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इसरो ने शुरू किया फ्री एआई और मशीन लर्निंग कोर्स, उद्देश्य टेक्नोलॉजी और स्पेस रिसर्च को एक साथ बढ़ावा देना

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो (ISRO) ने मॉडर्न टेक्नोलॉजी और स्पेस रिसर्च को एक साथ बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठाते हुए छात्रों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) कोर्स की शुरुआत की है। 19 से 23 अगस्त तक ऑनलाइन संचालित किया जानेवाला यह कोर्स पूरी तरह से नि:शुल्क है। इस कोर्स के माध्यम से छात्रों को एआई/एमएल और डीएल सहित कई क्षेत्रों का ज्ञान प्राप्त होगा। यह कोर्स आईआईआरएस आउटरीच प्रोग्राम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य अंतरिक्ष क्षेत्र में और उससे परे नवाचार को बढ़ावा देना है। 

इसरो द्वारा ऑनलाइन आयोजित किये जानेवाले इस कोर्स को  सिविल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस और जियोइंफॉर्मेटिक्स जैसे क्षेत्रों के पेशेवरों, छात्रों एवं शोधकर्ताओं के लिए डिजाइन किया गया है। भू-स्थानिक अनुप्रयोगों के लिए एआई, मशीन लर्निंग एवं और डीप लर्निंग (डीएल) में रुचि रखने वालों को विशेष रूप से इस काेर्स में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। 

इस कोर्स के अंतर्गत एआई/ मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग के इंट्रोडक्शन, मशीन लर्निंग के मैथड्स : सुपरवाइज्ड, अनसुपरवाइज्ड एवं रीइनफोर्समेंट, सीएनएन, आरएनएन, आर-सीएनएन, फास्टर आरसीएनएन, एसएसडी, योलो आदि के माध्यम से डीप लर्निंग के कांसेप्ट और उनके अनुप्रयोग, अंतरिक्ष आधारित लाइडार प्रणालियां, गूगल अर्थ इंजन के माध्यम से मशीन लर्निंग, मशीन/ डीप लर्निंग मॉडल के लिए पायथन आदि टॉपिक्स के बारे में जानकारी दी जायेगी। 19 से 23 अगस्त, 2024 तक चलने वाले इस पाठ्यक्रम में ई-क्लास प्लेटफॉर्म के माध्यम से लेक्चर स्लाइड, वीडियो-रिकॉर्ड किये गये लेक्चर्स, ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर और प्रदर्शन संबंधी सामग्री उपलब्ध करायी जायेगी. क्योंकि, यह पाठ्यक्रम आईआईआरएस-इसरो के ई-क्लास प्लेटफॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन संचालित किया जायेगा, जिसके लिए अच्छे इंटरनेट कनेक्शन और बुनियादी कंप्यूटर हार्डवेयर की आवश्यकता होगी।    

इसरो का यह पांच दिन का कोर्स शाम 4 से 5:30 बजे तक आयोजित होगा। इच्छुक उम्मीदवार इसरो के इस कोर्स के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन पत्र जमा करने के बाद उम्मीदवार अपने आवेदन की स्थिति वेबसाइट elearning.iirs.gov.in/edusatregistration/ पर ऑनलाइन भी चेक कर सकते हैं।न्यूनतम 70 प्रतिशत उपस्थिति के साथ कोर्स को पूरा करने पर अभ्यर्थियों को ‘कोर्स पार्टिसिपेशन सर्टिफिकेट’ दिया जायेगा। यह सर्टिफिकेट इसरो लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एलएमएस) से डाउनलोड किया जा सकेगा।     

 

 

Asmita Sarkar

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