
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए (NTA) की ओर से स्नातक दाखिले के लिए सीयूईटी-यूजी, 2024 की परीक्षा आयोजित किये एक महीने से ज़्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन नतीजे अब तक घोषित नहीं किये गए हैं। सीयूईटी-यूजी का परिणाम 30 जून को जारी होना था, लेकिन नतीजा फिलहाल टल गया है। ऐसे में इन नतीजों के आधार पर दाखिला देने वाले देश के 282 विश्वविद्यालयों में दाखिले की प्रक्रिया फिलहाल लटकी पड़ी है।
गौरतलब है कि सीयूईटी-यूजी परीक्षा के आधार पर ही दिल्ली यूनिवर्सिटी, देश के तमाम केंद्रीय विश्वविद्यालय और कई राज्य स्तरीय विश्वविद्यालय दाखिला देते हैं। डीयू ने अपना सत्र एक अगस्त से शुरू करने की घोषणा की थी, लेकिन फिलहाल ऐसा होता संभव नहीं दिख रहा। सीयूईटी-यूजी परीक्षा का परिणाम अभी तक नहीं आने की स्थिति में दाखिला प्रक्रिया शुरू नहीं हो पा रही। यही हाल अन्य यूनिवर्सिटी का है।
संभावित तिथि 30 जून को सीयूईटी-यूजी का नतीजा जारी न हो पाने के पीछे परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी एनटीए की अत्यधिक सतर्कता और कदम फूंक फूंक कर बढ़ाने की कोशिश है। दरअसल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने पहली बार यह परीक्षा हाईब्रिड मोड में कराई थी और नीट-यूजी विवाद के मद्देनजर नतीजे में किसी तरह की चूक नहीं होने देना चाहता। इसलिए परीक्षा परिणाम और मेरिट की कई स्तर पर जांच के बाद ही स्कोर लिस्ट जारी की जाएगी। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, एनटीए के विषय विशेषज्ञ सभी विषयों की हर स्तर पर गहन जांच कर रहे हैं। ताकि चूक की कोई गुंजाइश न रहे। संभावना जताई जा रही है कि नतीजा जारी होने में अभी एक हफ्ते का समय लग सकता है।
नीट-यूजी 2024 की तरह सीयूईटी-यूजी के 15 मुख्य विषयों की परीक्षा पहली बार पेन-पेपर आधार पर हुई थी, जबकि अन्य विषयों की कंप्यूटर आधारित थी। इससे पहले, सीयूईटी-यूजी पूरी तरह कंप्यूटर आधारित परीक्षा होती थी। सूत्रों के मुताबिक, गहन विश्लेषण के बाद ही आंसर-की जारी की जाएगी। इसके छात्र अपनी आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। इसके बाद ही नतीजा जारी होगा।
सीयूईटी-यूजी नतीजों में देरी से 282 विश्वविद्यालयों में स्नातक दाखिला प्रक्रिया अटक गई है। नतीजों में देरी का सबसे ज्यादा असर डीयू, जेएनयू, हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विवि, धर्मशाला, अंबेडकर यूनिवर्सिटी, लखनऊ, इलाहाबाद, बीएचयू, अलीगढ़, जामिया, विश्व भारती,राजस्थान समेत 46 विश्वविद्यालयों में होने वाले दाखिलों पर पड़ेगा। देशभर से लाखों छात्र इन दिग्गज विश्वविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिला लेते हैं।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आगामी शैक्षणिक सत्र में 261 विश्वविद्यालयों को सीयूईटी-यूजी स्कोर से दाखिला देना था। यूजीसी ने शैक्षणिक सत्र 2024 को अगस्त के पहले हफ्ते में शुरू होने की घोषणा की थी। हालांकि, नतीजे में देरी से दाखिला प्रक्रिया अटकी है। इसलिए शैक्षणिक सत्र अगस्त के मध्य या तीसरे हफ्ते में शुरू होने की संभावना है। कहा जा रहा है कि शैक्षणिक सत्र देरी से शुरू होने का पढ़ाई पर असर नहीं पड़ेगा। कोरोना काल में भी शैक्षणिक सत्र में देरी हुई थी लेकिन छुटिट्यों में कटौती और शनिवार को कक्षाएं लगाकर सेमेस्टर सत्र समय से पूरा कर लिया गया था। विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र बेशक अगस्त के पहले हफ्ते से शुरू होता है, लेकिन दाखिले आखिरी हफ्ते तक चलते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, नतीजे आने के बाद विश्वविद्यालय अपना शेड्यूल तैयार करेंगे, जिसमें दूरदराज के क्षेत्रों, मानसून आदि को ध्यान में रखकर दाखिले के पर्याप्त समय देना होगा। हेल्पलाइन नंबर जारी करने होंगे और ऑनलाइन दाखिले की सुविधा भी देनी होगी। ताकि छात्र कहीं से भी फीस, डॉक्यूमेंट आदि जमा करके दाखिला ले सकें।
इस वर्ष सबसे अधिक 157 निजी विश्वविद्यालयों ने स्नातक दाखिला सीयूईटी-यूजी 2024 की मेरिट से करने की घोषणा की है। नतीजे जारी न होने से देश के अधिकतर बड़े निजी विश्वविद्यालयों में भी दाखिला प्रक्रिया अटक गई है जो अब अगस्त के दूसरे या तीसरे हफ्ते तक अपना शैक्षणिक सत्र शुरू करने की तैयारी में जुट गए हैं।




Add comment