
टेक इंडस्ट्री की अमेरिका की दिग्गज चिप निर्माता कंपनी इंटेल ने अपने 15 फीसदी कर्मचारियों की छंटनी का करने का फैसला किया है। कंपनी को जून तिमाही में 1.6 अरब डॉलर का घाटा हुआ है। इस घाटे के साथ कंपनी अपने दूसरे खर्चों को भी कम करने की योजना बना रही है।
कंपनी का मकसद अपने घाटे में कमी लाना और कामकाज को सुव्यवस्थित करना है। यही वजह है कि इंटेल ने इस साल अपने खर्च में करीब 20 अरब डॉलर की कमी लाने की योजना बनाई है। कर्मचारियों की छंटनी भी इसी योजना का हिस्सा है।
इंटेल के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर डेविड जिंसनर ने कहा कि कंपनी अपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पीसी प्रोडक्ट का विस्तार कर रही है। लेकिन, इसमें कुछ दिक्कतें आ रही हैं। साथ ही, बहुत-से कर्मचारी ऐसे हैं, जिनका नई टेक्नोलॉजी वाले प्रोडक्ट की मैन्युफैक्चरिंग में इस्तेमाल हो रहा है। इसका हमारी दूसरी तिमाही की आय पर बुरा असर पड़ा। जिंसनर ने कहा, ‘हम अपने व्यय में कटौती करके मुनाफे को बेहतर बनाने और अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए सक्रिय कदम उठा रहे हैं।”
इंटेल ने पिछले वर्ष के आखिर में बताया था कि उसके पास 1,24,800 कर्मचारी हैं। इसका मतलब है कि कंपनी अपने करीब 18,000 कर्मचारियों को निकाल सकती है। इंटेल ने जून में इजराइल में एक प्रमुख फैक्ट्री प्रोजेक्ट के विस्तार को भी रोक दिया था। उसमें चिप प्लांट के लिए अतिरिक्त 15 अरब डॉलर का निवेश किया जाना था। उसका मकसद भी खर्च को कम करना था।
इंटेल ने छंटनी का एलान ऐसे वक्त में किया है, जब वह एनवीडिया, एएमडी और क्वालकॉम जैसी प्रतिद्वंद्वी कंपनियों से मिल रही चुनौतियों का डटकर मुकाबला कर रही है। उसने कुछ ऐसी टेक्नोलॉजी को भी पेश किया है, जिनके बारे में उसका दावा है कि वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्रांति की अगुआई करेंगी।




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