
पंजाब में 553 किलोमीटर लंबी भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा के लिए तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) देश की हिफाजत के साथ-साथ एक और महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। और वह है पंजाब के युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए आईईएलटीएस कोचिंग प्रदान करना। जी हां, अपने सामुदायिक प्रयास के तहत बीएसएफ पंजाब के युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय अंग्रेजी भाषा परीक्षण प्रणाली (आईईएलटीएस) की कोचिंग करवा रहा है।
बता दें कि आईईएलटीएस विदेश में अध्ययन, प्रवास या काम के लिए सबसे अधिक मांग वाली अंग्रेजी भाषा दक्षता परीक्षाओं में से एक है। अनुमान है कि हर साल 30 लाख लोग इस परीक्षा में बैठते हैं और दुनिया भर में हजारों नियोक्ता, विश्वविद्यालय, स्कूल और आव्रजन निकाय इसे स्वीकार करते हैं।
सीमा सुरक्षा बल के पंजाब फ्रंटियर के महानिरीक्षक अतुल फुलजेले ने कहा कि बल ने नागरिक कार्रवाई कार्यों के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रदान किए गए धन का उपयोग दो “अच्छे अंग्रेजी बोलने वाले” शिक्षकों को नियुक्त करने के लिए किया, जो राज्य के तरनतारन जिले के अमरकोट में युवाओं को आईईएलटीएस का प्रशिक्षण दे रहे हैं।
उन्होंने कहा, “उस क्षेत्र के कुछ ग्रामीण और बच्चे वहां तैनात हमारी 103वीं बटालियन के अधिकारियों के पास आए और कहा कि उनके पास आईईएलटीएस प्रशिक्षण के लिए आवश्यक धन नहीं है। उन्होंने हमारी मदद मांगी।”
फुलजेले ने बताया, “अब तक लगभग 40-50 बच्चों को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जिनमें से बड़ी संख्या लड़कियों की है। इस कोचिंग को देने का उद्देश्य युवाओं को एक लाभदायक गतिविधि में शामिल करना है जो उन्हें नशे से दूर ले जाएगी। यह एक कौशल है। हम उन्हें दुनिया में जाने और खुद को साबित करने का कौशल दे रहे हैं।”




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