
जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के चांसलर पद का चुनाव लड़ेंगे। इस पद के लिए होने वाले चुनाव में ब्रिटेन के दो पूर्व प्रधानमंत्री सर टोनी ब्लेयर और बोरिस जॉनसन भी उम्मीदवारों में शामिल हैं। पहली बार चांसलर के लिए चुनाव ऑनलाइन होगा, लिहाजा इमरान खान जेल से ही ऑनलाइन नामांकन करके चुनाव लड़ सकते हैं। इमरान के एक सहयोगी के मुताबिक इमरान ने चुनाव को लेकर तैयारी शुरू कर दी है।
इमरान खान के अंतरराष्ट्रीय मामलों के सलाहकार सईद जुल्फी बुखारी ने कहा है कि इमरान खान ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के चांसलर पद का चुनाव लड़ेंगे क्योंकि जनता की मांग है कि उन्हें चुनाव लड़ना चाहिए। बता दें कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के संस्थापक इमरान खान (71) अगस्त 2018 से अप्रैल 2022 तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे हैं। वे कई मामलों में गिरफ़्तार किए जाने के बाद अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं। इमरान खान को कुछ मामलों के लिए दोषी भी ठहराया गया है, जिनमें सबसे लंबी सजा नौ साल की है।
गौरतलब है कि इमरान खान ने 1972 में केबल कॉलेज, ऑक्सफ़ोर्ड में इकोनॉमिक्स और राजनीति का अध्ययन किया था। उन्होंने 1971 में पाकिस्तान के लिए पहला टेस्ट क्रिकेट मैच खेला और साथ ही ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय की क्रिकेट टीम की कप्तानी भी की। वर्ष 2005 में, खान ब्रैडफ़ोर्ड विश्वविद्यालय के चांसलर बने और 2014 तक इस पद पर रहे। अब इमरान खान पाकिस्तान में अपनी जेल कोठरी से ही ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के चांसलर पद का चुनाव लड़ेंगे।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पूर्व क्रिकेटर इमरान खान 10 साल की जेल की सजा काट रहे हैं, इसके बावजूद वह ऑनलाइन चुनाव में हिस्सा लेंगे। पहली बार चांसलर के लिए चुनाव ऑनलाइन होगा, जबकि पारंपरिक प्रक्रिया में स्नातकों को पूरी शैक्षणिक पोशाक में प्रक्रिया में शामिल होना पड़ता है। प्रतिष्ठित चांसलर का पद विश्वविद्यालय के स्नातकों को मिलता है, जो आमतौर पर नेता होते हैं।
ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री सर टोनी ब्लेयर और बोरिस जॉनसन भी विश्वविद्यालय के चांसलर बनने के लिए उम्मीदवारों में शामिल हैं। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में चांसलर का पद 80 वर्षीय लॉर्ड पैटन के इस्तीफे के बाद रिक्त हुआ है, जिन्होंने 21 वर्षों तक इस पद पर रहने के बाद पद छोड़ दिया है। इस बार ऑक्सफोर्ड विवि में चांसलर का चुनाव ऑनलाइन मोड में होना है। मतदान में 3.5 लाख से ज्यादा पूर्व छात्र भाग लेंगे।




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