
स्टारेक्स यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ लॉ ने 3 सितंबर 2026 को बिनौला गांव में कानूनी जागरूकता बढ़ाने के लिए नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीणों को श्रम कानूनों और कामगारों के अधिकारों के बारे में आसान और प्रभावी तरीके से जानकारी देना था।
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से श्रम कानूनों से जुड़े जरूरी प्रावधानों और कानूनी अधिकारों को सरल भाषा में समझाया गया। कार्यक्रम का खास फोकस लोगों को कार्यस्थल पर मिलने वाले उनके अधिकारों और कानूनी सुरक्षा के बारे में जागरूक करना था।
नुक्कड़ नाटक के जरिए श्रम कानून और कामगारों के अधिकारों की जानकारी
नुक्कड़ नाटक के दौरान स्कूल ऑफ लॉ की टीम ने श्रम कानून और कामगारों के अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लोगों के सामने रखा। नाटक के माध्यम से जानकारी देने से कानूनी विषयों को समझना लोगों के लिए आसान रहा। इस दौरान उन्हें यह भी बताया गया कि कार्यस्थल पर उन्हें किस तरह की कानूनी सुरक्षा और अधिकार प्राप्त हैं।
इस पहल ने यह भी दिखाया कि कानून की शिक्षा केवल कक्षा तक सीमित नहीं है। शैक्षणिक संस्थान स्थानीय समुदायों के बीच जाकर भी कानूनी जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। स्कूल ऑफ लॉ ने अपने अकादमिक अध्ययन को आम लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं और वास्तविक जीवन की जरूरतों से जोड़ने का प्रयास किया।
स्टारेक्स यूनिवर्सिटी कैंपस में एंटी-रैगिंग जागरूकता कार्यक्रम
इसके बाद स्टारेक्स यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ लॉ ने दोपहर 2:30 बजे कैंपस में एंटी-रैगिंग जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक के सामने आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में एंटी-रैगिंग कानून और उससे जुड़े प्रावधानों की जानकारी दी गई। छात्रों को कैंपस को सुरक्षित, सम्मानजनक और सभी के लिए बेहतर माहौल बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। छात्रों को यह भी बताया गया कि रैगिंग एक गंभीर मामला है और इसे किसी भी स्थिति में हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों से एक-दूसरे के प्रति सम्मान रखने, अपनी जिम्मेदारी समझने और जरूरत के समय साथी छात्रों की मदद करने की अपील की गई।
कानूनी जागरूकता को समुदाय और कैंपस से जोड़ा
इन दोनों कार्यक्रमों का आयोजन अलग-अलग स्थानों पर किया गया, लेकिन दोनों का उद्देश्य लोगों और छात्रों को उनके अधिकारों और जिम्मेदारियों के बारे में जागरूक करना था। बिनौला गांव में जहां श्रम कानून और कर्मचारियों के अधिकारों पर जानकारी दी गई, वहीं विश्वविद्यालय कैंपस में एंटी-रैगिंग नियमों और सुरक्षित शैक्षणिक माहौल की जरूरत पर चर्चा हुई।
इन गतिविधियों के माध्यम से स्कूल ऑफ लॉ ने रोजमर्रा की जिंदगी में लोगों के कानूनी अधिकारों और जिम्मेदारियों की समझ बढ़ाने का प्रयास किया। साथ ही, यह भी सामने आया कि कानून की पढ़ाई केवल कक्षा में होने वाली शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका इस्तेमाल समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए भी किया जा सकता है।
स्टारेक्स यूनिवर्सिटी का मानना है कि सही जानकारी हासिल करना वास्तविक सशक्तिकरण की दिशा में पहला कदम है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए बिनौला गांव में आयोजित नुक्कड़ नाटक को कानूनी जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा गया।




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