
त्रिपुरा के गोमती जिले में एक नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ के आरोपों का सामना कर रहे एक सरकारी स्कूल शिक्षक की गुस्साई भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस का कहना है कि घटना दो दिन पहले हुई और रविवार को घटना के दो दिन बाद शिक्षक की मौत हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
आरोप है कि 40 वर्षीय शिक्षक ने उदयपुर शहर में ट्यूशन के दौरान छात्रा से छेड़छाड़ की। घटना सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने गुरुवार को शिक्षक की जमकर पिटाई की थी। सहायक पुलिस महानिरीक्षक (कानून-व्यवस्था) अनंत दास ने बताया, “बेरहमी से पिटाई करने के बाद स्थानीय लोग शिक्षक को 8 अगस्त की रात उसकी पत्नी की मौजूदगी में आरके पुर थाने ले गए और उसके खिलाफ छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज कराया। चिकित्सकों की सलाह पर आरोपी रातभर स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में रहा।”
आरोपी टीचर को गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि शुक्रवार को स्थानीय अदालत से उसे जमानत मिल गई। अनंत दास ने बताया कि घर लौटने के बाद टीचर बीमार पड़ गया और उसे अगरतला के जीबीपी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने बताया कि शनिवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
वहीं, स्थानीय विधायक एवं राज्य सरकार में वित्त मंत्री प्रणजीत सिंह रॉय ने प्रतिष्ठित अंग्रेजी शिक्षक पर हमले की निंदा की। उन्होंने कहा, “आरोप किसी पर भी लग सकते हैं, लेकिन कानून को अपने हाथ में लेना अपराध है। मुख्यमंत्री माणिक साहा को शिक्षक की नृशंस हत्या के बारे में जानकारी मिली। पुलिस अपराध में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी।”




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