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Delhi Schools on Swine Flu Alert: Education Directorate Issues H1N1 Safety Advisory

दिल्ली के स्कूलों में स्वाइन फ्लू (H1N1) को लेकर अलर्ट, शिक्षा निदेशालय ने जारी की एडवाइजरी

Delhi Schools on Swine Flu Alert: Education Directorate Issues H1N1 Safety Advisory

दिल्ली में मौसमी इन्फ्लुएंजा और स्वाइन फ्लू (H1N1) को लेकर स्कूलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को छात्रों और कर्मचारियों के बीच स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने तथा संक्रमण से बचाव के उपायों को मजबूत करने की सलाह दी है।

दिल्ली शिक्षा निदेशालय पहले भी मौसमी इन्फ्लुएंजा A(H1N1) को लेकर स्कूलों के लिए स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी कर चुका है। इसमें छात्रों, शिक्षकों और स्कूल स्टाफ को बीमारी के लक्षणों और बचाव के तरीकों के बारे में जागरूक करने पर जोर दिया गया था।

क्या हैं स्वाइन फ्लू के लक्षण?

मौसमी इन्फ्लुएंजा/H1N1 में गले में खराश, खांसी, बुखार, ठंड लगना, शरीर में दर्द, सिरदर्द और थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मामलों में सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है। ऐसे लक्षण दिखने पर लापरवाही करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

शिक्षा निदेशालय की सलाह का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में बीमारी को लेकर डर पैदा करना नहीं, बल्कि समय रहते सावधानी बरतना और छात्रों को संक्रमण से बचाव के सामान्य उपायों के बारे में जानकारी देना है।

खांसते और छींकते समय रखें इन बातों का ध्यान

स्कूलों को छात्रों और कर्मचारियों को खांसते या छींकते समय नाक और मुंह ढकने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा गया है। इस्तेमाल किए गए टिश्यू को सही तरीके से फेंकने और साबुन-पानी से नियमित रूप से हाथ धोने की आदत पर भी जोर दिया गया है।

खास तौर पर खाना खाने से पहले और खांसने या छींकने के बाद हाथ साफ करने की सलाह दी गई है। छात्रों को आंख, नाक और मुंह को बार-बार छूने से बचने के लिए भी जागरूक किया जाना चाहिए।

बीमार व्यक्ति से दूरी और जरूरत पर मास्क

जिन लोगों में सांस से जुड़ी बीमारी के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, उनसे उचित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। जरूरत महसूस होने पर मास्क का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।

स्कूलों को कक्षाओं, कॉमन एरिया और बार-बार छुई जाने वाली सतहों की नियमित सफाई करने तथा कमरों में पर्याप्त हवा और वेंटिलेशन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। स्कूल परिसर और सार्वजनिक जगहों पर थूकने से बचने के लिए भी छात्रों को जागरूक किया जाएगा।

छात्रों को स्वस्थ आदतें अपनाने की सलाह

एडवाइजरी में छात्रों और स्कूल स्टाफ को पर्याप्त पानी पीने, पौष्टिक खाना खाने और पर्याप्त आराम करने की सलाह दी गई है। व्यक्तिगत साफ-सफाई का ध्यान रखना भी जरूरी बताया गया है।

छात्रों को बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक या दूसरी दवाएं लेने से बचना चाहिए। फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर स्कूल जाने के बजाय स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।

दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने पहले जारी मौसमी इन्फ्लुएंजा एडवाइजरी में भी फ्लू के लक्षण वाले बच्चों को ठीक होने तक घर पर रहने की सलाह दी थी।

स्कूलों को क्या करना होगा?

दिल्ली के सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के साथ संक्रमण से बचाव के उपायों पर ध्यान देने को कहा गया है। जिला और जोन स्तर के शिक्षा अधिकारियों को इन निर्देशों के पालन की निगरानी करनी होगी।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सभी जिलों और जोन के उप शिक्षा निदेशकों को अनुपालन की संकलित रिपोर्ट 31 अगस्त 2026 तक शिक्षा निदेशालय की हेल्थ स्कूल ब्रांच को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

दिल्ली शिक्षा निदेशालय की वेबसाइट पर स्कूलों के लिए जारी सर्कुलर और स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देश उपलब्ध कराए जाते हैं।

घबराने की नहीं, सावधानी की जरूरत

H1N1 को लेकर स्कूलों में जारी यह अलर्ट छात्रों और स्टाफ को संक्रमण से बचाने के लिए एहतियाती कदम के तौर पर देखा जाना चाहिए। स्कूलों में साफ-सफाई, बेहतर वेंटिलेशन और हाथों की स्वच्छता जैसी सामान्य सावधानियां अपनाने से संक्रमण फैलने का खतरा कम करने में मदद मिल सकती है।

अभिभावकों के लिए भी जरूरी है कि वे बच्चों में फ्लू जैसे लक्षण दिखने पर उन्हें नजरअंदाज न करें। बच्चे की तबीयत खराब होने पर स्कूल भेजने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना और स्कूल को इसकी जानकारी देना बेहतर रहेगा।

 

 

Asmita Sarkar

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