
इंडिगो के सह-संस्थापक और आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र राकेश गंगवाल ने अपने पुराने संस्थान को एक बार फिर बड़ी आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। उन्होंने आईआईटी कानपुर के Gangwal School of Medical Sciences and Technology (GSMST) के विकास के लिए अतिरिक्त 300 करोड़ रुपये देने की प्रतिबद्धता जताई है। इससे मेडिकल स्कूल के लिए गंगवाल का कुल योगदान 400 करोड़ रुपये हो जाएगा। आईआईटी कानपुर ने 24 अगस्त 2026 को इसकी जानकारी दी।
गंगवाल ने इससे पहले 2022 में मेडिकल स्कूल की स्थापना के लिए 100 करोड़ रुपये दिए थे। आईआईटी कानपुर के मुताबिक, उस योगदान से संस्थान को मेडिकल स्कूल की योजना को आगे बढ़ाने में मदद मिली थी। अब नई 300 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धता से मेडिकल शिक्षा, रिसर्च, क्लिनिकल इनोवेशन और मेडटेक से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाने का लक्ष्य है।
500 बेड का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और कैंसर सेंटर
GSMST की योजना सिर्फ मेडिकल पढ़ाई तक सीमित नहीं है। आईआईटी कानपुर परिसर में 500 से ज्यादा बेड वाला यदुपति सिंघानिया सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल विकसित किया जा रहा है। इसके साथ 200 बेड का कैंसर केयर और रिसर्च सेंटर भी प्रस्तावित है। आईआईटी कानपुर की मौजूदा जानकारी के अनुसार, कैंसर सेंटर को अलग ऑन्कोलॉजी ब्लॉक के रूप में विकसित करने की योजना है।
सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का उद्देश्य आधुनिक इलाज के साथ मेडिकल रिसर्च और टेक्नोलॉजी आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को जोड़ना है। अस्पताल में गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज के साथ आधुनिक डायग्नोस्टिक और रिसर्च सुविधाएं विकसित करने की योजना है।
गंगवाल की 300 करोड़ रुपये की मदद के साथ मैचिंग ग्रांट भी
आईआईटी कानपुर के अनुसार, राकेश गंगवाल की नई प्रतिबद्धता का एक और महत्वपूर्ण हिस्सा है। वह मेडिकल स्कूल के लिए दूसरे समर्थकों से मिलने वाले योगदान के मुकाबले 300 करोड़ रुपये तक की मैचिंग ग्रांट देने की व्यवस्था करेंगे।
इसका मकसद आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्रों, परोपकारियों और अन्य समर्थकों को मेडिकल स्कूल की परियोजना में योगदान के लिए प्रोत्साहित करना है। संस्थान के मुताबिक, मेडिकल स्कूल के लिए फंडिंग में पूर्व छात्रों, कॉरपोरेट और अन्य दानदाताओं की भी भूमिका है।
इंजीनियरिंग और मेडिकल साइंस को साथ लाने की कोशिश
GSMST को आईआईटी कानपुर की एक ऐसी पहल के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसमें इंजीनियरिंग, विज्ञान, टेक्नोलॉजी और मेडिकल साइंस को एक साथ लाने पर जोर है। इसका लक्ष्य मेडिकल रिसर्च के साथ मेडटेक और नई स्वास्थ्य तकनीकों पर काम करना है।
आईआईटी कानपुर का मानना है कि इंजीनियरिंग और मेडिकल साइंस के बीच मिलकर होने वाला रिसर्च स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी कई जटिल समस्याओं के समाधान में मदद कर सकता है। संस्थान के निदेशक प्रो. मनींद्र अग्रवाल ने कहा कि गंगवाल का नया योगदान मेडिकल स्कूल की योजना को जल्द जमीन पर उतारने में महत्वपूर्ण मदद करेगा।
GSMST के मौजूदा नेतृत्व में प्रो. अनिल के. लालवानी डीन हैं। उन्हें अप्रैल 2026 में स्कूल का पहला डीन नियुक्त किया गया था। वे चिकित्सक, शिक्षक और रिसर्चर हैं तथा कोलंबिया यूनिवर्सिटी से जुड़े रहे हैं।
छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए बढ़ेंगे अवसर
मेडिकल स्कूल और अस्पताल के विकसित होने के बाद यहां मेडिकल शिक्षा और क्लिनिकल रिसर्च के साथ इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी के छात्रों के लिए भी नए अवसर बनने की उम्मीद है।
आईआईटी कानपुर की योजना ऐसे माहौल को विकसित करने की है जहां डॉक्टर, वैज्ञानिक, इंजीनियर और टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ मिलकर स्वास्थ्य क्षेत्र की समस्याओं पर काम कर सकें। मेडटेक, मेडिकल डिवाइस, डायग्नोस्टिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और भविष्य की स्वास्थ्य तकनीकों में इस तरह के सहयोग से रिसर्च को बढ़ावा मिल सकता है। GSMST की आधिकारिक जानकारी में मेडटेक इनोवेशन और तकनीक आधारित स्वास्थ्य समाधान को स्कूल के प्रमुख लक्ष्यों में शामिल किया गया है।
मेडिकल स्कूल की इमारत और अस्पताल का काम आगे बढ़ रहा
आईआईटी कानपुर के अनुसार, GSMST परिसर और यदुपति सिंघानिया सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल से जुड़े निर्माण कार्य में लगातार प्रगति हुई है। परियोजना में मेडिकल स्कूल, अस्पताल, अकादमिक भवन और दूसरी जरूरी सुविधाएं शामिल हैं।
मेडिकल स्कूल का परिसर आईआईटी कानपुर कैंपस में करीब 30 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है। संस्थान के अनुसार, पहले चरण में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, ऑन्कोलॉजी बिल्डिंग, अकादमिक ब्लॉक और दूसरी जरूरी सुविधाएं शामिल हैं।
2022 में मिला था 100 करोड़ रुपये का शुरुआती योगदान
राकेश गंगवाल का आईआईटी कानपुर से पुराना संबंध है। उन्होंने 1975 में IIT Kanpur से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में BTech किया था। 2022 में उन्होंने मेडिकल स्कूल की स्थापना के लिए 100 करोड़ रुपये का योगदान दिया था। इसी योगदान के सम्मान में स्कूल का नाम Gangwal School of Medical Sciences and Technology रखा गया।
आईआईटी कानपुर के 2024-25 के वार्षिक रिपोर्ट में भी गंगवाल के मेडिकल स्कूल के लिए 100 करोड़ रुपये के योगदान का उल्लेख है।
राकेश गंगवाल कौन हैं?
राकेश गंगवाल आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र और एयरलाइन कंपनी IndiGo के सह-संस्थापक हैं। आईआईटी कानपुर की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, वे संस्थान के Distinguished Alumnus हैं और GSMST की Advisory Board से भी जुड़े हैं।
मेडिकल स्कूल के लिए उनका कुल 400 करोड़ रुपये का योगदान आईआईटी कानपुर के लिए एक बड़ा निजी समर्थन है। नई 300 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धता और इसके साथ 300 करोड़ रुपये तक की मैचिंग ग्रांट से संस्थान को मेडिकल शिक्षा, रिसर्च और मेडटेक के क्षेत्र में अपनी योजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।




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