
गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) की अकादमिक परिषद ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 से एक साल में दो बार एडमिशन लेने के नियम को लागू करने के लिए मंजूरी दे दी है। हाल ही में यूजीसी ने देश में सभी विश्वविद्यालयों को साल में दो बार दाखिला लेने के नियम को लागू करने की छूट दी है। इसके अनुसार सभी विश्वविद्यालय साल में दो बार जुलाई-अगस्त और फिर जनवरी-फरवरी में एडमिशन ले सकते हैं। आईपी यूनिवर्सिटी के अकादमिक काउंसिल से पास होने के बाद 25 जून को यह प्रस्ताव बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की मीटिंग में फाइनल मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
आईपी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो महेश वर्मा ने कहा कि साल में दो बार दाखिले का सिस्टम स्टूडेंट्स और यूनिवर्सिटी दोनों के लिए फायदेमंद है। इससे एजुकेशन का अंतरराष्ट्रीयकरण होगा। हमारे शिक्षा सत्र का शेड्यूल विदेशों के शिक्षा सत्र से मेल खाएगा, जिससे विदेशी छात्रों को हमारे संस्थानों में और हमारे छात्रों को विदेशी संस्थानों में दाखिले के अधिक अवसर मिल सकेंगे। उन्होंने कहा कि इससे स्टूडेंट्स का एनरोलमेंट भी बढ़ेगा। स्टूडेंट्स को एडमिशन के लिए या किसी पेपर को पास करने के लिए एक साल का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। प्लेसमेंट एजेंसियां भी साल में दो बार आएंगी।
साथ ही यूनिवर्सिटी की अकैडमिक काउंसिल ने बीटेक कंप्यूटर साइंस और ऐप्लाइड मैथमेटिक्स शुरू करने की भी मंजूरी दे दी। साथ ही, कई और नए यूजी/पीजी कार्यक्रमों की शुरुआत के साथ यूनिवर्सिटी में पहले से चल रहे कार्यक्रमों की संख्या में बढ़ोतरी और सिंगल गर्ल चाइल्ड सुपरन्यूमर्ररी कोटा भी शुरू करने को मंजूरी दी। जहां तक चिकित्सा और संबद्ध क्षेत्रों में शिक्षा का सवाल है, परिषद ने नर्स प्रैक्टिशनर क्रिटिकल केयर (एनपीसीसी), मास्टर इन पब्लिक हेल्थ (फील्ड एपिडेमियोलॉजी) कार्यक्रमों की पात्रता और प्रवेश मानदंडों को भी मंजूरी दी है।
अकैडमिक काउंसिल ने इंद्रप्रस्थ स्किल डिवेलपमेंट सेंटर के साथ हेल्थ सेक्टर स्किल काउंसिल इमरजेंसी टेक्निशियन, मीडिया एंड एंटरटेनमेंट स्किल्स काउंसिल ग्राफिक डिजाइन और स्किल काउंसिल फॉर ग्रीन जॉब्स रूफटॉप सोलर फोटोवॉल्टिक आंत्रप्रेन्योर प्रोग्राम भी शुरू करने की मंजूरी दी। स्किल पर आधारित इन कोर्सों की काफी मांग है।




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