
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद स्थित 150 साल पुराने टाइट्स स्कूल पर ताला लग गया। जी हां, जिला प्रशासन ने अल्पसंख्यक समुदाय के इस शिक्षण संस्थान पर मंगलवार, 16 जुलाई की सुबह ताला जड़ दिया। जिला प्रशासन की यह कार्रवाई भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हुई, जिसका भारी विरोध भी हुआ। खासकर, ईसाई समुदाय के लोगों ने इस कार्रवाई के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। जाहिर है वे इस स्कूल से भावनात्मक तौर भी जुड़े हुए हैं, लिहाजा उन्हें योगी सरकार की यह कार्रवाई नागवार गुजरी है।
बहरहाल, 150 साल पुराने टाइट्स स्कूल पर जिला प्रशासन द्वारा ताला लगाए जाने के बाद से हड़कंप मच गया है। नगर निगम के साथ मिलकर जिला प्रशासन ने 150 साल पहले अल्पसंख्यक समुदाय के शिक्षण संस्थान को दी गई जमीन खाली करने का आदेश दिया है। स्कूल और उसके आसपास रहने वाले परिवारों को भी दो माह में ज़मीन खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया है। यही वजह है कि जिला प्रशासन की इस कार्रवाई के खिलाफ इलाके के लोग भी विरोध पर उतर आए हैं। 1940 में लीज पर मिली इस भूमि का अनुबंध डीएम द्वारा निरस्त कर देने की बात कहते हुए स्कूल पर नोटिस चस्पा कर दिया गया और परिसर में बोर्ड लगा दिया गया।
दरअसल, टाइट्स स्कूल, मुरादाबाद के कोतवाली सिविल लाइंस इलाके में रिजर्व पुलिस लाइन के सामने स्थित है। 150 साल पहले यह ज़मीन नगर निगम ने अल्पसंख्यक समुदाय के शिक्षण संस्थान को लीज पर दी थी। उस समय से ही यह स्कूल वहां संचालित हो रहा है। पहली से दसवीं क्लास तक का यह स्कूल था। कई उम्रदराज लोगों का कहना है कि वह भी इस स्कूल में पढ़े हैं। लेकिन अब इस ज़मीन को खाली करने का आदेश सुना दिया गया है। मुरादाबाद नगर निगम ने पट्टे की अवधि समाप्त होने के बाद सिविल लाइंस स्थित टाइटस स्कूल और परिसर को कब्जे में ले लिया है। मौके पर निगम का बोर्ड भी लगा दिया गया है।
हालांकि स्थानीय लोगों और स्कूल के प्रबंधन ने ज़िला प्रशासन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है। इस घटना से इलाके में संबंधित समुदाय के लोगों में गुस्से का माहौल है। मामले के प्रकाश में आने पर समाजवादी पार्टी की सांसद रूचिवीरा ने भी मौके पर पहुंच लोगों की बात सुनी। उन्हें बताया गया कि यह स्कूल बहुत पुराना है, इससे उनकी पुरानी स्मृतियाँ जुडी हैं। यह अलग बात कि योगी सरकार साड़ी स्मृतियों को पटल से मिटाने में लगी है।




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