
मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2024 (NEET UG 2024) पेपर लीक मामले में परीक्षा आयोजित कराने वाली संस्था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने सर्वोच्च न्यायालय में हलफनामा दायर कर कहा है कि सोशल नेटवर्किंग / मैसेजिंग एप- टेलीग्राम पर पेपर लीक से जुड़े फर्जी वीडियो प्रसारित किए जा रहे हैं। एनटीए ने शीर्ष अदालत में दावा किया है कि पेपर लीक का बताकर जो वीडियो और फोटो प्रसारित किया जा रहा है, इनके साथ छेड़छाड़ की गई है।
सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में कहा गया कि एनटीए ने राष्ट्रीय, राज्य और शहर स्तर और केंद्र स्तर पर NEET-UG 2024 में शामिल हुए अभ्यर्थियों के अंकों के वितरण का विश्लेषण किया है। इस विश्लेषण से पता चलता है कि अंकों का वितरण काफी सामान्य है। एनटीए के मुताबिक ऐसा कोई बाहरी कारक उनके सामने नहीं आया है जिससे यह निष्कर्ष निकाला जा सके कि इससे अभ्यर्थियों को मिलने वाले अंकों पर असर पड़ेगा।
बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में आठ जुलाई को इस मामले की सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने कहा था, ‘एक बात तो साफ है कि प्रश्न-पत्र लीक हुआ है। सवाल यह है कि इसकी पहुंच कितनी व्यापक है? पेपर लीक होना एक स्वीकार्य तथ्य है। लीक की प्रकृति कुछ ऐसी है, जिसका हम पता लगा रहे हैं।
शीर्ष अदालत ने साफ किया था कि दोबारा परीक्षा का आदेश देने से पहले हमें लीक की सीमा के बारे में जानना होगा। ऐसा इसलिए, क्योंकि हम 23 लाख छात्रों के मामले को सुन रहे हैं।’ अदालत ने एनटीए के साथ-साथ केंद्र सरकार से भी सवाल किया था। सुप्रीम कोर्ट ने पूछा था कि इस गड़बड़ी से किन-किन छात्रों को फायदा पहुंचा? यह जानने के लिए क्या कार्रवाई की गई।




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