
मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) अब ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन मोड में भी आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के मौके पर भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में इसकी घोषणा की। मुख्यमंत्री के मुताबिक, यह फैसला शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और शिक्षकों से जुड़ी समस्याओं को दूर करने की दिशा में लिया गया है।
राज्य स्कूल शिक्षा विभाग ने भी मुख्यमंत्री के बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया है। इसमें मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और इसी दिशा में TET को ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन कराने का निर्णय लिया गया है।
इस फैसले से उन अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें ऑनलाइन परीक्षा देने में तकनीकी या दूसरी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। खासकर वरिष्ठ शिक्षकों और ऐसे उम्मीदवारों के लिए ऑफलाइन परीक्षा का विकल्प उपयोगी हो सकता है, जिन्हें कंप्यूटर आधारित परीक्षा में कठिनाई होती है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत TET, परीक्षा का पूरा शेड्यूल अभी नहीं
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सरकार प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने शिक्षकों की मेहनत और उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकार उनके हित में जरूरी फैसले ले रही है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शिक्षक पात्रता परीक्षा सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप आयोजित की जा रही है। हालांकि, ऑफलाइन परीक्षा किस तारीख को होगी, किन उम्मीदवारों के लिए होगी और ऑनलाइन व ऑफलाइन मोड की व्यवस्था किस तरह लागू की जाएगी, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। इसलिए उम्मीदवारों को परीक्षा से संबंधित आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार करना होगा।
सरकारी स्कूलों की शिक्षा गुणवत्ता सुधारने पर जोर
शिक्षक दिवस समारोह में मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश की स्कूल शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग की सिफारिशों के आधार पर शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य सरकारी स्कूलों को और बेहतर बनाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक की भूमिका केवल परीक्षा के नतीजे या विद्यार्थियों के नंबर तक सीमित नहीं है। शिक्षक बच्चों के भविष्य को दिशा देने और उन्हें बेहतर नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके मुताबिक, किसी शिक्षक के लिए सबसे बड़ी खुशी तब होती है, जब उसके पढ़ाए हुए विद्यार्थी जीवन में उससे भी आगे बढ़ते हैं।
उन्होंने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के योगदान का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि मध्य प्रदेश बोर्ड की परीक्षाओं की मेरिट सूची में 50 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थी सरकारी स्कूलों से आते हैं। उन्होंने इसे शिक्षकों की मेहनत और समर्पण का परिणाम बताया।
शिक्षक दिवस पर 33 उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान
भोपाल के आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेश के 33 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया। इन शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम और विद्यार्थियों के प्रति उनके योगदान के लिए सम्मान दिया गया।
समारोह में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि शिक्षा को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखा जा सकता। बदलती दुनिया, नई तकनीक और रोजगार की जरूरतों को देखते हुए शिक्षा व्यवस्था में भी बदलाव जरूरी है। उन्होंने शिक्षकों को नई पीढ़ी के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला बताया।
MP TET उम्मीदवारों के लिए क्या बदला?
मध्य प्रदेश में TET को ऑफलाइन मोड में कराने की घोषणा उन उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण है, जो कंप्यूटर आधारित परीक्षा में सहज महसूस नहीं करते। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि आगामी TET में सभी उम्मीदवारों को ऑनलाइन और ऑफलाइन में से किसी एक मोड को चुनने का विकल्प मिलेगा या ऑफलाइन परीक्षा के लिए अलग श्रेणी या व्यवस्था बनाई जाएगी।
इसलिए TET की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को फिलहाल अपनी तैयारी जारी रखनी चाहिए और आवेदन, परीक्षा मोड, तारीख, परीक्षा केंद्र तथा अन्य नियमों से जुड़ी जानकारी के लिए मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग और संबंधित आधिकारिक परीक्षा पोर्टल की अधिसूचना का इंतजार करना चाहिए।
मुख्यमंत्री की घोषणा से इतना स्पष्ट है कि राज्य सरकार TET को लेकर ऑनलाइन परीक्षा व्यवस्था के साथ ऑफलाइन विकल्प भी उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ रही है। अब इसकी अंतिम व्यवस्था और लागू होने की तारीख आधिकारिक निर्देशों के बाद ही स्पष्ट होगी।




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