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UP TGT PGT Recruitment 2026: Aspirants Begin Indefinite Protest, Demand Recruitment Under Old Rules

UP TGT PGT Recruitment 2026: पुरानी नियमावली से भर्ती की मांग, प्रयागराज में अभ्यर्थियों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू

UP TGT PGT Recruitment 2026: Aspirants Begin Indefinite Protest, Demand Recruitment Under Old Rules

उत्तर प्रदेश में TGT-PGT भर्ती 2026 को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है। प्रयागराज में युवा मंच के बैनर तले बेरोजगार युवाओं ने पुरानी नियमावली और पुराने परीक्षा पैटर्न के आधार पर भर्ती कराने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से पहले नियमों में बदलाव किए जाने से बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के लिए आवेदन का अवसर प्रभावित हो सकता है।

युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह के नेतृत्व में यह धरना प्रयागराज के पत्थर गिरजाघर, सिविल लाइंस स्थित धरना स्थल पर शुरू हुआ है। संगठन ने कहा है कि सरकार की ओर से उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला आने तक आंदोलन जारी रहेगा।

23,775 पदों पर पुरानी नियमावली से भर्ती की मांग

आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग TGT और PGT के करीब 23,775 रिक्त पदों पर पुरानी नियमावली के आधार पर भर्ती विज्ञापन जारी करने की है। यह आंकड़ा अभ्यर्थियों और युवा मंच की ओर से लंबे समय से उठाई जा रही मांग में सामने आ रहा है। जून में भी प्रयागराज में इसी मांग को लेकर प्रदर्शन हुआ था।

अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से TGT और PGT भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया के ठीक पहले नियमों में बदलाव होने से उन उम्मीदवारों पर सीधा असर पड़ेगा, जो पहले से लागू पात्रता और परीक्षा व्यवस्था के आधार पर तैयारी कर रहे थे।

हालांकि, 23,775 पदों को फिलहाल प्रस्तावित या मांग किए जा रहे रिक्त पदों के आंकड़े के तौर पर देखना चाहिए। जब तक उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) की ओर से अंतिम भर्ती विज्ञापन जारी नहीं होता, तब तक पदों की संख्या और पात्रता की अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं मानी जा सकती।

नए नियमों से पांच लाख अभ्यर्थियों के प्रभावित होने का दावा

आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों का दावा है कि नई शैक्षिक योग्यता लागू होने से करीब पांच लाख अभ्यर्थी प्रस्तावित TGT-PGT भर्ती की प्रक्रिया से बाहर हो सकते हैं। इससे पहले जुलाई में भी अलग-अलग जिलों में युवा मंच से जुड़े लोगों ने इसी मुद्दे को उठाते हुए कहा था कि नई शैक्षिक योग्यता के कारण बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के लिए भर्ती में शामिल होने का रास्ता बंद हो सकता है।

हालांकि, पांच लाख अभ्यर्थियों के प्रभावित होने का आंकड़ा आंदोलनकारी संगठन का दावा है, न कि किसी अंतिम भर्ती विज्ञापन में आयोग द्वारा घोषित आधिकारिक आंकड़ा। इसलिए भर्ती की वास्तविक पात्रता और प्रभावित उम्मीदवारों की संख्या का आकलन नए नियमों और अंतिम विज्ञापन के सामने आने के बाद ही किया जा सकेगा।

क्यों कर रहे हैं पुराने नियमों की मांग?

अभ्यर्थियों का तर्क है कि TGT और PGT भर्ती के लिए पुरानी नियमावली के तहत विज्ञापन जारी होने से उन उम्मीदवारों को आवेदन का मौका मिल सकेगा, जो पहले से निर्धारित योग्यता के आधार पर तैयारी कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक भर्ती लंबे समय से अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण रोजगार अवसर रही है। इसलिए भर्ती नियमों में बदलाव का असर सीधे उम्मीदवारों की पात्रता पर पड़ सकता है।

युवा मंच का कहना है कि पहले से तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को अचानक बदली हुई पात्रता शर्तों के कारण भर्ती प्रक्रिया से बाहर करना उचित नहीं होगा। इसी आधार पर संगठन पुरानी नियमावली के तहत विज्ञापन जारी करने की मांग कर रहा है।

जून से जारी है TGT-PGT भर्ती को लेकर आंदोलन

यह पहली बार नहीं है जब TGT-PGT भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों ने प्रयागराज में प्रदर्शन किया हो। जून 2026 में भी युवा मंच के नेतृत्व में पत्थर गिरजाघर पर आंदोलन हुआ था। उस समय भी करीब 23,775 रिक्त पदों पर पुरानी नियमावली के आधार पर विज्ञापन जारी करने की मांग की गई थी।

जुलाई में आंदोलन को कुछ समय के लिए स्थगित किए जाने की खबरें भी सामने आई थीं। उस दौरान प्रयागराज के जिलाधिकारी की ओर से पुरानी नियमावली के आधार पर विज्ञापन जारी कराने के लिए हर स्तर पर प्रयास करने का आश्वासन दिए जाने की बात कही गई थी।

इसके बावजूद अगस्त में अभ्यर्थियों ने फिर से प्रदर्शन तेज किया। 20 अगस्त को शिक्षा निदेशालय में भी युवा मंच से जुड़े अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया और पुरानी नियमावली के तहत भर्ती का विज्ञापन जारी करने की मांग उठाई।

अब अनिश्चितकालीन धरने का फैसला

31 अगस्त से शुरू किए गए नए धरने को लेकर युवा मंच ने साफ किया है कि अब आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार उनकी मांग पर सकारात्मक फैसला नहीं करती। अभ्यर्थियों ने पुरानी नियमावली और पुराने परीक्षा पैटर्न के आधार पर भर्ती कराने की मांग दोहराई है।

अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जा सकता है। प्रदर्शनकारियों ने आमरण अनशन जैसे अगले कदम की चेतावनी भी दी है।

भर्ती विज्ञापन का इंतजार

फिलहाल TGT-PGT भर्ती को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अभ्यर्थी अंतिम भर्ती विज्ञापन का इंतजार कर रहे हैं। प्रस्तावित रिक्तियों, नई शैक्षिक योग्यता, आयु सीमा, विषयवार पद और परीक्षा पैटर्न की अंतिम स्थिति विज्ञापन जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

इस बीच, अभ्यर्थियों का आंदोलन मुख्य रूप से इस मांग पर केंद्रित है कि आगामी TGT-PGT भर्ती को पुरानी नियमावली के आधार पर कराया जाए। 23,775 पदों का आंकड़ा आंदोलन की प्रमुख मांग में शामिल है, लेकिन इसे अंतिम सरकारी रिक्ति संख्या मानने से पहले UPESSC की आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार करना जरूरी है।

TGT-PGT भर्ती की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए इसलिए सलाह यही है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट सूचनाओं के बजाय UPESSC की आधिकारिक अधिसूचना और शासन की ओर से जारी आदेशों को ही अंतिम मानें।

 

Asmita Sarkar

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