
Naukri JobSpeak August 2026: भारत के प्रोफेशनल जॉब मार्केट में अगस्त 2026 के दौरान भर्ती गतिविधियों में अच्छी तेजी देखने को मिली। Naukri JobSpeak की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त में देश में व्हाइट कॉलर हायरिंग पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 14% बढ़ी। ऑटो, हेल्थकेयर और रिटेल जैसे सेक्टरों ने इस वृद्धि में अहम भूमिका निभाई, जबकि फ्रेशर्स के लिए भी नौकरी के अवसर बढ़े हैं।
Naukri JobSpeak Index अगस्त में 3,028 पर पहुंच गया, जो अगस्त 2025 में 2,664 था। हालांकि, जुलाई 2026 के 3,227 के मुकाबले अगस्त का इंडेक्स करीब 6% नीचे रहा। इसका मतलब है कि सालाना आधार पर भर्ती का माहौल बेहतर हुआ, लेकिन जुलाई की तुलना में अगस्त में भर्ती गतिविधि कुछ धीमी रही।
रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त के आंकड़ों को त्योहारी सीजन के समय में हुए बदलाव के संदर्भ में भी देखना चाहिए। पिछले साल त्योहारी गतिविधियों का बड़ा हिस्सा अगस्त में था, जबकि इस साल इसका असर सितंबर में ज्यादा देखने को मिल सकता है। इसलिए आने वाले त्योहारी महीनों के आंकड़े नौकरी बाजार की वास्तविक स्थिति को समझने में ज्यादा मदद करेंगे।
फ्रेशर्स के लिए बढ़े नौकरी के अवसर
अगस्त में भर्ती की बढ़ोतरी केवल अनुभवी कर्मचारियों तक सीमित नहीं रही। तीन साल तक के अनुभव वाले उम्मीदवारों की भर्ती में सालाना आधार पर 15% की वृद्धि दर्ज की गई। खास बात यह है कि इंश्योरेंस सेक्टर में फ्रेशर्स की भर्ती में 37% की बढ़ोतरी हुई।
अनुभवी उम्मीदवारों के लिए भी मांग मजबूत रही। 4 से 7 साल के अनुभव वाले प्रोफेशनल्स की भर्ती 10% बढ़ी, जबकि 8 से 12 साल के अनुभव वाले उम्मीदवारों की हायरिंग में 16% की वृद्धि हुई। 13 से 16 साल के अनुभव वाले प्रोफेशनल्स की मांग 18% बढ़ी और 16 साल से अधिक अनुभव वाले उम्मीदवारों के लिए भर्ती 13% बढ़ी।
इससे संकेत मिलता है कि अगस्त में कंपनियों की जरूरत केवल शुरुआती स्तर के कर्मचारियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि अलग-अलग अनुभव स्तरों पर प्रतिभाओं की मांग बनी रही।
ऑटो, हेल्थकेयर और रिटेल में सबसे ज्यादा तेजी
सेक्टर के हिसाब से ऑटो और ऑटो एंसिलरी में भर्ती सबसे मजबूत रही। इस क्षेत्र में सालाना आधार पर 19% की वृद्धि दर्ज की गई। इसके बाद हेल्थकेयर में 16% और रिटेल में 15% की वृद्धि हुई।
इंश्योरेंस सेक्टर में भर्ती 12% बढ़ी, जबकि IT में 11% की वृद्धि दर्ज की गई। बैंकिंग और FMCG दोनों में भर्ती 10% बढ़ी। BPO/ITES, ऑयल एंड गैस और रियल एस्टेट में 8-8% की वृद्धि हुई। दूसरी ओर, फार्मा और बायोटेक में भर्ती लगभग स्थिर रही।
कुछ क्षेत्रों में भर्ती गतिविधि कमजोर भी हुई। हॉस्पिटैलिटी और ट्रैवल में हायरिंग 4% घटी, जबकि एजुकेशन सेक्टर में 8% की गिरावट दर्ज की गई।
AI और साइबर सिक्योरिटी से जुड़ी नौकरियों की मांग मजबूत
तकनीकी नौकरियों में भी अगस्त के दौरान मांग बनी रही। AI और Machine Learning से जुड़ी नौकरियों में सालाना आधार पर 31% की वृद्धि हुई। वहीं IT और सॉफ्टवेयर सर्विसेज में कुल भर्ती 11% बढ़ी।
IT सेक्टर के भीतर AI/ML से जुड़ी भूमिकाओं में 22% की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि IT और Information Security से जुड़ी नौकरियों की मांग 32% बढ़ी। इससे पता चलता है कि कंपनियां AI के साथ-साथ डेटा सुरक्षा और साइबर सिक्योरिटी से जुड़े कौशल वाले प्रोफेशनल्स पर भी ध्यान दे रही हैं।
फंक्शन के आधार पर हेल्थकेयर और लाइफ साइंसेज में भर्ती 34%, मीडिया प्रोडक्शन और एंटरटेनमेंट में 33%, इंजीनियरिंग-हार्डवेयर और नेटवर्क्स में 30% तथा BFSI, इन्वेस्टमेंट और ट्रेडिंग में 29% बढ़ी। वहीं Global Capability Centres यानी GCCs में भर्ती 10% बढ़ी।
हैदराबाद और कोलकाता में भर्ती की तेज रफ्तार
शहरों की बात करें तो बड़े मेट्रो शहरों में हैदराबाद 23% की वृद्धि के साथ सबसे आगे रहा। इसके बाद कोलकाता में 22% और चेन्नई में 20% की वृद्धि दर्ज हुई।
बेंगलुरु और पुणे में भर्ती 14-14% बढ़ी, जबकि दिल्ली-NCR में 10% और मुंबई में 7% की वृद्धि रही।
उभरते शहरों में भुवनेश्वर ने 32% की वृद्धि के साथ मजबूत प्रदर्शन किया। रायपुर में भर्ती 23% और सूरत में 21% बढ़ी, जबकि रांची में 19% की वृद्धि दर्ज की गई। इससे पता चलता है कि भर्ती का विस्तार केवल देश के बड़े IT और कॉरपोरेट केंद्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि उभरते शहर भी कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं।
नौकरी तलाश रहे युवाओं के लिए क्या संकेत?
अगस्त के आंकड़े खास तौर पर फ्रेशर्स और शुरुआती करियर वाले युवाओं के लिए सकारात्मक संकेत देते हैं। हालांकि, केवल नौकरी के अवसर बढ़ना पर्याप्त नहीं है। कंपनियों की बदलती जरूरतों को देखते हुए AI, डेटा, साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल टूल्स और इंडस्ट्री से जुड़े व्यावहारिक कौशल की मांग लगातार बढ़ रही है।
Naukri JobSpeak Index को नौकरी के वास्तविक नियुक्तियों का आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए। यह Naukri प्लेटफॉर्म पर नई नौकरी पोस्टिंग और रिक्रूटर्स की गतिविधि के आधार पर भर्ती के रुझान को दर्शाता है। रिपोर्ट में गिग वर्क, हाइपरलोकल हायरिंग और कैंपस प्लेसमेंट शामिल नहीं हैं।
कुल मिलाकर, अगस्त 2026 के आंकड़े बताते हैं कि भारत के व्हाइट कॉलर जॉब मार्केट में सालाना आधार पर सुधार जारी है। ऑटो, हेल्थकेयर और रिटेल जैसे गैर-IT सेक्टरों के साथ AI, मशीन लर्निंग और सूचना सुरक्षा जैसे तकनीकी क्षेत्रों में बढ़ती मांग नौकरी तलाश रहे युवाओं के लिए नए अवसर पैदा कर रही है। हालांकि, त्योहारी सीजन के समय में बदलाव के कारण आने वाले महीनों के आंकड़े इस रफ्तार की तस्वीर को और स्पष्ट करेंगे।




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