
कोलंबिया का प्रतिबंधित गुरिल्ला संगठन एस्टेडो मेयर सेंट्रल (ईएमसी) छात्रों को अपने साथ जोड़ने के लिए अब सोशल मीडिया का सहारा ले रहा है। खासकर टिकटॉक पर अपनी आलीशान जीवन शैली के वीडियो दिखाकर कोलंबिया के गुरिल्ला स्कूली बच्चों को अपनी तरफ आकर्षित कर रहे हैं। वे बच्चों से अपने संगठन में शामिल होने के लिए अपील कर रहे हैं। और उनकी ऐसी सक्रियता का यह असर हो रहा है कि बड़ी तादाद में स्कूली छात्र अपनी पढ़ाई छोड़कर गुरिल्ला संगठनों का हिस्सा बन रहे हैं। खासकर कोलंबिया के गरीब और सुदूर इलाकों मेँ यह अब एक बड़ी चिंता का सबब बन चुका है।
कोलंबिया में गुरिल्ला संगठनों में बच्चों की भर्ती का मामला दशकों से एक पेचीदा मसला रहा है। लेकिन इसमें अब सोशल मीडिया का पहलू आ जाने से इससे जूझना मुश्किल हो रहा है। कोलंबियाई ओम्बुड्समैन दफ़्तर की जानकारी के मुताबिक वर्ष 2023 में जहां गुरिल्ला संगठनों ने कम से कम 184 युवा लोगों को अपने संगठन में भर्ती किया था, वह आंकड़ा इस साल महज जून तक ही 159 पहुंच गया है। गुरिल्ला संगठनों में भर्ती हुए ये सभी 18 साल से कम उम्र के बच्चे हैं। कोलंबिया के दक्षिण में काउका जैसे ग्रामीण इलाके के इसमें 124 बच्चे हैं, जो अब गुरिल्ला संगठनों के सदस्य बन चुके हैं। ये इस बात की तस्दीक करते हैं कि गुरिल्ला लड़ाकों के निशाने पर न सिर्फ युवा हैं, बल्कि गरीब और सुदूर इलाकों के स्कूली छात्रों को ये ख़ास तौर पर टारगेट कर रहे हैं।
काउका के ग्रामीण इलाके की एक महिला टीचर का बीबीसी न्यूज़ से कहना है कि महज उनके एक स्कूल से ही कम से कम 15 बच्चे गुरिल्ला संगठन में शामिल होने के लिए पढ़ाई छोड़ कर जा चुके हैं। अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तेजी से स्कूली बच्चों को गुरिल्ला संगठन अपने साथ शामिल कर रहे हैं। उपरोक्त आंकड़े तो वे मामले हैं जिनके बारे में पता है, ज्यादातर मामलों के बारे में तो रिपोर्ट ही नहीं हुई है। यानी महज जून तक 159 छात्रों के गुरिल्ला संगठन में भर्ती कहीं ज़्यादा हो सकता है।
उक्त महिला टीचर का कहना है कि “अब ये क्लासरूम में फैशन बन गया है। क्लासरूम में घुसते ही बच्चे स्मार्टफोन पर अपना वीडियो बनाते दिखते हैं। वे प्रतिबंधित संगठन के प्रतीकों से प्रेरणा लेकर फिल्म बनाते हैं, क्रांतिकारी धुनोंं पर नाचते हुए टिकटॉक वीडियो बनाते हैं। इस तरह का गुरिल्ला समर्थक व्यवहार अब तेजी से आम होता जा रहा है।” और परिणाम यह कि कुछ दिनों बाद ये बच्चे गायब हो जाते हैं और अगली बार वो टिकटॉक वीडियो में दिखते हैं, गुरिल्ला यूनिफॉर्म में हथियार लिए हुए।
पहले ये गुप्त रूप से होता था, लेकिन अब सामान्य होता जा रहा है। दुर्भाग्य से पहले एक या दो बच्चों ने क्लास-रूम में टिकटॉक पर ये क्लिप देखने शुरू किए थे लेकिन अब तो खूब देखे जा रहे हैं। खासकर कोविड महामारी के बाद गुरिल्ला ने सोशल मीडिया का इस्तेमाल काफी बढ़ा दिया है। खास कर टिकटॉक पर उनकी सक्रियता बहुत ज्यादा बढ़ गई है। ज्यादातर छात्र-छात्राओं के पास अब मोबाइल फोन और इंटरनेट है। वो हर समय सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं, लिहाजा बच्चों को गुरिल्ला संगठनों की ओर आकर्षित होने से रोकना मुश्किल हो रहा है।
गौरतलब है कि एस्टेडो मेयर सेंट्रल (ईएमसी) के तीन हजार से ज्यादा सक्रिय सदस्य होने के दावे किये जाते हैं। ड्रग्स की तस्करी से उनके पास पैसा आता है। कई ग्रामीण इलाकों पर उनका दबदबा है। इस तरह वो अपना कद बढ़ाते जा रहे हैं। टिकटॉक पर इनके सैकड़ों अकाउंट की पहचान हुई है, जिनमें कोलंबिया के गुरिल्ला अपनी आलीशान जीवन शैली दिखा रहे थे और दूसरों से इसमें शामिल होने के लिए अपील कर रहे हैं। ईएमसी के गुटों की ओर से पोस्ट किए गए कई वीडियो में सीधी भाषा में किसी गुट में शामिल होने की अपील की गई है। इनमें मारे गए लड़ाकों की याद में गाने हैं। वीडियो में युवा लड़के और लड़कियां हथियार लेकर चलते दिख रहे हैं। कुछ अकाउंट्स में समुराई के इमोजी और कोलंबिया के झंडे लगे हैं।
हालांकि कोलंबिया के रक्षा मंत्री इवान वेलासक्वेज इस तरह के ईएमसी टिकटॉक के वीडियो के ख़तरों से लोगों को आगाह करते हैं और कहते हैं कि ऐसे वीडियो से बच्चों को खासकर नाबालिगों को हथियारबंद समूहों में शामिल होने के लिए उकसाया जा रहा है, लेकिन इसपर अंकुश लगा पाना मुश्किल साबित हो रहा है। कोलंबिया के अधिकारियों के लिए गुरिल्लाओं की ओर से सोशल मीडिया के इस्तेमाल को रोकना आसान काम नहीं है।
खोजी पत्रकार सेंटियोगो रोड्रिग्ज भी कहते हैं कि “ईएमसी के अपने आधिकारिक सोशल मीडिया चैनल हैं। इस पर ये लंबे समय से अपने बयान जारी करता रहता है। उसका वॉट्स ऐप ग्रुप है, उसका फेसबुक अकाउंट भी है। लेकिन ज्यादातर कंटेंट अब टिकटॉक पर डाला जा रहा है और इसके जरिए युवाओं को आकर्षित करने की कोशिश हो रही है। गरीब इलाकों के बच्चों में इस तरह के वीडियो की काफी अपील है। इन्हें उनके बीच ये दिखा कर प्रचारित किया जाता है कि ऐसे फाइटर बन कर आप सबकुछ हासिल कर सकते हैं- पैसा, मोटरसाइकिल सबकुछ।”




Add comment