
कांग्रेस सांसद प्रमोद कुमार तिवारी ने स्थापना के दस साल बीतने के बाद भी अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायबरेली के पूरी क्षमता से संचालित नहीं होने पर चिंता जाहिर की है। राज्यसभा में इस विषय को संज्ञान में लाते हुए उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार से राजनीतिक पूर्वाग्रह को खत्म कर इस दिशा में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने की मांग की है।
उच्च सदन में कांग्रेस के उपनेता प्रमोद कुमार तिवारी ने जब यह मांग उठाई तब रायबरेली की पूर्व सांसद सोनिया गांधी भी सदन में मौजूद थीं। तिवारी ने कहा कि रायबरेली में एम्स की स्थापना दस साल पहले सोनिया गांधी ने की थी लेकिन अभी तक यह अपनी पूरी क्षमता के साथ जनता की सेवा नहीं कर पा रहा है। उन्होंने कहा कि उस समय रायबरेली के साथ ही कई और एम्स की आधारशिला भी रखी गई थी, वे अपनी पूरी क्षमता से जनता को समर्पित हो गए हैं लेकिन रायबरेली एम्स आज तक पूरी क्षमता से संचालित नहीं हो सका है।
रायबरेली और आसपास की बड़ी आबादी का उल्लेख करते हुए उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि जनहित को ध्यान में रखते हुए वहां के लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर रायबरेली एम्स को पूरी क्षमता के साथ संचालित किया जाए। इसमें हो रही देरी पर तिवारी ने कहा कि इसका दोष बस इतना है कि यह एम्स रायबरेली में है, इसमें राजनीति नहीं होनी चाहिए। राजनीतिक पूर्वाग्रह खत्म करके एम्स रायबरेली की पूरी बिल्डिंग जल्द बनाई जाए ताकि मरीजों को सुविधा मिल सके।
उन्होंने कहा कि इसके लिए जरुरी भूमि भी उपलब्ध है और चूंकि यह मानवीय पहलु से जुड़ा मामला है, इसलिए इस दिशा में तुरंत कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जरूरी नहीं कि कांग्रेस के लोग ही बीमार पड़े। बीजेपी के लोग ज्यादा बीमार होते हैं…इसको तुरंत शुरु किया जाए।




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