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Communication Design After 12th: Best Entrance Exams for Students Who Are Bad at Drawing

क्या ड्रॉइंग में कमजोर हैं? फिर भी कर सकते हैं Communication Design की पढ़ाई, 12वीं के बाद इन Entrance Exams पर दें ध्यान

Communication Design After 12th: Best Entrance Exams for Students Who Are Bad at Drawing

क्या आपको ऐसे डिजाइन पसंद हैं जो किसी बात को बिना ज्यादा शब्दों के समझा देते हैं? क्या आपको पोस्टर, ब्रांडिंग, सोशल मीडिया विजुअल्स, वेबसाइट, एनीमेशन या किसी विज्ञापन के जरिए कहानी बताने का तरीका आकर्षित करता है? क्या आप रंगों, फॉन्ट और डिजाइन के लेआउट को घंटों देखते रहते हैं?

लेकिन अगर आप ड्रॉइंग में बहुत अच्छे नहीं हैं, तो हो सकता है कि यही बात आपको 12वीं के बाद Communication Design चुनने से रोक रही हो।

डिजाइन कोर्स चुनने से पहले कई छात्रों के मन में यह सवाल आता है। हालांकि, Communication Design की पढ़ाई के लिए एक बेहतरीन कलाकार होना जरूरी नहीं है।

हां, एक बात जरूर समझनी चाहिए। हर Communication Design course में एडवांस ड्रॉइंग जरूरी नहीं होती, लेकिन कुछ डिजाइन एंट्रेंस एग्जाम में ड्रॉइंग, स्केचिंग, ऑब्जर्वेशन और विजुअलाइजेशन की क्षमता को परखा जा सकता है। इसलिए असली सवाल यह नहीं है कि आप कितनी अच्छी ड्रॉइंग बना सकते हैं। असली सवाल यह है कि क्या आप किसी विचार को विजुअल तरीके से समझा सकते हैं और जरूरत पड़ने पर अपनी बेसिक ड्रॉइंग स्किल सुधारने के लिए तैयार हैं?

अगर आप 12वीं के बाद Communication Design करना चाहते हैं, तो आपको यह समझना जरूरी है कि कौन-कौन से एंट्रेंस एग्जाम आपके लिए विकल्प हो सकते हैं और किस स्थिति में AIDAT आपके लिए उपयोगी विकल्प हो सकता है।

क्या Communication Design के लिए Drawing जरूरी है?

नहीं। सभी Communication Design courses में एडवांस लेवल की ड्रॉइंग स्किल जरूरी नहीं होती।

Communication Design का मुख्य उद्देश्य किसी विचार, संदेश या अनुभव को विजुअल और डिजिटल माध्यमों से लोगों तक पहुंचाना है। कोर्स के अनुसार छात्रों को Graphic Design, Typography और Branding, Illustration, Photography, Motion Graphics, Animation, Digital Media, Visual Storytelling और UI/UX जैसे क्षेत्रों में काम करने का मौका मिल सकता है।

Communication Design पढ़ने का मतलब यह नहीं है कि आप Fine Artist या Illustrator बनने की ट्रेनिंग ले रहे हैं।

एक Communication Designer के सामने कई तरह के सवाल हो सकते हैं, जैसे:

  • किसी ब्रांड की पहचान और व्यक्तित्व को बेहतर तरीके से कैसे दिखाया जाए?
  • किसी जानकारी को लोगों के लिए आसान और समझने योग्य कैसे बनाया जाए?
  • किसी पोस्टर को इस तरह कैसे डिजाइन किया जाए कि लोगों का ध्यान सही जगह जाए?
  • किसी ऐप के इंटरफेस को ज्यादा आसान और यूजर-फ्रेंडली कैसे बनाया जाए?
  • सोशल मीडिया कैंपेन के जरिए कुछ सेकंड में किसी विचार को कैसे समझाया जाए?
  • किसी विजुअल स्टोरी के जरिए सही भावना कैसे पैदा की जाए?

इन सवालों के जवाब देने के लिए आपको सुंदर ड्रॉइंग बनाने की जरूरत नहीं है। इसके लिए ऑब्जर्वेशन, नए विचार, विजुअल सोच और समस्या का समाधान करने की क्षमता ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकती है।

उदाहरण के लिए, UCEED के आधिकारिक सिलेबस में Drawing और Design Aptitude को अलग-अलग हिस्सों के रूप में देखा जाता है। Design Aptitude में समस्याओं और परिस्थितियों को नए और संवेदनशील तरीके से हल करने की क्षमता शामिल है।

इसलिए अगर आपके मन में यह विचार है कि “मैं ड्रॉइंग नहीं कर सकता, इसलिए मैं Designer नहीं बन सकता”, तो यह सोच पूरी तरह सही नहीं है।

क्या Communication Design Entrance Exam में Drawing देनी पड़ती है?

कभी-कभी हां।

यही वह जगह है जहां Design Aspirants को सावधान रहने की जरूरत है। भारत में Communication Design के लिए कोई एक ऐसा Entrance Exam नहीं है, जो हर कॉलेज और हर कोर्स पर लागू होता हो। अलग-अलग यूनिवर्सिटी और संस्थानों की Admission Process अलग हो सकती है।

किसी कॉलेज में अपना Design Test हो सकता है, जबकि दूसरे संस्थान में AIDAT, NID DAT, UCEED या संस्थान का अपना Entrance Test स्वीकार किया जा सकता है।

इन सभी परीक्षाओं में छात्रों की क्षमता को एक ही तरीके से नहीं परखा जाता। इसलिए Communication Design में रुचि रखने वाले छात्रों के लिए AIDAT भी एक विकल्प हो सकता है।

Communication Design Admission के लिए AIDAT

अगर आप 12वीं के बाद अपने करियर विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, तो All India Design Aptitude Test यानी AIDAT को भी एक विकल्प के रूप में देख सकते हैं।

मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10+2 की पढ़ाई पूरी करने वाले उम्मीदवार Undergraduate Diploma और Degree Courses के लिए आवेदन कर सकते हैं। AIDAT में Communication Design के साथ Graphic Design, Fashion Design, Interior Design, Product Design, UX और अन्य Creative Disciplines से जुड़े विकल्प भी शामिल हैं।

यह उन छात्रों के लिए उपयोगी हो सकता है जो अभी यह तय नहीं कर पाए हैं कि उन्हें Design की किस खास शाखा में जाना है। इसकी वजह यह है कि प्रक्रिया केवल Drawing Test तक सीमित नहीं है।

दिए गए विवरण के अनुसार AIDAT की Level 1 परीक्षा में 100 MCQ आधारित प्रश्न होते हैं और परीक्षा की अवधि 60 मिनट है। इसके बाद Portfolio Round, Counselling और Interview जैसी प्रक्रियाएं हो सकती हैं।

इसके सिलेबस में Design Aptitude, 2D/3D Visualization, Observation, Design Principles, Creative Thinking, Logical Reasoning, Design Ability, Aesthetic Sense, Form and Function, Perspective और Visual Logic जैसे विषय शामिल हैं।

अगर आप Design में ज्यादा सोचने और Visual Problems को हल करने में रुचि रखते हैं, तो AIDAT आपके लिए विचार करने योग्य विकल्प हो सकता है।

हालांकि, AIDAT की प्रकृति को समझना जरूरी है। यह एक National-Level Design Entrance System है, जिसके माध्यम से इसमें भाग लेने वाले संस्थानों के अलग-अलग Design Courses में प्रवेश के अवसर मिल सकते हैं।

यह जरूरी नहीं है कि भारत का हर Communication Design College AIDAT को स्वीकार करता हो। इसलिए आवेदन करने से पहले छात्रों को यह जरूर देखना चाहिए कि जिस कॉलेज और प्रोग्राम में वे प्रवेश लेना चाहते हैं, वह AIDAT Admission Pathway में शामिल है या नहीं।

NID DAT भी एक प्रमुख विकल्प

अगर आपका लक्ष्य National Institute of Design (NID) है, तो NID DAT आपके लिए महत्वपूर्ण Entrance Exam है।

NID के B.Des Programme में Ahmedabad Campus में Communication Design से जुड़े Graphic Design, Animation Film Design, Film and Video Communication और Exhibition Design जैसे क्षेत्र शामिल हैं। Admission के लिए Design Aptitude Test यानी DAT की दो चरणों वाली प्रक्रिया महत्वपूर्ण है।

NID के 2026–27 B.Des Eligibility Criteria के अनुसार Science, Commerce, Arts, Humanities और अन्य मान्यता प्राप्त 10+2 Streams के विद्यार्थी निर्धारित Eligibility और Age Conditions पूरी करने पर आवेदन कर सकते थे।

लेकिन अगर आप Drawing में कमजोर हैं, तो NID DAT को इस सोच के साथ नहीं देना चाहिए कि इसमें Drawing की जरूरत नहीं होगी। परीक्षा में Design से जुड़ी Knowledge, Skills और Qualities का आकलन किया जाता है। इसलिए तैयारी में Visualization और Drawing के साथ-साथ व्यापक Design Aptitude पर भी ध्यान देना चाहिए।

IIT में Design करना है तो UCEED Entrance Exam

अगर आपका लक्ष्य IIT से B.Des करना है, तो UCEED महत्वपूर्ण Entrance Exam है।

UCEED के स्कोर के आधार पर IIT Bombay, IIT Delhi, IIT Guwahati, IIT Hyderabad, IIT Indore, IIT Roorkee और IIITDM Jabalpur जैसे संस्थानों में B.Des Admission के अवसर मिलते हैं। इसके अलावा कई अन्य संस्थान भी UCEED Scores को अपनी Admission Process में स्वीकार करते हैं।

Science, Commerce और Arts & Humanities Background के विद्यार्थी भी निर्धारित Eligibility Criteria पूरी करने पर UCEED के लिए आवेदन कर सकते हैं।

लेकिन अगर आप Drawing में कमजोर हैं, तो UCEED को लेकर एक बात पहले से समझ लें—इसमें Drawing को भी महत्व दिया जाता है।

UCEED के सिलेबस में Products, People और Scenes की Drawing, Proportion, Line Quality, Composition, Perspective और Shading जैसी क्षमताओं से जुड़े हिस्से शामिल हैं। परीक्षा में Design Ability और Problem-Solving Skills को भी परखा जाता है।

आपको Expert Artist बनने की जरूरत नहीं है, लेकिन अगर UCEED आपका लक्ष्य है तो Drawing की नियमित Practice जरूर करनी चाहिए।

NIFT Entrance Exam

अगर आपकी रुचि Fashion Communication में है, तो NIFT Entrance Exam भी एक महत्वपूर्ण विकल्प है। हालांकि, इसे हर Communication Design Degree के लिए सामान्य Entrance Exam नहीं माना जाना चाहिए।

NIFT के B.Des Programmes में Fashion Communication के अलावा Fashion Design, Accessory Design, Textile Design और अन्य क्षेत्र शामिल हैं। 2026 की Entrance Framework में B.Des Programmes के लिए General Ability Test और Creative Ability Test शामिल थे।

यह अंतर समझना जरूरी है क्योंकि Communication Design और Fashion Communication में कुछ Skills समान हो सकती हैं, लेकिन दोनों हमेशा एक ही Course नहीं होते।

इसलिए किसी भी Entrance Exam की तैयारी शुरू करने से पहले संबंधित कॉलेज और Programme का सही नाम और Eligibility जरूर जांचें।

Drawing में कमजोर छात्र के लिए AIDAT, NID DAT और UCEED में क्या अंतर है?

सिर्फ यह पूछने के बजाय कि “सबसे आसान Entrance Exam कौन-सा है?”, छात्रों को यह देखना चाहिए कि “मेरे लिए किस तरह की Design Education सही है?”

AIDAT: ऐसे छात्रों के लिए उपयोगी हो सकता है जो अलग-अलग Design Colleges और कई Design Disciplines को Explore करना चाहते हैं। इसका Level 1 Format MCQ आधारित है, लेकिन इसके व्यापक Syllabus में Visualization और Drawing से जुड़े Concepts भी शामिल हैं।

NID DAT: NID को Target करने वाले छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है। इसमें Design Aptitude और Visual Skills पर ध्यान देना जरूरी है।

UCEED: IIT B.Des और अन्य संबंधित संस्थानों को Target करने वाले छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है। इसमें Drawing Syllabus का स्पष्ट हिस्सा है।

NIFT Entrance Exam: NIFT के B.Des Programmes, खासकर Fashion Communication में रुचि रखने वाले छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है। B.Des Admission Process में Creative Ability को महत्व दिया जाता है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि Drawing में कमजोर होना Design के लिए आवेदन न करने की वजह नहीं होनी चाहिए। लेकिन इससे आपकी तैयारी की दिशा जरूर तय होनी चाहिए।

अगर आप Realistic Drawing नहीं बना सकते तो क्या करें?

हो सकता है कि आपके पास Creative Ideas बहुत अच्छे हों, लेकिन आप किसी व्यक्ति, चेहरे या वस्तु की Realistic Drawing बनाने में कठिनाई महसूस करते हों।

इसका मतलब यह नहीं है कि आप Communication Design में अच्छे नहीं हो सकते।

Design Entrance की तैयारी Fine Arts Competition की तैयारी से अलग होती है। कई Design Situations में Sketch का उद्देश्य एक विचार को समझाना होता है, न कि उसे पूरी तरह Art की तरह तैयार करना।

उदाहरण के लिए, किसी व्यक्ति के किसी वस्तु का इस्तेमाल करने का तरीका या किसी Visual Story का संभावित Sequence बताने वाला एक साधारण Sketch, ऐसी बहुत Detailed Drawing से ज्यादा उपयोगी हो सकता है जो आपके विचार को स्पष्ट ही न करे।

इसीलिए 12वीं के बाद Communication Design Entrance Exam की तैयारी कर रहे छात्रों को Visual Communication के लिए Drawing सीखने पर ध्यान देना चाहिए, केवल Artistic Perfection पर नहीं।

इसके लिए आप रोजमर्रा की चीजों जैसे Chair, Bottle या School Bag को लेकर अभ्यास कर सकते हैं। सोचें कि इन्हें अलग-अलग लोगों या परिस्थितियों के लिए कैसे बेहतर बनाया जा सकता है।

उदाहरण के लिए:

  • किसी बच्चे के लिए इसे ज्यादा उपयोगी कैसे बनाया जा सकता है?
  • इसे उठाना और ले जाना आसान कैसे बनाया जा सकता है?
  • छोटे कमरे में इसका इस्तेमाल ज्यादा सुविधाजनक कैसे हो सकता है?

इस अभ्यास का उद्देश्य सुंदर Sketch बनाना नहीं है। इसका उद्देश्य यह दिखाना है कि आप किसी समस्या को कैसे देखते हैं और उसके लिए Visual Solution कैसे सोचते हैं।

यही Communication Design की एक महत्वपूर्ण सोच है। आपको Fine Artist बनने की ट्रेनिंग नहीं मिल रही है। आपको Design के जरिए अपने विचारों को प्रभावी तरीके से व्यक्त करना सीखना है।

अगर Drawing में कमजोर हैं तो तैयारी कैसे करें?

अगर Drawing आपकी कमजोर कड़ी है, तो महीनों तक केवल Portrait Copy करने में समय न लगाएं।

आपकी तैयारी में Basic Drawing Skills के साथ Observation और Design Thinking भी शामिल होनी चाहिए। रोजमर्रा की चीजों से शुरुआत करें और धीरे-धीरे Proportion, Perspective, Human Figure के Basic Forms, Gesture और Visual Narration पर काम करें।

आप इन तरीकों से Practice कर सकते हैं:

Observation: रोजमर्रा में दिखाई देने वाली चीजों के Sketch बनाएं और उनके Shape, Size और Details पर ध्यान दें।

Perspective: समझें कि अलग-अलग दूरी और कोण से देखने पर कोई वस्तु कैसी दिखाई देती है।

Human Figures: शुरुआत में कठिन Anatomy पर जाने के बजाय Basic Poses और Gestures की Practice करें।

Visual Storytelling: Sketches की एक Series के जरिए किसी छोटी घटना या Situation को समझाने की कोशिश करें।

Design Thinking: सोचें कि किसी सामान्य Product, Poster या Sign को ज्यादा बेहतर कैसे बनाया जा सकता है।

Timed Practice: निर्धारित समय में Questions और Sketches हल करने की Practice करें, ताकि कम समय में किसी Idea को स्पष्ट तरीके से व्यक्त करना सीख सकें।

इसके साथ ही अपने आसपास मौजूद Designs को देखना शुरू करें। Packaging, Ads, Websites, Apps, Posters और Public Signs पर ध्यान दें।

सोचें कि कोई Design आपको क्यों आकर्षित करता है और दूसरा क्यों नहीं।

इस तरह का Observation आपकी Visual Thinking Skills को बेहतर कर सकता है, जो केवल Drawing के लिए ही नहीं, बल्कि Communication Design के लिए भी महत्वपूर्ण है।

क्या Commerce और Science के छात्र Communication Design पढ़ सकते हैं?

हां, अगर वे संबंधित Programme की Eligibility Criteria पूरी करते हैं।

Communication Design केवल Fine Arts Students तक सीमित नहीं है। इसके लिए यह भी जरूरी नहीं है कि आपने 11वीं और 12वीं में Fine Arts Subject लिया हो।

उदाहरण के लिए, NID के 2026–27 B.Des Admission के लिए निर्धारित Eligibility और Age Criteria पूरी करने वाले Science, Arts, Commerce और Humanities Background के विद्यार्थी आवेदन कर सकते थे।

UCEED 2026 में भी Science, Commerce और Arts & Humanities Background के विद्यार्थियों के लिए आवेदन का विकल्प था। हालांकि, संबंधित Participating Institutes की अपनी Admission Criteria हो सकती है।

इसी तरह 12वीं के बाद विद्यार्थी AIDAT के जरिए भी Design Courses के विकल्प तलाश सकते हैं। उपलब्ध Eligibility Details के अनुसार मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10+2 पास करने वाले उम्मीदवार इसके Undergraduate Design Programmes के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिनमें Communication Design सहित अन्य Design Courses शामिल हैं।

इसलिए अगर आपने Arts, Commerce या Science से 12वीं की है, तो Communication Design को अपने Career Option के रूप में देखने से पीछे न हटें।

सबसे जरूरी है कि आप जिस Course में प्रवेश लेना चाहते हैं, उसकी Eligibility, Admission Process और Career Scope को अच्छी तरह समझें।

Communication Design में अच्छा बनने के लिए क्या जरूरी है?

Creative होना अच्छी बात है, लेकिन केवल Creativity किसी अच्छे Designer बनने के लिए पर्याप्त नहीं है।

Communication Design में मुख्य रूप से सही Decisions लेने की क्षमता महत्वपूर्ण होती है—किस Idea को कैसा दिखना चाहिए, Audience को सबसे पहले क्या दिखाई देना चाहिए और वह Message कितनी आसानी से समझ पाएगी।

एक Designer को लगातार ऐसे सवालों के जवाब तलाशने पड़ते हैं:

  • एक Font दूसरे Font से बेहतर क्यों है?
  • किसी खास Image को किसी खास जगह पर रखने से क्या फर्क पड़ता है?
  • कोई Poster समझने में मुश्किल क्यों हो रहा है?
  • किसी Shelf पर एक Package दूसरे से अलग क्यों नजर आता है?
  • कोई User एक Interface को आसानी से समझ लेता है, लेकिन दूसरे को समझने में परेशानी क्यों होती है?
  • किसी Idea को Visual Form में सबसे आसान तरीके से कैसे समझाया जा सकता है?

यही Design से जुड़े सवाल हैं।

इनका जवाब समझाने के लिए Drawing एक माध्यम हो सकती है, लेकिन उससे भी महत्वपूर्ण है उस सोच को समझाना, जिसकी वजह से आपने कोई Design Decision लिया।

अच्छा Observation, Storytelling, Problem Solving और लोगों की जरूरतों को समझने की क्षमता प्रभावी Design Skills विकसित करने में मदद कर सकती है, भले ही आप स्वाभाविक रूप से एक शानदार Artist न हों।

12वीं के बाद Communication Design के लिए कौन-सा Entrance Exam दें?

भारत में Communication Design के सभी Courses के लिए कोई एक अनिवार्य Entrance Exam नहीं है।

सही Entrance Exam इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस College और Programme में Admission लेना चाहते हैं।

NID DAT: अगर आपका लक्ष्य NID है तो यह महत्वपूर्ण विकल्प है।

UCEED: IITs और अन्य Participating Institutes में B.Des Admission को Target करने वाले छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है।

NIFT Entrance Exam: अगर आपकी रुचि NIFT के Fashion Communication जैसे Programmes में है तो यह relevant विकल्प है।

AIDAT: अगर आप अलग-अलग Participating Institutions और Design Disciplines में विकल्प तलाशना चाहते हैं और Communication Design के साथ अन्य Design Fields पर भी विचार कर रहे हैं, तो AIDAT को देखा जा सकता है।

Communication Design Aspirants को क्या पता होना चाहिए?

Communication Design पढ़ने के लिए आपको शुरुआत से ही एक Skilled Artist होना जरूरी नहीं है।

सबसे महत्वपूर्ण यह है कि आप Drawing, Observation और Visual Thinking पर काम करने के लिए तैयार हों। अगर आपके चुने हुए Entrance Exam में इन Skills को परखा जाता है, तो इनकी तैयारी और भी जरूरी हो जाती है।

अपने आप से एक बेहतर सवाल पूछें—क्या आपको Visuals के जरिए किसी Communication Problem को Solve करना अच्छा लगता है?

अगर आपको यह सोचने में रुचि है कि किसी Brand को कैसा दिखना चाहिए, कोई App अपने उद्देश्य को आसानी से कैसे समझा सकता है, Data को ज्यादा स्पष्ट तरीके से कैसे दिखाया जा सकता है या Images के जरिए किसी Story को कैसे बताया जा सकता है, तो केवल आपकी मौजूदा Drawing Skill यह तय नहीं करती कि आप इस Field में सफल होंगे या नहीं।

12वीं के बाद Entrance Exam चुनते समय सबसे पहले उस College और Programme से शुरुआत करें, जहां आप Admission लेना चाहते हैं। फिर उसकी Eligibility और Selection Process को समझें। इसके बाद ऐसा Entrance Exam चुनें जो आपके Target College और Programme से मेल खाता हो।

कई छात्रों के लिए AIDAT उपयोगी विकल्प हो सकता है क्योंकि यह व्यापक Design Skill Path को ध्यान में रखता है। वहीं NID DAT और UCEED उन छात्रों के लिए ज्यादा उपयुक्त हो सकते हैं जिन्हें पहले से पता है कि वे किन विशेष संस्थानों को Target करना चाहते हैं।

हो सकता है कि आज आप Perfect Drawing न बना पाएं। लेकिन आप यह जरूर सीख सकते हैं कि Designers किस तरह सोचते हैं।

इसलिए अगर आप Communication Design में Career बनाने को लेकर गंभीर हैं, तो अपनी मौजूदा Drawing Skill को अपनी सबसे बड़ी कमजोरी न मानें। Practice करें, Visual Thinking विकसित करें और अपनी Creativity को सही दिशा दें।

जहां चाह है, वहां राह है।

 

Asmita Sarkar

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