
हरियाणा में शिक्षा में भ्रष्टाचार से जुड़ा बड़ा मामला सामने आया है। मामला प्राइमरी एजुकेशन डिपार्टमेंट में फेक एडमिशन का है। प्राइमरी स्कूलों में 4 लाख बच्चों के फर्जी दाखिले के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने प्राथमिक शिक्षा विभाग हरियाणा के अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। साथ ही, इन फर्जी छात्रों के नाम पर धन की हेराफेरी करने का भी आरोप है।
दरअसल, पंजाब व हरियाणा हाई कोर्ट के आदेशों पर सीबीआई इस मामले की जांच कर रही थी। सीबीआई 2019 से मामले की जांच कर रही थी। अब लगभग पांच साल बाद मामले में केस दर्ज किया गया है। सीबीआई ने 2014-16 के बीच हरियाणा राज्य के सरकारी स्कूलों में 4 लाख छात्रों के फर्जी प्रवेश और फर्जी छात्रों के नाम पर धन निकालने के आरोप में विभाग के अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
गौरतलब है कि मामला 2016 का है जब गेस्ट शिक्षकों को बचाने के लिए हरियाणा सरकार ने अपील दाखिल की थी। इस दौरान कोर्ट के सामने कुछ चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए थे। कोर्ट ने पाया था कि 2014-15 में सरकारी स्कूलों में 22 लाख छात्र थे जबकि 2015-16 में इनकी संख्या घटकर मात्र 18 लाख रह गई थी। हाई कोर्ट ने इस पर हरियाणा सरकार से पूछा था कि अचानक चार लाख बच्चे कहां गायब हो गए? इस सवाल पर हरियाणा सरकार संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई थी। तब हाई कोर्ट ने हरियाणा सरकार को निर्देश दिया था कि चार लाख फर्जी दाखिले कर सरकारी राशि हड़पने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।




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