
देशभर में सीबीएसई (CBSE) से मान्यता प्राप्त सभी स्कूलों में अप्रैल से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो चुकी है।बच्चे स्कूल जाने लगे हैं, कोचिंग संस्थानों में भी कक्षाएं लगने लगी हैं।लेकिन पढ़ाई के लिए जरूरी एनसीईआरटी की किताबें बाजार में उपलब्ध नहीं हैं। खासकर, कक्षा 3 और कक्षा 6 की किताबों का तो लगभग हर जगह ही टोटा है। वजह है इन कक्षाओं के सिलेबस में बदलाव।अन्य कक्षाओं की भी कई किताबें या तो बाजार से बिलकुल ही गायब हैं, या फिर उनके नए संस्करण अब तक दुकानों पर उपलब्ध नहीं हो पाए हैं।इससे बच्चों के साथ साथ उनके अभिभावक भी काफी परेशान हैं।
दिल्ली एनसीआर स्थित बाल भारती पब्लिक स्कूल की दसवीं की छात्रा अनाया कहती हैं कि मैथ्स की नई बुक मैंने बाजार में कई जगह ढूंढी, मगर यह कहीं नहीं मिली।कुछ जगह किताबें मिलीं भी, तो वह पुराने एडिशन की थीं।इस साल छपी किताब कहीं नहीं मिली। पुरानी किताब में कई नयी चीज़ें जोड़ी या घटाई गयी हैं, इसलिए नए एडिशन की किताब जरुरी है पढाई के लिए।कुछ ऐसी ही शिकायत दूसरे स्कूलों के विद्यार्थियों की भी अलग अलग विषय की किताबों को लेकर सुनने को मिलीं। उन्हें भी ऐसी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।
दिलशाद गार्डन में एनसीईआरटी की किताबों की दुकान के संचालक राकेश कुमार भी बच्चों को पेश आ रही इन दिक्कतों की पुष्टि करते हैं।वे कहते हैं कि हमें भी अभी तक नए संस्करण की किताबें उपलब्ध नहीं हो पायी हैं।यही वजह है कि हमारे पास जो पुराना स्टॉक है, हम उसे ही बेच रहे हैं। जैसे ही हमें किताबें मिलेंगी, हम बच्चों को उन्हें उपलब्ध कराना शुरू कर देंगे। राकेश उम्मीद जताते हैं कि अप्रैल के मध्य तक कक्षा 1 से कक्षा 12 तक की पुस्तकें बाजार में उपलब्ध हो जाएंगी।हालाँकि कक्षा 3 और कक्षा 6 की किताबों को लेकर उनका कहना है कि इसे बाजार तक पहुँचने में देर हो सकती है।
उल्लेखनीय है कि क्लास 3 और 6 का सिलेबस बदले जाने के फलस्वरूप इन कक्षाओं की एनसीईआरटी की किताबें भी पूरी तरह बदल जाएंगी। केंद्रीय शिक्षा अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने भी इसकी घोषणा पहले ही कर दी थी, लेकिन बाजार में नए सिलेबस की किताबें अभी तक नहीं आ पायी हैं। इससे छात्र और उनके अभिभावकों को परेशानियों से दो चार होना पड़ रहा है।हालांकि एनसीईआरटी ने कहा है कि नए सिलेबस पर आधारित कक्षा 3 और 6 की किताबें क्रमशः अप्रैल और मई महीने में जारी कर दी जाएंगी। यानी क्लास 3 की किताबें अप्रैल से और क्लास 6 की किताबें मई के महीने में बाजार में उपलब्ध हो जाएंगी। एनसीईआरटी ने बच्चों और अभिभावकों से धैर्य रखने और परेशान न होने का भी आग्रह किया है।लेकिन अप्रैल का पहला हफ्ता बीतने को है मगर कक्षा तीन की किताबें अभी भी बाजार में नहीं आ पाई हैं। एनसीईआरटी कह रहा है कि वहसीबीएसई स्कूल की किताबें समय पर उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा है। वहीं कक्षा 1, 2 , 7, 8 ,10 और 12 को लेकर एनसीईआरटी का कहना है कि लगभग 33 लाख से ज्यादा किताबें छपकर दुकानों तक पहुंच गई हैं। लेकिन फिलवक्त इन किताबों के भी बाजार में दर्शन नहीं हो रहे हैं। कक्षा 4, 5, 9 और 11 की किताबें एनसीईआरटी ने इस महीने के अंत तक बाजार में उपलब्ध होने की बात कही है।
बता दें कि सीबीएसई से मान्यता प्राप्त स्कूलों को नए शैक्षणिक सत्र से कक्षा 3 और 6 के लिए नए पाठ्यक्रम और किताबें अपनाने का निर्देश दिया गया है। इसके पीछे यह कारण बताया गया है कि कक्षा 3 प्रारंभिक चरण की शुरुआत है और कक्षा 6 माध्यमिक चरण की, इसलिए इन दोनों कक्षाओं के लिए नए पाठ्यक्रम वाली किताबों को राष्ट्रीय पाठ्यचर्चा की रूपरेखा (NCFSE) के अनुरूप बनाने की जरूरत है।




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