
ओडिशा में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए राज्य सरकार ने बड़े भर्ती अभियान का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शिक्षक दिवस के मौके पर कहा कि अगले तीन वर्षों में राज्य के स्कूलों में शिक्षकों के 45,000 खाली पद भरे जाएंगे। मुख्यमंत्री ने 5 सितंबर 2026 को कटक के सेकेंडरी बोर्ड हाई स्कूल में आयोजित राज्यस्तरीय शिक्षक दिवस कार्यक्रम में यह घोषणा की।
मुख्यमंत्री की इस घोषणा से ओडिशा में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं को बड़ी उम्मीद मिली है। हालांकि, अभी इस भर्ती के लिए पदवार संख्या, आवेदन की तारीख, शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, परीक्षा और चयन प्रक्रिया की आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है। इसलिए उम्मीदवारों को भर्ती की औपचारिक अधिसूचना का इंतजार करना होगा।
3 साल में भरे जाएंगे 45 हजार पद
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार अगले तीन वर्षों में स्कूलों में खाली पड़े 45,000 शिक्षक पदों को भरेगी। इसका मकसद सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को कम करना और स्कूली शिक्षा को मजबूत करना है।
फिलहाल यह एक नीतिगत घोषणा है। इसका मतलब यह नहीं है कि सभी 45,000 पदों की भर्ती का नोटिफिकेशन एक साथ जारी हो गया है। अलग-अलग पदों और विभागों के लिए भर्ती प्रक्रिया चरणों में सामने आ सकती है। इसलिए उम्मीदवारों को आधिकारिक भर्ती विज्ञापन आने के बाद ही पात्रता और आवेदन से जुड़ी जानकारी पर भरोसा करना चाहिए।
भर्ती नोटिफिकेशन कब आएगा?
मुख्यमंत्री ने तीन साल में 45,000 शिक्षकों की भर्ती की समयसीमा बताई है, लेकिन शिक्षक भर्ती के आवेदन कब शुरू होंगे, इसकी तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। इसी तरह किस विषय के कितने शिक्षक भर्ती किए जाएंगे, यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है।
ऐसे में ओडिशा में शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को School and Mass Education Department, Odisha और संबंधित सरकारी भर्ती एजेंसियों की आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखनी चाहिए। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले भर्ती नोटिस या अनौपचारिक दावों के आधार पर आवेदन या फीस जमा करने से बचना जरूरी है।
छात्रों से कहा- सोशल मीडिया से दूरी बनाएं
शिक्षक दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने छात्रों से सोशल मीडिया पर जरूरत से ज्यादा समय नहीं बिताने की अपील की। उन्होंने छात्रों को पढ़ाई, कौशल विकास और करियर पर ध्यान देने की सलाह दी।
माझी ने कहा कि शिक्षा केवल जानकारी हासिल करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के व्यक्तित्व और भविष्य को आकार देने की प्रक्रिया भी है। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को समाज और देश के निर्माण में महत्वपूर्ण बताया।
KG से PG तक मुफ्त शिक्षा की योजना भी लागू
ओडिशा सरकार ने इस साल KG से PG तक मुफ्त शिक्षा देने की अपनी योजना को भी आगे बढ़ाया है। जून 2026 में मुख्यमंत्री ने इसकी घोषणा की थी और जुलाई में राज्य कैबिनेट ने Gyanodaya–Shiksharu Samruddhi योजना को मंजूरी दे दी।
इस योजना के तहत 2026-27 शैक्षणिक सत्र से सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों में नियमित पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले छात्रों को निर्धारित फीस से राहत दी जाएगी। सरकार के अनुसार इससे हर साल 32 लाख से अधिक छात्रों को लाभ मिलने का अनुमान है। हालांकि, निजी बिना सहायता वाले संस्थान, PPP संस्थान और कुछ self-financing, professional तथा technical programmes इस योजना के दायरे से बाहर हैं।
यानी KG से PG तक मुफ्त शिक्षा की बात को सभी तरह के कॉलेज और सभी निजी संस्थानों पर लागू नहीं समझना चाहिए। इसका मुख्य दायरा सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त संस्थान हैं।
2,200 मॉडल प्राइमरी स्कूल बनाने का काम जारी
ओडिशा सरकार प्राथमिक शिक्षा को मजबूत करने के लिए Godabarish Mishra Adarsha Prathamika Vidyalaya योजना पर भी काम कर रही है। सरकार के अनुसार राज्यभर में 2,200 आदर्श प्राथमिक स्कूल विकसित किए जा रहे हैं। इसके लिए करीब ₹12,000 करोड़ के निवेश का प्रावधान है। यह परियोजना 2025-26 से 2028-29 के दौरान लागू की जा रही है।
इन स्कूलों में बेहतर कक्षाओं, डिजिटल सुविधाओं, खेल और सीखने के बेहतर माहौल पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना है।
45 हजार Shishu Vatika से छोटे बच्चों की पढ़ाई पर जोर
सरकार ने छोटे बच्चों की शुरुआती शिक्षा के लिए भी कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार राज्य के सरकारी प्राथमिक स्कूलों में करीब 45,000 Shishu Vatika यानी प्री-स्कूल कक्षाएं खोली गई हैं। इनका उद्देश्य बच्चों को औपचारिक स्कूली शिक्षा शुरू करने से पहले शुरुआती सीखने का माहौल देना है।
इस पहल को नई शिक्षा नीति में शुरुआती बाल शिक्षा और मजबूत foundational learning पर दिए जा रहे जोर से भी जोड़कर देखा जा सकता है।
कक्षा 9 और 10 के छात्रों को भी राहत
ओडिशा सरकार ने कक्षा 9 और 10 के छात्रों के लिए मुफ्त पाठ्यपुस्तकों और मिड-डे मील का दायरा बढ़ाने की घोषणा की है। सरकार का उद्देश्य माध्यमिक स्तर पर छात्रों पर पढ़ाई का आर्थिक बोझ कम करना और स्कूल छोड़ने की समस्या को रोकना है।
इसका महत्व इसलिए भी है क्योंकि कक्षा 9 और 10 का समय छात्रों के लिए आगे की पढ़ाई और करियर की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण चरण होता है।
आदिवासी छात्रों के लिए Shaheed Madho Singh Hath Kharcha Yojana
ओडिशा सरकार आदिवासी छात्रों के स्कूल छोड़ने की दर कम करने के लिए Shaheed Madho Singh Hath Kharcha Yojana भी चला रही है। सरकारी जानकारी के अनुसार इस योजना के तहत पात्र आदिवासी छात्रों को आर्थिक सहायता दी जाती है। उपलब्ध सरकारी विवरण में कक्षा 9 के ST छात्रों के लिए ₹5,000 सालाना सहायता का उल्लेख है।
इस तरह शिक्षक भर्ती के साथ ओडिशा सरकार का मौजूदा शिक्षा एजेंडा केवल स्कूलों में शिक्षकों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है। सरकार प्राथमिक शिक्षा के बुनियादी ढांचे, शुरुआती बाल शिक्षा, मुफ्त शिक्षा, छात्रों की आर्थिक मदद और स्कूलों में पढ़ाई जारी रखने पर भी जोर दे रही है।
अब 45,000 शिक्षकों की भर्ती की घोषणा को जमीन पर उतारना अगली बड़ी चुनौती होगी। भर्ती का आधिकारिक कैलेंडर, पदों का बंटवारा और चयन प्रक्रिया सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि अलग-अलग विषयों और स्तरों के उम्मीदवारों के लिए कितने अवसर उपलब्ध होंगे।




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