कार्यालय के बजाय शिक्षा, तकनीक और उद्योग के बीच सहयोग के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा साफ होती है।

ह्यूस्टन में शुरू हुआ Texas AI Learning Centre IIT खड़गपुर की अंतरराष्ट्रीय विस्तार योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। फिलहाल इसकी शुरुआत AI प्रशिक्षण कार्यक्रम से हुई है, लेकिन आगे इसका दायरा अकादमिक सहयोग, रिसर्च, स्किल डेवलपमेंट और इंडस्ट्री प्रोजेक्ट्स तक बढ़ाने की योजना है। अगर इसे पैन-IIT प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जाता है, तो अमेरिका में मौजूद IIT के पूर्व छात्रों और उद्योग जगत के लिए यह एक साझा सहयोग मंच बन सकता है।

 

Asmita Sarkar

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