
पुडुचेरी राज्य छात्र और अभिभावक कल्याण संघ ने मेडिकल कॉलेजों के लिए फीस समिति से आग्रह किया है कि निजी कॉलेजों की मौजूदा चिंताओं का समाधान किये जाने तक वर्तमान शैक्षणिक वर्ष के पाठ्यक्रमों के लिए फीस न बढ़ाए जाएं। यह अनुरोध संघ ने एक ज्ञापन के माध्यम से फीस समिति के अध्यक्ष वी बालासुब्रमण्यम से किया है।
अध्यक्ष को संबोधित ज्ञापन में, संघ के अध्यक्ष ने अनुरोध किया है कि सरकारी कोटे के तहत सीटों की संख्या, बुनियादी ढाँचे और वित्तीय रिपोर्टों पर विचार किया जाना जरूरी है। विशेष तौर पर कुछ निजी कॉलेजों द्वारा शैक्षणिक वर्ष 2024-25 से स्नातकोत्तर (पीजी) छात्रों के लिए सरकारी कोटे की सीटें देना बंद करने के फैसले पर चिंता जताई गयी है। फिलहाल यह मुद्दा सरकार और उपराज्यपाल (एलजी) के समीक्षाधीन है।
पुडुचेरी राज्य छात्र और अभिभावक कल्याण संघ का कहना है कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) द्वारा सरकारी कोटे के तहत 50% सीटों के निर्धारित नियमों के बरक्स पुडुचेरी में तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों की तुलना में सिर्फ 35% है जबकि वहां सरकार कोटे के तहत 50% से 65% सीटें आवंटित की जाती हैं। इन चिंताओं पर विचार के लिए संघ ने छात्रों के लिए एक हेल्पलाइन शुरू करने और एक निगरानी समिति स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है, जिसके प्रमुख फीस समिति के निर्देशन में एक सेवानिवृत्त पुलिस अधीक्षक (एसपी) हों।




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