
सीबीएसई के OSM विवाद को लेकर छात्रों और अभिभावकों के बीच चल रही चर्चाओं के बीच भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) ने JEE के जरिए होने वाले प्रवेश को लेकर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। आईआईटी संस्थानों ने साफ कहा है कि JEE के माध्यम से IIT और NIT में प्रवेश के लिए निर्धारित 75 प्रतिशत अंकों की पात्रता शर्त में किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी।
इस मुद्दे पर सामने आ रही अटकलों और सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं को खारिज करते हुए IIT रुड़की ने स्पष्ट किया कि सभी छात्रों के लिए पहले से निर्धारित नियम ही लागू रहेंगे। संस्थान के अनुसार प्रवेश प्रक्रिया में किसी तरह का बदलाव प्रस्तावित नहीं है और पात्रता मानदंड यथावत रहेगा।
IIT अधिकारियों का कहना है कि देशभर के 36 से अधिक शिक्षा बोर्डों के छात्र JEE परीक्षा में शामिल होते हैं। ऐसे में सभी अभ्यर्थियों के लिए एक समान और निष्पक्ष मानक बनाए रखना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से 75 प्रतिशत अंकों की पात्रता शर्त लागू की गई है। यह नियम पहले ही दिसंबर में जारी सूचना के माध्यम से घोषित किया जा चुका था और छात्रों को इसकी जानकारी पहले से उपलब्ध थी।
संस्थान ने यह भी बताया कि पिछले वर्ष कई ऐसे छात्र रहे जो JEE में सफल होने के बावजूद कक्षा 12वीं में निर्धारित न्यूनतम अंकों की शर्त पूरी नहीं कर पाए। इसके चलते उन्हें IIT और NIT जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश का अवसर नहीं मिल सका। इसी वजह से पात्रता नियमों में बदलाव की संभावना बेहद कम है।
हालांकि IIT प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि वह केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के साथ लगातार संपर्क में है। OSM विवाद से प्रभावित छात्रों की चिंताओं और समस्याओं को समझने के लिए बातचीत जारी है। संस्थान का कहना है कि छात्रों को अनावश्यक भ्रम में नहीं रहना चाहिए और फिलहाल उन्हें जारी पात्रता नियमों के अनुसार ही अपनी तैयारी और प्रवेश प्रक्रिया आगे बढ़ानी चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि JEE जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में समान अवसर और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एकसमान पात्रता मानदंड जरूरी हैं। ऐसे में जब तक कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं होती, 75 प्रतिशत अंकों की शर्त में बदलाव की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए।
छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और सोशल मीडिया या अपुष्ट दावों के आधार पर किसी निष्कर्ष पर न पहुंचें। वर्तमान स्थिति में JEE के माध्यम से IIT और NIT में प्रवेश के लिए निर्धारित पात्रता नियम पहले की तरह ही प्रभावी बने हुए हैं।




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