
अमेरिका में भारतीयों समेत अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के लिए परिदृश्य को अनुकूल बनाने वाले एक महत्वपूर्ण कदम में, भारतीय-अमेरिकी कांग्रेसी श्री थानेदार ने देश की संसद (कांग्रेस) में STEM स्नातकों को अमेरिका में बनाए रखने संबंधी अधिनियम (HR 9023) का प्रस्ताव रखा है, जिसका उद्देश्य STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, गणित) स्नातकों के लिए वीजा प्रक्रिया को सरल बनाना है। अमेरिकी कांग्रेस में मिशिगन राज्य के 13वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट का प्रतिनिधित्व करने वाले श्री थानेदार की ओर से पेश विधेयक ज्यादा संख्या में एच-1बी वीजा उपलब्ध होने का जरिया साबित हो सकता है।
प्रस्तावित कानून के परिणामस्वरूप एच-1बी वीज़ा प्रक्रिया में महत्वपूर्ण परिवर्तन होंगे, जिससे STEM स्नातकों के लिए अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अमेरिका में रहना आसान हो जाएगा। ‘कीप एसटीईएम ग्रेजुएट्स इन अमेरिका एक्ट’ में एच1बी वीजा जारी करने की संख्या में वृद्धि और एच1बी आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने का प्रस्ताव है, जिससे अमेरिका में अंतर्राष्ट्रीय एसटीईएम स्नातकों को लाभ होगा। अगर यह विधेयक पारित होकर कानून की शक्ल लेता है तो प्रतिभाशाली विदेशियों के लिए अमेरिका में रहना और काम करना आसान हो जाएगा।
एच-1बी वीजा एक गैर-आप्रवासी रोजगार-आधारित या कार्य वीजा है जो अस्थायी कर्मचारियों के लिए डिजाइन किया गया है। बता दें कि अमेरिकी सरकार ‘गैर-आप्रवासी’ (Nonimmigrant) शब्द का इस्तेमाल उन विदेशी नागरिकों के लिए करती है जिन्हें किसी खास उद्देश्य से अस्थायी तौर पर अमेरिका में रहने की अनुमति दी जाती है।
‘कीप एसटीईएम ग्रेजुएट्स इन अमेरिका एक्ट’ कई प्रमुख परिवर्तनों को प्रस्तावित करता है। विधेयक के जरिये हर वर्ष एच-1बी वीजा की संख्या में बढ़ोतरी करने का प्रस्ताव रखा गया है। एच-1बी वीजा के लिए वर्तमान सीमा 65,000 है जो 2023 में निर्धारित की गई थी। इस वीजा के लिए आवेदन प्रकिया को सरल बनाने का प्रस्ताव रखा गया है ताकि इसे ज्यादा सुलभ बनाया जा सके। एक प्रमुख प्रस्ताव ग्रेजुएट्स को उपयुक्त रोजगार खोजने और करियर में स्थापित होने के लिए ज्यादा समय देने के लिए ज्यादा लचीली विस्तार नीतियां लागू करना है।
H-1B वीजा की वर्तमान सीमा और इसकी आवेदन प्रक्रिया की जटिलताएं अक्सर प्रतिभाशाली अंतरराष्ट्रीय छात्रों को ग्रेजुएट होने के बाद अमेरिका छोड़ने के लिए मजबूर करती हैं। अगर ऐसे ग्रेजुएट्स के लिए अमेरिका में रहना आसान हो जाता है तो देश को उनके इनोवेशन और विशेषज्ञता से लाभ मिलेगा। वहीं, भारतीय तकनीकी पेशेवर, जो एच-1बी वीजा आवेदकों का एक बड़ा हिस्सा हैं, उन्हें इस विधेयक के कानून बनने से काफी लाभ मिलने की उम्मीद है।
फाउंडेशन फॉर इंडिया एंड इंडियन डायस्पोरा स्टडीज (FIIDS) ने इस विधेयक का स्वागत किया है। संस्था ने एक बयान में कहा, “हम सांसद थानेदार को अमेरिका में प्रशिक्षित STEM स्नातकों को बनाए रखने के लिए इस बहुत ही महत्वपूर्ण विधेयक को पेश करने के लिए धन्यवाद देते हैं। इस विधेयक से लगभग 300,000 भारतीय छात्र और लाखों विदेशी छात्र लाभान्वित होंगे। यह एक महत्वपूर्ण विधेयक है क्योंकि कठिन नौकरी बाजार में, उन्हें अमेरिकी अर्थव्यवस्था में योगदान करने के लिए उचित अवसर खोजने के लिए ज्यादा समय की आवश्यकता होती है।”
US Bill H1B Visas




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