
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) प्रशासन ने अपने 94 प्रोफेसरों को नोटिस भेजा है। इन्होंने लोकसभा चुनाव के दौरान 20 दिनों तक अपने चैम्बर में आमरण अनशन पर बैठे BHU अस्पताल के कार्डियोलॉजिस्ट प्रो ओमशंकर को समर्थन दिया था। इनसे एक सप्ताह में जवाब मांगा गया है। खास बात यह है कि नोटिस पाने वालों में आईएमएस के अलावा बीएचयू के अन्य संकायों के प्रोफेसर और शिक्षक भी शामिल है।
गौरतलब है कि बीएचयू के हृदय रोग विभाग के अध्यक्ष प्रो. ओमशंकर ने 11 मई से 30 मई 2024 तक अपने विभाग में अनशन किया था। उनकी मांग थी कि आईएमएस बीएचयू में सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक का चौथा तल और पांचवां आधा तल हृदय रोगियों के लिए आवंटित किया जाए। 20 दिन तक चले इस अनशन के दौरान सपा, कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों के साथ ही बीएचयू और आईआईटी के शिक्षकों, छात्रों ने भी इसका समर्थन किया था।
बीएचयू के 94 शिक्षकों ने भी कुलपति को पत्र लिखकर प्रोफेसर ओमशंकर का अनशन खत्म कराने और मरीजों के हित में जल्द से जल्द फैसला लेने की अपील की थी। इसको विश्वविद्यालय के नियमों के विपरीत मानते हुए यह कार्रवाई की गई है। नोटिस पाने वाले शिक्षकों में आईएमएस बीएचयू के डॉक्टरों, बीएचयू के विधि संकाय, महिला महाविद्यालय सहित अन्य संकायों के शिक्षक शामिल है। बीएचयू के डिप्टी रजिस्ट्रार विजिलेंस एंड काँफिडिशियल सेक्शन ने 6 जून को सभी शिक्षकों को नोटिस जारी कर एक सपताह में यह जवाब मांगा है कि कुलपति को दिए गए पत्र पर उनके हस्ताक्षर हैं कि नहीं।
बहरहाल, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से नोटिस जारी करने को लेकर शिक्षकों में नाराजगी बताई जा रही है। शिक्षकों का मानना है कि मरीजों के हित में अगर कुलपति को पत्र देकर अपील किया गया तो यह कोई गलत नहीं है। इस पर नोटिस जारी करना गलत है। अब शिक्षक विश्वविद्यालय प्रशासन के इस फैसले के विरोध में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।




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