Edinbox Hindi

लंच में नॉन वेज खाने पर नोएडा के निजी स्कूल ने लगाया प्रतिबंध, विवाद बढ़ा तो कहा- महज अनुरोध था

नोएडा के एक प्राइवेट स्कूल द्वारा वॉट्सएप के माध्यम से पैरेंट्स के लिए सर्कुलर जारी   कर बच्चों के लंच में नॉन वेज खाना देने से बचने के ‘अनुरोध’ ने विवाद खड़ा कर दिया है। कई अभिभावकों ने इसपर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि मैनेजमेंट को उनके बच्चों की फूड च्वाइस पर सवाल उठाने का कोई अधिकार नहीं है। हालांकि कुछ पैरेंट्स ने स्कूल के इस कदम का समर्थन करते हुए कहा कि जब उनके बच्चों के बगल में बैठे क्लासमेट्स नॉन वेज खाते हैं तो उन्हें असहज महसूस होता है। 

वहीं बच्चों को लंचबॉक्स में नॉन वेज खाना न देने की स्कूल की सलाह से पैदा हुए विवाद को बढ़ता देख स्कूल ने अब अपनी ओर से सफाई पेश की है। स्कूल के प्रिंसिपल ने कहा है कि नॉन वेज खाने को बैन नहीं किया गया है, बस छात्रों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पैरेंट्स से लंच में उन्हें नॉन वेज खाना नहीं देने का अनुरोध किया गया था। 

दरअसल, नोएडा के सेक्टर 132 स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) के मैनेजमेंट ने 7 अगस्त को वॉट्सएप के माध्यम से पैरेंट्स के लिए एक सर्कुलर जारी किया था। इस सर्कुलर में कहा गया था कि पैरेंट्स को छात्रों को लंच के लिए टिफिन बॉक्स में नॉन वेज खाना देने से बचना चाहिए। सर्कुलर में आगे कहा गया कि बच्चों का लंच सुबह में पकाया जाता है, इसलिए यह खराब हो सकता है। इससे बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है।

स्कूल मैनेजमेंट ने सर्कुलर में कहा था कि शाकाहारी भोजन का माहौल बना कर हम यह सुनिश्चित करते हैं कि अपनी खाने से जुड़ी प्राथमिकताओं के बावजूद एक साथ भोजन करते समय सभी छात्र सहज महसूस करें। मैनेजमेंट ने आगे बताया कि स्कूल छात्रों के हितों को प्राथमिकता देता है और बच्चों की विविधता का सम्मान करता है।  

बहरहाल,  इस संदेश के बाद स्कूल के नए नियम पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। अभिभावकों ने स्कूल के इस नए फरमान पर खूब विरोध जताया। विवाद जब बढ़ गया तो स्कूल प्रशासन को बैकफुट पर आना पड़ा। विवाद गहराता देख अब स्कूल ने सफाई देते हुए इसे एक अनुरोध बता दिया है। इससे मामला कुछ शांत तो ज़रूर हुआ है लेकिन लोग इसके बावजूद स्कूल की मंशा पर संदेह कर रहे हैं। गौतम बुद्ध नगर अभिभावक कल्याण संघ के संस्थापक सदस्य मनोज कटारिया ने स्कूल के सर्कुलर की आलोचना की है और कहा है कि हरेक बच्चे को वह खाने की स्वतंत्रता है जो उसे पंसद हो। 

 

Asmita Sarkar

Add comment

Recent posts

Most popular

Most discussed