
QS World University Subject Ranking: विश्व स्तर पर भारतीय विश्वविद्यालयों का प्रदर्शन लगातार सुधर रहा है। इसकी बानगी मिलती है क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी सब्जेक्ट रैंकिंग 2024 की सूची से, जिसमें 69 भारतीय विश्वविद्यालयों ने अपनी जगह बनाई है। पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार भारतीय विश्वविद्यालयों के प्रदर्शन में 19.4 फीसदी का सुधार हुआ है। यानी भारतीय विश्वविद्यालयों के प्रदर्शन में साल दर साल सुधार दर्ज किया जा रहा है।
लंदन में पिछले दिनों जारी शैक्षिक संस्थानों की क्यूएस विश्व रैंकिंग में भारत एशिया में दूसरे स्थान पर है। इस मामले में वह चीन को कड़ी टक्कर देने की स्थिति में आ रहा है जिसके 101 विश्वविद्यालय इस सूची में शामिल हैं। बता दें कि क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी सब्जेक्ट रैंकिंग में 95 देशों के 1500 से अधिक विश्वविद्यालयों के छात्रों द्वारा 16,400 से अधिक विश्वविद्यालय कार्यक्रमों के प्रदर्शन पर स्वतंत्र तुलनात्मक विश्लेषण किया गया है। इसमें 56 शैक्षणिक विषयों और पांच व्यापक संकाय क्षेत्रों (कला और मानविकी, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी) के तहत रैंक दी गई है।
जहाँ तक भारतीय संस्थानों का सवाल है तो इस रैंकिंग में डेवलपमेंट स्ट्डीज की नई श्रेणी में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) को 20वां स्थान हासिल हुआ है, जबकि आईआईएम अहमदाबाद बिजनेस एंड मैनेजमेंट स्ट्डीज में 22वें स्थान पर है। सवीता इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड टेक्निकल साइंसेज को दंत चिकित्सा में 27वीं रैंक मिली है, जबकि इंडियन स्कूल ऑफ माइंस एवं मिनरल को 44वां स्थान हासिल हुआ है। कंप्यूटर साइंस एंड इंफॉरमेशन सिस्टम में आईआईटी दिल्ली को 63वीं रैंक, कैमिस्ट्री में आईआईटी बॉम्बे को 95वीं रैंक, डाटा साइंस एंड आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस में आईआईटी बॉम्बे को 30वीं रैंक, लॉ में ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी को 72वीं रैंक और डीयू के इंवायरमेंटल साइंस, इंजीनियरिंग, इंग्लिश भाषा एवं साहित्य, जेएनयू व डीयू को एंथ्रोपॉलोजी समेत अन्य विषय की रैंकिंग में जगह मिली।
भारतीय विश्वविद्यालयों ने मुख्यतः पांच विषयों कंप्यूटर साइंस, कैमिस्ट्री, बायोलॉजिकल साइंस, बिजनेस स्ट्डीज और फिजिक्स में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। भारतीय संस्थानों की स्थिति में सुधार के पीछे शोध मानकों की गुणवत्ता में सुधार की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस सुधार से भारत वैश्विक स्तर पर शीर्ष पर जाने की तैयारी में है। गौरतलब है कि शोध के क्षेत्र में भारत इस वक़्त दुनिया का चौथा सबसे बड़ा देश है, जो 1.3 मिलियन अकादमिक पेपर तैयार करता है। इसके मुकाबले चीन 4.5 मिलियन, अमेरिका 4.4 मिलियन तो ब्रिटेन 1.4 मिलियन से थोड़ा कम है। भारत शोध क्षेत्र में ब्रिटेन से आगे निकलने को तैयार है।
बहरहाल, क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी सब्जेक्ट रैंकिंग 2024 इस ओर भी इशारा करता है कि मौजूदा समय में वैश्विक स्तर पर कौन से विषय छात्रों के लिए पसंदीदा विषय हैं। दुनियाभर में 12 सबसे पसंदीदा विषयों में कंप्यूटर साइंस एंड इंफॉरमेशन सिस्टम, कैमिकल, इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल एयरोनॉटिकल एंड मैन्यूफैक्चरिंग, पेट्रोलियम, एग्रीकल्चर एंड फॉरेस्टरी, इंवायरमेंटल साइंस, मैटीरियल साइंस, फिजिक्स एंड एस्ट्रोनॉमी, बिजनेस एंड मैनेजमेंट, इॅकोनोमिक्स एंड इकोनोमेट्रिक्स, स्टैटिस्टिक्स एंड ऑपरेशनल रिसर्च शामिल हैं।




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