
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में एक प्रोफेसर के खिलाफ यौन उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार के आरोपों की जांच चल रही है। कम से कम 10 छात्रों ने विश्वविद्यालय की इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी (ICC) के सामने शिकायतें दर्ज कराई हैं। एक रिपोर्ट में शिकायतकर्ताओं की संख्या 11 बताई गई है। शिकायतें करीब एक महीने पहले ICC तक पहुंची थीं और फिलहाल समिति मामले की जांच कर रही है।
रिपोर्टों के मुताबिक, शिकायतों में प्रोफेसर पर छात्रों को कैंपस स्थित अपने आवास पर बुलाने और वहां कथित तौर पर अनुचित व्यवहार करने के आरोप लगाए गए हैं। कुछ शिकायतों में यह भी कहा गया है कि प्रोफेसर ने कक्षा के दौरान आपत्तिजनक या अश्लील टिप्पणियां कीं। हालांकि, ये सभी आरोप फिलहाल शिकायतों और संबंधित स्रोतों पर आधारित हैं और जांच पूरी होने तक इन्हें साबित तथ्य के तौर पर नहीं देखा जा सकता।
पहली शिकायत के बाद सामने आए अन्य छात्र
मामले के सामने आने के बाद कुछ सीनियर छात्रों ने भी इसी प्रोफेसर के खिलाफ कथित तौर पर समान अनुभव साझा किए। रिपोर्टों के अनुसार, शुरुआती शिकायत के बाद अन्य छात्रों के सामने आने से ICC के सामने शिकायतों का दायरा बढ़ा। जांच के दौरान समिति और छात्रों के बयान दर्ज कर सकती है और इससे मामले से जुड़े और तथ्य सामने आने की संभावना है।
कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि शिकायतकर्ता छात्रों ने प्रोफेसर के घर पर आयोजित कथित बैठकों या कार्यक्रमों के दौरान अनुचित व्यवहार और यौन टिप्पणियों की शिकायत की है। इन आरोपों की पुष्टि अभी ICC की जांच के बाद ही हो सकेगी। विश्वविद्यालय ने फिलहाल आरोपी प्रोफेसर का नाम सार्वजनिक नहीं किया है।
ICC कर रही मामले की जांच
JNU की इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी यौन उत्पीड़न से जुड़ी शिकायतों की जांच करने वाली विश्वविद्यालय की व्यवस्था का हिस्सा है। JNU के उपलब्ध ICC नियमों के अनुसार, छात्र अकादमिक या गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों समेत संबंधित लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकते हैं और ऐसे मामलों की जांच के लिए प्रक्रिया निर्धारित है।
मौजूदा मामले में ICC ने शिकायतों की जांच शुरू कर दी है। कमेटी की रिपोर्ट और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। फिलहाल आरोपों को अंतिम निष्कर्ष के रूप में देखना उचित नहीं होगा।
आरोपी प्रोफेसर ने आरोपों को बताया गलत
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी प्रोफेसर ने कहा है कि उन्हें ऐसी शिकायतों की जानकारी नहीं है और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप गलत हैं। ICC ने भी मामले को आंतरिक जांच का विषय बताते हुए विस्तृत जानकारी साझा करने से इनकार किया है। JNU प्रशासन और कुलपति कार्यालय की ओर से भी मामले पर विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
पुलिस में शिकायत की जानकारी नहीं
मौजूदा रिपोर्टों के अनुसार, इस मामले में अभी पुलिस शिकायत दर्ज होने की जानकारी नहीं है और मामला फिलहाल विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच प्रक्रिया में है। इसलिए इस समय सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि आरोपों की जांच चल रही है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जांच पूरी होने के बाद ही संभव होगा।




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