
Himachal Pradesh Government Schools: हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था और अनुशासन को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में CBSE से जुड़े सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति, शिक्षकों के ड्रेस कोड और स्कूलों की सुविधाओं को लेकर कई निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश के 150 CBSE सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की हाजिरी दिन में तीन बार दर्ज की जाएगी। स्कूल पहुंचने के समय, लंच ब्रेक और छुट्टी के समय चेक-इन, लंच और चेक-आउट के आधार पर उपस्थिति दर्ज करना जरूरी होगा। सरकार का उद्देश्य स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति पर बेहतर नजर रखने के साथ अनुशासन और जवाबदेही को मजबूत करना है।
सुबह, लंच और छुट्टी के समय होगी Attendance
नई व्यवस्था में विद्यार्थियों की केवल सुबह स्कूल पहुंचने पर ही हाजिरी नहीं लगेगी। पूरे स्कूल समय के दौरान उनकी उपस्थिति दर्ज करने के लिए तीन चरण तय किए गए हैं।
पहली हाजिरी सुबह स्कूल पहुंचने के समय यानी Check-in पर होगी। दूसरी हाजिरी Lunch Break के दौरान और तीसरी हाजिरी स्कूल से छुट्टी के समय Check-out पर दर्ज की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को इन निर्देशों को प्रभावी तरीके से लागू करने को कहा है। सरकार का मानना है कि इससे स्कूलों में उपस्थिति और अनुशासन को लेकर जवाबदेही बढ़ेगी।
1 अक्टूबर से शिक्षकों के लिए Dress Code अनिवार्य
CBSE सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के लिए अलग Dress Code भी लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्धारित ड्रेस में शिक्षकों को 1 अक्टूबर 2026 से स्कूल आना अनिवार्य होगा।
शिक्षकों को तय ड्रेस खरीदने में मदद के लिए सरकार एकमुश्त ₹5,000 की विशेष वित्तीय सहायता भी देगी। विद्यार्थियों के लिए अलग School Uniform तय करने को लेकर भी अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में अगले एक सप्ताह में फैसला लिया जाना है।
यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हिमाचल सरकार पहले CBSE से जुड़े सरकारी स्कूलों के लिए ड्रेस और यूनिफॉर्म को लेकर अलग व्यवस्था पर काम कर रही थी। राज्य के शिक्षा विभाग ने मार्च 2026 में स्पष्ट किया था कि 2026-27 के दौरान संबंधित स्कूलों में पहले से अपनाई जा रही विद्यार्थियों की यूनिफॉर्म जारी रहेगी और नई व्यवस्था बाद में तय की जाएगी।
CBSE स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि CBSE स्कूलों में करीब 1,200 शिक्षकों की नियुक्ति पहले ही की जा चुकी है और आने वाले समय में और शिक्षकों की भर्ती की जाएगी।
राज्य सरकार का कहना है कि इन स्कूलों का उद्देश्य खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उनके घर के नजदीक बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसके लिए स्कूलों में शिक्षकों और विद्यार्थियों से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करने पर भी काम किया जा रहा है।
CBSE सरकारी स्कूलों के लिए ₹80 करोड़ अतिरिक्त
हिमाचल सरकार CBSE से जुड़े सरकारी स्कूलों में सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए अतिरिक्त ₹80 करोड़ उपलब्ध कराएगी। इस राशि का इस्तेमाल विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए सुविधाएं मजबूत करने और स्कूलों के कामकाज में सुधार के लिए किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को इन स्कूलों के संचालन और सुविधाओं में लगातार सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि CBSE पाठ्यक्रम के साथ सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का स्तर बेहतर करने और विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के अवसरों के लिए तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।
हिमाचल के सरकारी स्कूलों में CBSE पैटर्न पर जोर
हिमाचल प्रदेश सरकार पिछले कुछ समय से सरकारी स्कूलों को CBSE से जोड़ने और वहां आधुनिक शिक्षा व्यवस्था विकसित करने पर काम कर रही है। राज्य सरकार की योजना के तहत कई सरकारी स्कूलों को CBSE से संबद्ध करने की प्रक्रिया चल रही है। सरकारी दस्तावेजों में पहले 200 सरकारी स्कूलों को CBSE से जोड़ने की योजना को मंजूरी दिए जाने का भी उल्लेख है।
सरकार का लक्ष्य सिर्फ बोर्ड बदलना नहीं है, बल्कि इन स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता, शिक्षक व्यवस्था, स्कूल प्रशासन, बुनियादी सुविधाओं और विद्यार्थियों के सीखने के माहौल को बेहतर करना भी है। हिमाचल सरकार की CBSE स्कूल योजना में आधुनिक स्कूल व्यवस्था और राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
छात्रों और शिक्षकों के लिए क्या बदलेगा?
नए फैसलों के बाद CBSE से जुड़े हिमाचल के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति पर ज्यादा निगरानी रहेगी। दिन में तीन बार हाजिरी से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि विद्यार्थी पूरे स्कूल समय में मौजूद हैं या नहीं।
दूसरी ओर, शिक्षकों के लिए 1 अक्टूबर से तय ड्रेस कोड लागू होगा और ड्रेस खरीदने के लिए ₹5,000 की सहायता दी जाएगी। विद्यार्थियों की यूनिफॉर्म को लेकर अभी अंतिम फैसला होना बाकी है।
सरकार का कहना है कि इन कदमों का मकसद सरकारी स्कूलों में अनुशासन, जवाबदेही और पढ़ाई का बेहतर माहौल तैयार करना है। आने वाले समय में CBSE से जुड़े सरकारी स्कूलों में इन व्यवस्थाओं के लागू होने के साथ शिक्षा विभाग की निगरानी और प्रशासनिक व्यवस्था में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।




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