
बोर्ड परीक्षाओं की बात आती है, तो न सिर्फ छात्र बल्कि कई बार माता-पिता भी थोड़ा तनाव में आ जाते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि 10वीं और 12वीं के बोर्ड एग्ज़ाम (Board Examinations) कुछ राज्यों में आसान होते हैं। वहीं, कुछ राज्यों में ये एग्जाम बहुत मुश्किल होते हैं।
नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) के तहत एक मानक-निर्धारण संस्था परख (PARAKH) ने अपनी रिपोर्ट में त्रिपुरा, महाराष्ट्र, गोवा, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के बोर्ड एग्जाम को सबसे कठिन बताया है। परख ने यह रिपोर्ट 17 राज्यों में स्कूल एजुकेशन बोर्ड्स के इंग्लिश और मैथेमैटिक्स के पेपर की स्टडी के बाद तैयार की है।
परख की एनालिसिस में सामने आया कि त्रिपुरा, महाराष्ट्र, गोवा, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल में बोर्ड परीक्षाएं सबसे ज्यादा कठिन होती हैं यानि कि इन पांच राज्यों के स्टूडेंट्स को 10वीं-12वीं में बोर्ड एग्जाम के दौरान सबसे अधिक कठिन सवाल पूछे जाते हैं। पिछले एक साल से PARAKH पहली बार केंद्र सरकार की ओर से देशभर के स्कूल बोर्डों के एसेसमेंट को स्टैंडर्टडाइज करने के लिए एक फॉर्मूला तय करने की कोशिश में 17 स्कूल एजुकेशन बोर्ड्स के पेपर का एनालिसिस कर रहा था।
परख की ताजा रिपोर्ट में कहा गया कि ‘बोर्ड्स में समानता स्थापित करने’ में हाल ही में इसके रिजल्ट पब्लिक किए गए। PARAKH की रिपोर्ट के अनुसार, नॉर्थ ईस्ट राज्य त्रिपुरा में 10वीं-12वीं बोर्ड का पेपर सबसे कठिन पाया गया है। वहां ‘कठिन’ प्रश्नों का अनुपात 66.6 फीसदी था। वहीं महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का 53.57 प्रतिशत, गोवा बोर्ड का 44.66 प्रतिशत, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का 44.44 प्रतिशत और पश्चिम बंगाल बोर्ड का 33.33 प्रतिशत रहा। इन पांचों बोर्ड में से छत्तीसगढ़ के छात्रों की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर थी क्योंकि उनके पेपर में ‘आसान’ प्रश्नों का अनुपात समान (47.62%) था।
PARAKH की रिपोर्ट के अनुसार आसान प्रश्न वे हैं, जिनका उत्तर प्रासंगिक शिक्षण अवसरों से अवगत अधिकांश छात्रों से सही ढंग से देने की अपेक्षा की जाती है। वहीं कठिन कैटेगिरी में उन प्रश्नों को रखा गया है जिनका उत्तर बहुत कम संख्या में छात्र दे पाते हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि गोवा बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षा में सिर्फ कठिन और मीडियम लेवल (55.34%) के ही प्रश्न पूछे गए थे। परख ने अपने एनालिसिस में पाया कि त्रिपुरा, महाराष्ट्र, गोवा, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल बोर्ड के 10वीं और 12वीं के छात्रों को अन्य राज्य बोर्ड की अपेक्षा कठिन प्रश्नों का सामना करना पड़ता है। इस रिपोर्ट में बोर्ड्स को क्वेश्चन पेपर्स ऐसे तैयार करने की सलाह दी गई, जो छात्रों को क्रिएटिविटी और कल्पनाशील बनने में मदद करें।




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