
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए (NTA) द्वारा नीट-यूजी 2024 (NEET-UG 2024) परीक्षा से संबंधित दायर याचिकाओं पर नोटिस जारी किया, जिसमें राजस्थान हाई कोर्ट के समक्ष लंबित मामलों को सुप्रीम कोर्ट में स्थानांतरित करने की मांग की गई है.
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं लंबित हैं, जिनमें एनईईटी-यूजी 2024 के नतीजों को वापस लेने और परीक्षा को नए सिरे से आयोजित करने के निर्देश देने की मांग की गई है। याचिकाओं में पेपर लीक होने और कई अन्य गड़बड़ियों के आरोप लगाए गए हैं। याचिकाओं के जरिए अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और प्रश्नपत्र लीक होने, कंपनसेटरी नंबर देने और एनईईटी-यूजी के प्रश्न में विसंगति का मुद्दा उठाया था।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) सरकारी और निजी संस्थानों में एमबीबीएस, बीडीएस, आयुष और अन्य संबंधित पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए नीट-यूजी का आयोजन करती है। इस साल पांच मई को यह परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें 571 शहरों के 4,750 परीक्षा केंद्रों पर लगभग 23 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। परीक्षा का रिजल्ट 4 मई को आया, जिसमें 67 अभ्यर्थी को पूरे 720 अंक प्राप्त हुए और दो को 718 और 719 अंक दिए गए। इसी को लेकर विवाद जारी है। परीक्षा में फर्जीवाड़ा और पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन किया गया।
मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही सीबीआई ने इस मामले में अब तक छह प्राथमिकी दर्ज की हैं। इस मामले में करीब 57 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से 12 को केंद्रीय एजेंसी ने और बाकी आरोपियों को विभिन्न राज्य पुलिस बलों ने गिरफ्तार किया है।




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