
दिल्ली विश्वविद्यालय के मैत्रेयी कॉलेज में हाल ही में स्थापित ‘विदुषी अरुंधति भारतीय ज्ञान परंपरा केंद्र’ में छात्राओं की ओर से इंटर्नशिप के लिए उत्साहजनक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। जनवरी से जून 2026 तक चलने वाली इस इंटर्नशिप के लिए अब तक 250 से अधिक छात्राओं ने पंजीकरण कराया है। चयन प्रक्रिया 14 नवंबर 2025 को समूह परिचर्चा (Group Discussion) के माध्यम से की जाएगी।
250 से अधिक छात्राओं का पंजीकरण, बढ़ती शैक्षणिक रुचि
कॉलेज प्रशासन के अनुसार, यह इंटर्नशिप केंद्र की पहली पहल है, और इसमें बड़ी संख्या में छात्राओं का जुड़ना यह दर्शाता है कि विद्यार्थियों में भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रति गहरी रुचि और शैक्षणिक जिज्ञासा बढ़ रही है।
यह कार्यक्रम कॉलेज की प्राचार्या प्रो. हरित्मा चोपड़ा के निर्देशन और उप-प्राचार्या प्रो. ज्योति सिंह के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्राओं को भारतीय चिंतन, संस्कृति, परंपरा और ज्ञान-विज्ञान से गहराई से जोड़ना तथा उन्हें अनुभव-आधारित अधिगम (Experiential Learning) का अवसर प्रदान करना है।
इंटर्नशिप में क्या होगा विशेष
केंद्र के नोडल अधिकारी और डीयू के डिप्टी डीन, स्टूडेंट्स वेलफेयर डॉ. प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि चयनित छात्राएं केंद्र की विभिन्न शैक्षणिक और सृजनात्मक गतिविधियों में भाग लेंगी। इनमें शामिल हैं—
– आयोजन और कार्यक्रम समन्वय
– तकनीकी सहयोग और मीडिया प्रबंधन
– प्रलेखन एवं प्रतिवेदन लेखन
– भारतीय ज्ञान-पद्धति पर अनुसंधान में सहायक भूमिका
14 नवंबर को होगी समूह परिचर्चा
चयन प्रक्रिया के तहत 14 नवंबर 2025 को समूह परिचर्चा आयोजित की जाएगी। इसके बाद चयनित छात्राओं को जनवरी से जून 2026 की अवधि के लिए केंद्र से औपचारिक रूप से जोड़ा जाएगा।
प्रमाणपत्र और प्रशंसा पत्र का प्रावधान
कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा करने वाली छात्राओं को विदुषी अरुंधति भारतीय ज्ञान परंपरा केंद्र, मैत्रेयी कॉलेज, और काउंसिल ऑफ इंडिक स्टडीज़ एंड रिसर्च की ओर से प्रशंसा पत्र एवं इंटर्नशिप पूर्णता प्रमाणपत्र संयुक्त रूप से प्रदान किया जाएगा।फिलहाल, यह इंटर्नशिप अवसर केवल मैत्रेयी कॉलेज की छात्राओं के लिए उपलब्ध है।




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